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Friday, August 1, 2008

एक चांदनी का झरना बन जाती मैं...

दूसरे सत्र के पांचवे गीत का विश्व व्यापी उदघाटन आज.

दोस्तो,
प्रस्तुत है पांचवा गीत, संगीतकार हैं एक बार फ़िर ऋषि एस, जिनका भी संयोगवश ये पांचवा ही गीत है युग्म के संगीत संग्रह के लिए, साथ में हैं उनके जोडीदार गीतकार सजीव सारथी. ये नए सत्र का पहला फिमेल सोलो गीत है और आवाज़ है मानसी पिम्पले की, जो इससे पहले "बढ़े चलो" में अपनी उपस्थिति बखूबी दर्ज करा चुकी है. तो सुनें और बताएं कैसा लगा आपको ये ताज़ा गीत.

गीत को सुनने के लिए प्लेयर पर क्लिक करें



Friends, here we bring another fresh song made through the internet jamming, like many of our earlier songs. This is the first female solo song for this new season, rendered by Mansi Pimpley, composed by Rishi.S and written by Sajeev Sarathie. "Mein nadi..".is essentially a "feel good" song. A song that is intended to make the listener feel natural and playful about life. It reminds people to be happy in life. It reflects this mood through the character of a playful girl. So guys listen to this brand new song and have your comments as well.

To listen to the song, please click on the player



गीत के बोल - ( Lyrics )

मैं नदी , मैं पवन, हूँ धरा या गगन,
मैं बहूँ या उडूं, बेखुदी में मगन,
मैं यहाँ , मैं वहाँ, मुसाफिर मेरा मन...
मैं नदी.....

शाखों से झांकूं,
किरणों की मानिंद,
भोर की धुन में बाजूं,
बांसुरी सी,
मोरनी बन के नाचूं,
कोयल की तान में गाऊं,
देख बदरी मैं झूमूं,
बावरी सी,
महकी महकी,
है सारी गलियाँ,
छू लूँ मैं तो,
खिलती है कलियाँ,

खोले झरोखे अम्बर,
तारों के सारे मंज़र,
बस जाता चन्दा भी यूं,
मेरी आँखों के अंदर,
एक चांदनी का झरना
बन जाती मैं,
मुझसे बातें करती हैं रातें,
देकर सपनों की सौगातें,



चित्र (बायें से दायें) - ऋषि एस, सजीव सारथी, मानसी पिम्पले

यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंकों से डाऊनलोड कर लें (ऑडियो फ़ाइल तीन अलग-अलग फ़ॉरमेट में है, अपनी सुविधानुसार कोई एक फ़ॉरमेट चुनें)





VBR MP364Kbps MP3Ogg Vorbis


SONG # 05, SEASON # 02, "MAIN NADI...", OPENED ON AWAAZ, HINDYUGM ON 01/08/2008.
Music @ Hind Yugm, Where music is a passion.

Wednesday, July 16, 2008

लता मंगेशकर को अपना रोल मॉडल मानती हैं, गायिका -मानसी पिम्पले, आवाज़ पर इस हफ्ते का उभरता सितारा

आवाज़ पर इस हफ्ते की हमारी "फीचर्ड आर्टिस्ट" हैं - मानसी पिम्पले, हिंद युग्म पर अपने पहले गीत "बढ़े चलो" से चर्चा में आयीं मानसी रमेश पिम्पले, मूल रूप से महाराष्ट्र से हैं, और इन्हे हिंद युग्म से जोड़ने का श्रेय जाता है, युग्म की बेहद सक्रिय कवयित्री सुनीता यादव को. मानसी इन्हीं की शिष्या थीं कभी, और तभी से सुनीता ने इनके हुनर को परख लिया था. मानसी ने अभी-अभी ही अपनी बारहवीं की पढ़ाई पूरी की है, और अब अपने कैरियर से जुड़ी दिशा की तरफ़ अग्रसर है. संगीत को अपना जनून मानने वाली मानसी, लता जी को अपना रोल मॉडल मानती हैं, तथा आज के दौर के, श्रेया घोषाल और शान इनके सबसे पसंदीदा गायिका/गायक हैं. Zee tv के कार्यक्रम Hero Honda सा रे गा मा पा, के लिए भी मानसी का चुनाव हुआ था,जहाँ हिमेश रेशमिया भी बतौर जज़ मौजूद थे, पर नियति ने शायद पहले ही, उनकी कला को दुनिया तक पहुँचने का माध्यम, हिंद युग्म को चुन लिया था. चित्रकला और टेबल टेनिस का भी शौक रखने वाली मानसी, युग्म को एक शानदार प्लेटफोर्म मानती हैं, नए कलाकारों के लिए. जब हमने उनसे बात की तो वो अपने पहले गीत को मिली आपार सराहना से बेहद खुश नज़र आयीं. "I saw a means of pursuing my passion through Hind Yugm, which is a very good platform for new talent and art" - ये कथन थे मानसी के.

