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सुनो कहानी: विष्णु प्रभाकर जी के जन्मदिवस पर विशेष

विष्णु प्रभाकर की "फ़र्क"

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में मुंशी प्रेमचंद की कहानी बांका ज़मींदार का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज विष्णु प्रभाकर जी के जन्मदिवस पर इस विशेष प्रस्तुति में हम लेकर आये हैं विष्णु प्रभाकर की "फ़र्क", जिसको स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने। कहानी का कुल प्रसारण समय 2 मिनट 41 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।


मेरे जीने के लिए सौ की उमर छोटी है
~विष्णु प्रभाकर (१२ जून १९१२- ११ अप्रैल २००९)

विष्णु प्रभाकर जी के जन्मदिवस पर विशेष
हर शनिवार को आवाज़ पर सुनिए एक नयी कहानी


उधर के सैनिक आपको चाय के लिए बुला सकते हैं, जाइएगा नहीं। पता नहीं क्या हो जाए? आपकी पत्नी साथ में है और फिर कल हमने उनके छह तस्कर मार डाले थे।
(विष्णु प्रभाकर की "फ़र्क" से एक अंश)


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#Twenty-fifth Story, Fark: Vishnu Prabhakar/Hindi Audio Book/2009/20. Voice: Anurag Sharma

Comments

बहुत बढ़िया चुनाव है अनुराग जी....
Shamikh Faraz said…
बहुत बढ़िया कहानी है.
Manju Gupta said…
Kahani fark ka gahen sandesh hai. seemaon mein rehenewale log hi seemaon ko batne ke jawabdeh hai. bakriyo ke samuh ke liye koi seema nahi hai. kash ye seemaye manushya ke dil se hat pati. Anurag Sharma ki mithi awaz ke liye punha badhayi.

Manju Gupta.
bhut bdhiya khani haiaur aawaj bhi achhi hai .
badhai
बहुत बढ़िया। इतने कम शब्दों और इस चतुराई से विष्णु प्रभाकर ने बहुत बड़ी बात कह दी है।
Konur said…
kahani Samayik hai, maanav se pashu manviya guno men aage badh gaya. Anurag ji ke swar ne char chand laga diya hai.

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