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Monday, March 16, 2009

नवलेखन पुरस्कार वितरण समारोह की रिकॉर्डिंग

हिन्द-युग्म महत्वपूर्ण सार्वजनिक साहित्यिक समारोहों की रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराता रहा है ताकि कार्यक्रम का आनंद वे लोग भी ले सकें जो सशरीर समारोह उसमें सम्मिलित नहीं हो सकते। सबसे पहले हमने उदय प्रकाश का कहानीपाठ सुनवाया। फिर तेजेन्द्र शर्मा और गौरव सोलंकी के कथापाठ की रिकॉर्डिंग सुनवाई थी।

आज सुनिए १४ मार्च २००९ को भारतीय ज्ञानपीठ द्वारा आयोजित नवलेखन पुरस्कार वितरण समारोह की रिकॉर्डिंग। इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता की भारतीय ज्ञानपीठ सम्मान २००६ से सम्मानित कवि कुँवर नारायाण। इसके अलावा इस कार्यक्रम में अतिथि के दौर पर अजित कुमार, कैलाश वाजपेयी, अशोक वाजपेयी, ऋता शुक्ल, रवीन्द्र कालिया उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में १३ नई साहित्यकि पुस्तकों का विमोचन हुआ। जिसमें हिन्द-युग्मी विमल चंद्र पाण्डेय और पंकज सुबीर के पहले कहानी-संग्रहों का विमोचन भी शामिल था।

शुरू के ५० सेकेण्ड की रिकॉर्डिंग हमारे पास उपलब्ध नहीं है। कुल समयः २ घण्टे १५ मिनट

सुनें-


आप भी अपने इर्द-गिर्द के होने वाले इस तरह के साहित्यिक आयोजनों की रिकॉर्डिंग podcast.hindyugm@gmail.com पर ईमेल कर सकते हैं। यदि प्रसारित करने लायक गुणवत्ता रही तो प्रसारित कर हमें खुशी होगी।


Tuesday, January 20, 2009

'कथापाठ- एक विमर्श' कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग

सुनिए गौरव सोलंकी, तेजेन्द्र शर्मा, असग़र वजाहत और श्याम सखा का कहानीपाठ


१५ जनवरी २००९ को हिन्द-युग्म ने गाँधी शांति प्रतिष्ठान, नई दिल्ली में 'कथापाठ-एक विमर्श' कार्यक्रम का आयोजन किया था, जिसमें लंदन के वरिष्ठ हिन्दी कहानीकार तेजेन्द्र शर्मा और भारत के युवा कथाकार गौरव सोलंकी का कहानीपाठ हुआ। संचालन हरियाणा के वरिष्ठ हिन्दी साहित्यकार डॉ॰ श्याम सखा 'श्याम' ने किया। प्रसिद्ध कहानीकार असग़र वजाहत मुख्य वक्ता के तौर पर उपस्थित थे। युवा कहानीकार अजय नावरिया और अभिषेक कश्यप ने कहानी और कहानीपाठ पर अपने विचार रखे।

जैसाकि हिन्द-युग्म टीम ने उदय प्रकाश की कहानीपाठ और उसपर नामवर सिंह के वक्तव्य के कार्यक्रम को रिकॉर्ड करके सुनवाया था और यह वादा किया था कि इस तरह के कार्यक्रमों को लेकर उपस्थित होता रहेगा, ताकि वे हिन्दी प्रेमी भी लाभांवित हो सकें, जो किन्हीं कारणों से ऐसे कार्यक्रमों में सम्मिलित नहीं हो पाते।

तो सुनिए और खुद तय करिए कि हिन्द-युग्म द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम कैसा रहा?




Thursday, August 21, 2008

साहित्यिक हिन्दी ऑडियो बुक का हिस्सा बनिए

अपनी पसंद की कहानियों, उपन्यासों, लघुकथाओं, नाटकों, प्रहसनों का पॉडकास्ट बनाने में हमारी मदद करें

हिन्द-युग्म ने अपने आवाज़ प्रोजेक्ट के तहत एक नई योजना बनाई है, जिसके सूत्रधार अनुराग शर्मा यानी स्मार्ट इंडियन हैं, जिन्हें इसका संचालक भी बनाया गया है। इस प्रोजेक्ट के तहत हम ऑडियो बुक पर काम करेंगे। हिन्दी के सभी प्रसिद्ध कहानियों, उपन्यासों, लघुकथाओं, नाटकों, प्रहसनों, झलकियों इत्यादि का पॉडाकास्ट तैयार किया जायेगा। फिर उन्हें एल्बम की शक्ल दिया जायेगा।

इस प्रोजेक्ट में कोई भी अपना हाथ बँटा सकता है। अपने पसंद की कहानियों, उपन्यासों, लघुकथाओं, नाटकों, प्रहसनों, झलकियों इत्यादि को रिकॉर्ड करके हमें podcast.hindyugm@gmail.com पर भेजें। जिस रिकॉर्डिंग की क्वालिटी (गुणवत्ता) अच्छी होगी, हम उसे इसी पृष्ठ (मंच) से प्रसारित करेंगे।

लोगों की जो प्रतिक्रियाएँ आयेंगी, उनपर गौर करते हुए आप अपनी रिकॉर्डिंग में सुधार ला सकते हैं, अभिनय में सुधार ला सकते हैं, सुधार करके दुबारा की गई रिकॉर्डिंग को हम पुरानी रिकॉर्डिंग से बदलते रहेंगे।

अनुराग मानते हैं कि विदेशों में साहित्यिक ऑडियो बुकों का बहुत प्रचलन है, यह भारत में भी ज़रूर प्रसिद्ध होगा। साफ्टवेयर प्रोफैशनल, मल्टीनेशनल कर्मचारियों को इससे राहत मिलेगी। चूँकि उनके पास पढ़ने का अलग से टाइम नहीं होता, लेकिन सुनकर साहित्य से जुड़े रह सकते हैं। इस प्रकार से हम हिन्दी साहित्य को एक लम्बी उम्र दे पायेंगे।
बहुत से ऐसे वृद्ध अप्रवासी हैं, जिन्हें कहानियाँ सुनना एक रिलीफ की तरह लगेगा।

हम भी इसी स्पिरिट से इस कार्य को प्रारम्भ कर रहे हैं और आपसे निवेदन कर रहे हैं कि ऑनलाइन अभिनय, वॉयस ओवरिंग द्वारा साहित्य-बचाने के इस प्रयास का हिस्सा बनें।

रिकॉर्डिंग करना कोई बहुत मुश्किल काम नहीं है। हिन्द-युग्म के नियंत्रक शैलेश भारतवासी ने इसी बावत एक पोस्ट लिखी है, उसकी मदद से आप रिकॉर्डिंग सीख जायेंगे। यहाँ देखें।

The Radio Playback Originals (Click on the covers to reach out the Albums)



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