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Tuesday, April 3, 2012

जानिये सीमा सिंघल की "सदा" में किन गीतों का निवास है -ब्लोग्गर्स चोयिस में आज

और ब्लॉगर सीमा सिंघल.....डरती हैं पसंद बताते.... :) पसंद तो अपनी ही होती है न. तो ये रही इनकी पसंद -

"मेरी पसन्‍द बस ऐसे ही है...अकेलेपन को एक राह मिल जाती है सुनते हुए "


रूक जाना नहीं तू कहीं हार के .... इस गीत के बोल हमेशा एक प्रेरणा देते से लगते हैं इसलिए ...

 


मधुबन खुश्‍बू देता है .... ये गीत इसलिए भाता है जब किसी के चेहरे पर आपकी वज़ह से खुशी होती है ...

जिन्‍दगी हर कदम इक नई जंग है ... जीवन में जब भी कभी उलझन आती है तो बस इस गीत के बोल एक सूकून देते हैं ...



तेरा मुझसे है पहले का नाता कोई...ये गीत बस अच्‍छा लगता है...कुछ ज्‍यादा नहीं कह सकती...

ना मुंह छिपा के जिओ ... ये गीत सुनने में जितना मधुर है उतना ही एक ऊर्जा भी देता है ...

Tuesday, August 23, 2011

सीमा सिंघल के कविता-संग्रह 'अर्पिता' का विमोचन अपने कर-कमलों द्वारा करें

सभी साहित्यप्रेमियों को जन्माष्टमी की बधाइयाँ!

आज हम इस अवसर पर हिन्द-युग्म प्रकाशन की नवीनतम पुस्तक 'अर्पिता' का ऑनलाइन विमोचन कर रहे हैं। यह पुस्तक युवा कवयित्री सीमा सिंघल का प्रथम काव्य-संग्रह है। चूँकि हिन्द-युग्म का यह मंच ज्यादा बोलने-सुनने और कम लिखने का है। इसलिए हम पुस्तक पर अधिक कलम न चलाकर, सर्वप्रथम तो आपको विमोचन का अवसर प्रदान करते हैं। उसके पश्चात अर्चना चावजी की आवाज़ में पुस्तक पर उनके विचार जानते हैं और उनकी आवाज़ में चुनिंदा कविताएँ सुनते हैं।

पहले यहाँ से फीटा काटकर विधिवत लोकार्पण करें।



अब नीचे के प्लेयर से अर्चना जी की आवाज़ में पुस्तक-चर्चा सुनें।

The Radio Playback Originals (Click on the covers to reach out the Albums)



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