नीचे पेश है, हिंद युग्म की मानसी से हुई बातचीत के कुछ अंश, आप भी मानसी की आवाज़ में ये दमदार गीत "बढ़े चलो" अवश्य सुनें और इस उभरती हुई प्रतिभावान गायिका को अपना स्नेह दे.

हिंद युग्म - मानसी स्वागत है एक बार फ़िर, ये बताइए कि संगीत आपके जीवन में क्या महत्त्व रखता है ?

मानसी - संगीत मेरा जनून है, और ये मेरे जीवन में विशेष स्थान रखता है, मेरा मानना है शब्द जब संगीत में ढल कर आते हैं तो हर व्यक्ति तक अपनी पहुँच बना पाते हैं, संगीत वो कड़ी है जो आपको इश्वर से जोड़ती है.

हिद युग्म - आप zee tv के सा रे गा मा पा शो के लिए भी चुनी गई थीं, उसके बारे में बताइए.

मानसी - मैं २००४ में चुनी गई थी पहले राउंड के लिए मगर १८ वर्ष से कम उम्र होने के कारण प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं बन पायी, उसके बाद कभी कोशिश नही की, फ़िर पढ़ाई की तरफ फोकस बदल गया.

हिंद युग्म - क्या आपके अभिभावक आपके इस जनून को बढ़ावा देते हैं ?

मानसी - जी बिल्कुल, ये उनकी प्रेरणा और मार्गदर्शन ही है जो मैं आज यहाँ हूँ, वो मेरे सबसे अच्छे समीक्षक है, जब भी मुझे कुछ गाना होता है, सब से पहले उन्हें ही सुनाती हूँ, ध्यान से सुनकर वो मेरी कमियों को दुरुस्त करते हैं, अगर मैंने कुछ अच्छा गाया है तो ये उन्ही की बदौलत है .

हिंद युग्म - अब आप B Pharma की पढ़ाई करने जा रही हैं, पढ़ाई के साथ-साथ अपने शौक को कैसे प्लान किया है आपने ?

मानसी - अभी तो सारा ध्यान दाखिले और पढ़ाई की तरफ़ ही है, पर संगीत तो हमेशा ही दिनचर्या का हिस्सा रहेगा, मेरी कोशिश रहेगी की इस दौरान अपने रियाज़ के लिए और अधिक समय निकालूं और ख़ुद को इतना काबिल कर लूँ कि किसी भी नए गीत और उन्दा तरीके से निभा पाऊं.

हिंद युग्म - आप हिंद युग्म के लिए एक खोज हैं, हमारे संगीतकार ऋषि एस के साथ काम करना कैसा रहा ?

मानसी - मैं सुनीता मेम की शुक्रगुजार हूँ जिन्होंने मुझे हिंद युग्म और ऋषि एस से मिलवाया, ऋषि जी के संगीत के एक आत्मा है, वो हर गीत पर बहुत मेहनत करते हैं, और गायक को अपनी बात बड़े अच्छे तरीके से समझाते हैं, वो आपको हमेशा सहज महसूस कराते हैं, उनके साथ काम करना बेहद बढ़िया अनुभव रहा.

हिंद युग्म - "बढे चलो" में आपकी गायकी की बहुत तारीफ हुई है, आप कैसा महसूस कर रही हैं ?

