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Saturday, February 4, 2012

लायी हयात आये...रफीक शेख की मखमली आवाज़ में ज़ौक की क्लास्सिक शायरी

रफीक शेख 

रफीक शेख रेडियो प्लेबैक के सबसे लोकप्रियक कलाकारों में से एक हैं, विशेष रूप से उनके गज़ल गायन के ढेरों मुरीद हैं. रेडियो प्लेबैक के ओरिजिनल एल्बम "एक रात में" में उनकी गाई बहुत सी गज़लें संगृहीत हैं. आज के इस विशेष कार्यक्रम में हम लाये हैं उन्हीं की आवाज़, एक नई गज़ल के साथ. वैसे गज़ल और गज़लकार के बारे में संगीत प्रेमियों को बहुत कुछ बताने की जरुरत नहीं है. इब्राहीम "ज़ौक" की इस मशहूर गज़ल से आप सब अच्छे से परिचित होंगें. इसे पहले भी अनेकों फनकारों ने अपनी आवाज़ में ढाला है, पर रेडियो प्लेबैक के किसी भी आर्टिस्ट के द्वारा ये पहली कोशिश है.

लायी हयात आये कज़ा ले चली चले
ना अपनी ख़ुशी आये ना अपनी ख़ुशी चले |

दुनिया ने किसका राहे-फ़ना में दिया है साथ
तुम भी चले चलो यूं ही जब तक चली चले |

कम होंगे इस बिसात पे हम जैसे बदकिमार
जो चाल हम चले वो निहायत बुरी चले |

Friday, August 15, 2008

जीत के गीत संग, मनाएं जश्न -ऐ- आज़ादी

दूसरे सत्र के सातवें गीत का विश्वव्यापी उदघाटन आज.

सभी संगीत प्रेमियों को आज़ाद भारत की ६१ वीं सालगिरह मुबारक.

कुछ तो है बात जो, हस्ती मिटती नही हमारी,
सदियों रहा है दुश्मन, दौरे जहाँ हमारा.

महंगाई की मार से बेहाल, आतंकवादी हमलों से सहमे, सांप्रदायिक हिंसा से खौफ खाये, एक बेहद मुश्किल दौर से गुजरते आम आदमी के चेहरे पर तब मुस्कराहट लौट आती है जब दूर बीजिंग से ख़बर आती है, कि एक २४ वर्षीय युवा ने ओलंपिक में तिरंगा लहराया है. अपनी तमाम चिताएं, और परेशानियों को भूलकर कश्मीर से कन्याकुमारी तक हर भारतीय फ़िर एक
बार भारतीय होने का गर्व महसूस करने लगता है. आज हमें एक नही, दो नही हजारों, करोड़ों अभिनव बिंद्रा चाहिए, जो असंख्य देश प्रेमियों की, अनगिनत कुर्बानियों की बदौलत मिले इस आज़ादी के तोहफे का मान रख सके. आज हिंद युग्म, देश के युवाओं से अपील करता है कि वो आगे बढ़ें और कमान संभालें, राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें, अपने लिए सही राह चुनें, जीत के लक्ष्य को लेकर चलें, और अपने भीतर छुपे "अभिनव" को बाहर लेकर आयें. कुछ ऐसे ही भावों से ओत प्रेत है, हमारा आज के ये गीत भी. इस गीत के माध्यम से एक बार फ़िर हिंद युग्म अपनी एक और नई खोज, एक नई आवाज़ को विश्वमंच दे रहा हैं. ओडिसा की मिट्टी से उड़कर एक आवाज़ जो दूर UK में जाकर बस गयी थी,बिस्वजीत की,जिसे ढूंढ निकला हमारी टीम ने. संगीत है, ऋषि एस का और बोल लिखे हैं, सजीव सारथी ने. तो सुनिए ये ताज़ातरीन गीत और इस युवा गायक को अपना मार्गदर्शन देकर प्रोत्साहित कीजिये.

गीत को सुनने के लिए नीचे के प्लेयर पर क्लिक करें -




"Jeet Ke geet" is an inspirational song for people fighting for different purposes in life. This song is for motivating them to keep going ahead when they loose hopes at the times of failure. The uniqueness of the song is, it is a song of everyone as life is never complete without hurdles.

This has been rendered by Biswajit, the newest Hind Yugm discovery presently working in Bristol,UK for whom singing is his life. About making of this song, he states-
"The major challenge in this song was to have an inspirational voice while singing. So, I was remembering how my father used to inspire when I was not doing well in the exams. How he was sounding at that time. That really helped”.

Composer Rishi S. put the experience in these words -

कुछ गाने ऐसे होते हैं जो मैं अपने ख़ुद के लिये बनाता हूँ ."जीत के गीत" ऐसा ही एक गाना है. बिस्वजीत जी का यह पहला गाना है युग्म के लिए. मैंने तस्वीर बनाई तो, सजीव जी ने उसमें रंग भर दिए और बिस्वजीत जी की आवाज़ ने उसमें जान फूंक दी जैसे. अगर धुन बनाते समय यह पता होता कि इस गाने के बोल और आवाज़ इतनी बढ़िया होगी तो शायद इससे बेहतर कुछ बना लेता ! Thanks to Sajeev and Biswajith

Like earlier songs of Hind Yugm, this song also has been made through
the internet jamming ( This time it was between India, US and UK ). Hope this song is going to inspire the listeners to achieve their dreams.