मानसी - मैं बहुत खुश हूँ, साथ ही धन्येवाद देना चाहूंगी ऋषि जी और सजीव जी को, जिन्होंने मुझे इस गीत को गाने का मौका दिया, और अलोक शंकर जी का जिन्होंने बहुत सुंदर लिखा इस गीत को, और अपने तमाम समीक्षकों /श्रोताओं का जिन्होंने अपनी टिप्पणियों से मुझे प्रोत्साहित किया, मेरा सोलो गीत "मैं नदी" भी सब को पसंद आएगा, ऐसी मुझे आशा है.

हिंद युग्म - बहुत बहुत शुक्रिया मानसी, आपके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनायें, संगीत का जनून बरकरार रहे और आप इसी तरह मधुर गीत गाती रहें, यही हमारी कामना है ...

मानसी - जी शुक्रिया, मैं हर गाने में अपना बेस्ट देने की कोशिश करूंगी, और उम्मीद करती हूँ कि हिंद युग्म परिवार भी मुझे यूँ ही प्रोत्साहित करता रहेगा .


मूल इंटरव्यू ( original interview )

Hind Yugm - Hi Manasi, Welcome once again, first of all tell us, what place music has in your life, how you connect with music?

Manasi - Music is my passion. It is very close to my heart and it holds a very high place in my life. Music has the power to convey every human feeling which words alone cannot do. And I feel that music is a form of worship, too.

Hind Yugm - You also got selected for ZEE TV, sa re ga ma pa, what was that story?

Manasi- I gave the auditions for Sa Re Ga Ma in 2004 and I just got short-listed in the preliminary round when they informed me that I was under-age (below 18) and so could not participate in the competition. So there was no further development in that and I haven’t tried to participate again after that as studies became my priority.

Hind Yugm - Do your parents support your interest?

A patriotic SongManasi - Oh yes, of course. Without their support and guidance I couldn’t have been whatever I am today. They are my biggest and best critics. If I have to perform or sing, they personally hear the song and point out all the mistakes and make me correct them before I give my performance. Their guidance and support is of extreme importance in my life.

Hind Yugm - Now you are going to study B Pharma, what plan you have, to manage your interest of singing in the coming days ?

Manasi - Right now I am concentrating mainly on my admission and studies. But that doesn’t mean I’ll put a full stop to my passion. I would try to train my voice in this period of my studies so that I can sing even better and be prepared to face any sort of challenge, i.e., to be able to sing any song flawlessly and with the same ease. I would try to continue my ‘riyaaz’ so that I stay in touch with music.

Hind Yugm - You are a found to hind yugm ( thanks to sunita yadav ) how was the experience of working with Rishi S. the composer ?

Manasi - Definitely, I myself wish to thank Sunita ma’am for introducing me to Hind Yugm and Rishi S Balaji. It was really a pleasant experience working on these two songs with Rishi Sir. He is an excellent upcoming composer and his music is definitely the soul of his songs. He makes it a point that the singer understands whatever he wants them to sing and is ready to explain it until it is understood. I consider myself very fortunate to have worked with such a talented person.

Hind Yugm - We are looking forward to hear your first solo song “main nadi",”badhe chalo“ is also well received by the audience, how is the feeling?

Manasi - I am feeling elated and at the same time I wish to thank Rishi sir and Sajeev sir for giving me an opportunity to sing these two songs. and Alok Shankar ji for providing such excellent lyrics, I also wish to thank all our critics who have given their precious comments which will help us to eliminate our flaws and present something much better. I only wish to request all of them to always give their support and encouragement. I am myself looking forward to the release of ‘Main Nadi’ and I hope it gets a good response.

Hind Yugm - Thank you very much manasi, and all the best for your future plans.....keep this passion for music, and keep singing such beautiful songs always ...

Manasi - Thanks for everything. I’ll try my best to give my best to each song I sing and I hope my association with Hind Yugm continues…

बिल्कुल मानसी, हम भी यही उम्मीद करेंगे, कि आप युहीं अपनी आवाज़ का जादू अपने हर गीत में बिखेरती रहें, हिंद युग्म कि समस्त टीम की तरफ़ से आपके उज्जवल भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनायें.

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