To listen to this brand new song, please click on the player below





Lyrics - गीत के बोल

बहते बहते धारे,
कहते तुझसे सारे,
चलना है राही ये जीवन,
छाए बादल कारे,
डूबे चन्दा तारे,
डूबे न साथी तेरा मन,
साँस में आस के सुर,
दिल में मंजिल की धुन,
जीत के गीत गा रे ....
बहते बहते धारे,
कहते तुझसे सारे,
चलना है साथी ये जीवन,

माना राहें तेरी,
इस पल हैं अँधेरी,
ढलने ही वाली है ये रात,
बदलेगा ये मौसम,
कल ये सारा आलम,
समझेगा तेरे दिल की बात,
थम ना जाना, बीच सफर राही,
है किनारा, तेरा, आज भंवर साथी,
तूफानों से तू लड़ता चल...
बहते बहते....

पर्वत सा इरादा,
कर ले ख़ुद से वादा,
हारेगा न तू हौसला,
निश्चल तेरा मन हो,
सच्ची जो लगन हो,
तो फ़िर है क्या ये फासला,
मन के हारे, हार है साथी
मन के जीते, बढ़ते, जाते राही,
सच की डगर तू चलता चल...
बहते बहते...

यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंकों से डाऊनलोड कर लें (ऑडियो फ़ाइल तीन अलग-अलग फ़ॉरमेट में है, अपनी सुविधानुसार कोई एक फ़ॉरमेट चुनें)




VBR MP364Kbps MP3Ogg Vorbis



SONG # 07, SEASON # 02, "JEET KE GEET" OPENED ON 15/08/2008 @ HINDYUGM AWAAZ.
Music @ Hind Yung, where music is a passion

Sunday, August 10, 2008

समीक्षा के अखाडे में दूसरा दंगल

सरताज गीत बनने की जंग शुरू हो चुकी है, जुलाई के जादूगर गीत, जनता की अदालत में हाज़री बजाने के बाद, पहले चरण की समीक्षा की कठिन परीक्षा से गुजर रहे हैं, जैसा की हम बता चुके हैं कि पहले चरण में ३ समीक्षक होंगे और दूसरे और अन्तिम चरण में दो समीक्षक होंगे, समीक्षा का दूसरा चरण सत्र के समापन के बाद यानी जनवरी के महीने शुरू होगा, फिलहाल देखते हैं कि पहले चरण के, दूसरे समीक्षक ने जुलाई के जादूगरों को कितने कितने अंक दिए हैं. इस समीक्षा के अंकों में पहली समीक्षा के अंक जोड़ दिए गए हैं जिसके आधार पर, हमारे श्रोता देख पाएंगे कि कौन सा गीत है, अब तक सबसे आगे.

गीत समीक्षा

संगीत दिलों का उत्सव है ....

पहला गीत है “संगीत दिलों का उत्सव है…” सभी गीतों में सबसे श्रेष्‍ठ.. गीत संगीत और गायकी सब कुछ एकदम परफेकक्ट ... गीत संगीत और गायकी तीनों पक्षों में ताजगी लगती है। बीच बीच में आलाप बहुत प्रभावित करता है। इस गीत को 8 नंबर दे रहा हूँ।

संगीत दिलों का उत्सव है... को दूसरे निर्णायक द्वारा मिले 8/10 अंक, कुल अंक अब तक 14 /20

बढे चलो.

दूसरा गीत है “बढ़े चलो…”, आज के हिन्द का युवा...ठीक कह सकते हैं। बहुत दिल को छू नहीं पाया। आज के प्रचलन के हिसाब से ठीक है। गायकी अच्छी है पर संगीत तेज है और वाद्ययंत्रों की आवाज हावी हो जाने के कारण गीत में वो बात नहीं बन पाई जो गीत के बोलों के हिसाब से बन सकती थी। इस गीत को मैं 6 नंबर ही दे पा रहा हूँ.

बढे चलो, को दूसरे निर्णयक से अंक मिले 6 / 10, कुल अंक अब तक 13 /20.

आवारा दिल.

तीसरा गीत है, “आवारा दिल…”। बढ़िया गीत... इतनी कम उम्र में संगीतकार ने जो काम किया है उस हिसाब से उनका भविष्य उज्जवल है। गीत अच्छा संगीत बेहतर और गायकी बेहतरीन इस गीत को 7 नंबर दे रहा हूँ।

आवारा दिल, को दूसरे निर्णायक से मिले 7 / 10, कुल अंक अब तक 15 /20.


तेरे चेहरे पे ...

आखिरी गीत एक गज़ल है “तेरे चेहरे पे…”। छोटा सी ग़ज़ल, संगीत गीत और गायकी में ताजगी। बहुत बढ़िया संयोजन। इस गीत को भी 7 नंबर मिल रहे हैं

तेरे चेहरे पे..., को दूसरे निर्णायक ने मिले 7 /10, कुल अंक अब तक 13 /20

चलते चलते...

तो दोस्तों, दो समीक्षकों के निर्णय आ चुके हैं, अभी भी पहले चरण में "आवारा दिल" ने बढ़त कायम रखी है, "संगीत दिलों का उत्सव है..." तीसरे स्थान से उछल कर दूसरे पर आ गया है, और शीर्ष गीत को कड़ी चुनौती दे रहा है. अब तीसरे (पहले चरण के अन्तिम) समीक्षक के निर्णय के बाद ही स्थिति साफ़ हो पायेगी. तीसरे समीक्षक की पारखी समीक्षा लेकर हम उपस्थित होंगे अगले रविवार को. हिंद युग्म, आवाज़ द्वारा संगीत के क्षेत्र में हो रहे इस महाप्रयास के लिए अपना बेशकीमती समय निकल कर, युवा कलाकारों को प्रोत्साहन/ मार्गदर्शन देने के उद्देश्य से आगे आए हमारे समीक्षकों के प्रति हिंद युग्म की पूरी टीम अपना आभार व्यक्त करती है.

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