Sudha Arora लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
Sudha Arora लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

मंगलवार, 7 मई 2013

एक औरत: तीन बटा चार - सुधा अरोड़ा

इस साप्ताहिक स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अर्चना चावजी के स्वर में मुंशी प्रेमचंद की अमर कहानी "दो बैलों की कथा" का पाठ सुना था।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं सुधा अरोड़ा की कहानी एक औरत: तीन बटा चार जिसे स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।

कहानी "एक औरत: तीन बटा चार" का गद्य अभिव्यक्ति पर उपलब्ध है। इस कथा का कुल प्रसारण समय 13 मिनट 10 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।


आत्माएं कभी नहीं मरतीं। इस विराट व्योम में, शून्य में, वे तैरती रहती हैं - परम शान्त होकर। ~ सुधा अरोड़ा

परिचय: चार अक्तूबर १९४६ को लाहौर में जन्मी सुधा जी की शिक्षा-दीक्षा कोलकाता में हुई जहां उन्होंने अध्यापन भी किया। एकदम विशिष्ट पहचान वाली अपनी कहानियों के लिए जानी गयी सुधा जी की जहां अनेकों पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं वहीं वे सम्पादन और स्तम्भ लेखन से भी जुडी हैं। वे आजकल मुम्बई में रहती हैं।

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

“कार्निस पर रखी हुई आधुनिक फ्रेमों में जड़ी विदेशी पृष्ठभूमि में एक स्वस्थ - संतुष्ट दंपति के बीच एक खूबसूरत लड़की की तस्वीर थी।”
 (सुधा अरोड़ा रचित "एक औरत: तीन बटा चार" से)


नीचे के प्लेयर से सुनें.


(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)
 यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
एक औरत: तीन बटा चार MP3

#16th Story, Ek Aurat Teen Bata Chaar: Sudha Arora/Hindi Audio Book/2013/16. Voice: Anurag Sharma

शनिवार, 6 नवंबर 2010

सुनो कहानी - एक कवि पत्नी का संलाप: सत्ता संवाद

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में विष्णु प्रभाकर की कहानी "पानी की जाति" का पॉडकास्ट सुना था।

आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं प्रसिद्ध लेखिका सुधा अरोड़ा की कहानी "एक कवि पत्नी का संलाप: सत्ता संवाद", जिसको स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। कहानी का कुल प्रसारण समय है: 10 मिनट 24 सेकंड।

सुधा अरोड़ा की कथा अन्नपूर्णा मंडल की आखिरी चिट्ठी को आप पहले ही प्रीति सागर की आवाज़ में सुन चुके हैं। उन्हीं की लिखित "रहोगी तुम वही" को आपने सुना था रंगमंच, दूरदर्शन और सार्थक सिनेमा के प्रसिद्ध कलाकार राजेन्द्र गुप्ता की आवाज़ में।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।



आत्माएं कभी नहीं मरतीं। इस विराट व्योम में, शून्य में, वे तैरती रहती हैं - परम शान्त होकर।
~ सुधा अरोड़ा

परिचय: चार अक्तूबर १९४६ को लाहौर में जन्मी सुधा जी की शिक्षा-दीक्षा कोलकाता में हुई जहां उन्होंने अध्यापन भी किया। एकदम विशिष्ट पहचान वाली अपनी कहानियों के लिए जानी गयी सुधा जी की जहां अनेकों पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं वहीं वे सम्पादन और स्तम्भ लेखन से भी जुडी हैं। वे आजकल मुम्बई में रहती हैं।

"पर तुम्हें क्या फर्क पड़ता है?"
(सुधा अरोड़ा की "सत्ता संवाद" से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.
(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)


यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंकों से डाऊनलोड कर लें (ऑडियो फ़ाइल तीन अलग-अलग फ़ॉरमेट में है, अपनी सुविधानुसार कोई एक फ़ॉरमेट चुनें)
VBR MP3

#110th Story, Rahogi Tum Vohi: Sudha Arora/Hindi Audio Book/2010/42. Voice: Anurag Sharma

शनिवार, 28 अगस्त 2010

सुनो कहानी का सौवाँ अंक: सुधा अरोड़ा की "रहोगी तुम वही"

सुनो कहानी के शतकांक पर आवाज़ की टीम की ओर से सभी श्रोताओं का हार्दिक आभार!

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में कृश्न चन्दर की कहानी "एक गधे की वापसी" का अंतिम भाग सुना था।

आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं शतकांक की विशेष प्रस्तुति - प्रसिद्ध लेखिका सुधा अरोड़ा की बहुचर्चित कहानी "रहोगी तुम वही", जिसको स्वर दिया है रंगमंच, दूरदर्शन और सार्थक सिनेमा के प्रसिद्ध कलाकार राजेन्द्र गुप्ता ने। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। कहानी का कुल प्रसारण समय है: 11 मिनट 9 सेकंड।

सुधा अरोड़ा की कथा अन्नपूर्णा मंडल की आखिरी चिट्ठी को आप पहले ही प्रीति सागर की आवाज़ में सुन चुके हैं।


रहोगी तुम वही में पति का एकालाप, ज़ाहिरा तौर पर पत्नी से मुखातिब है। पति के पास, पत्नी से शिक़ायतों का अन्तहीन भन्डार है, जिन्हें वह मुखर हो कर पत्नी पर ज़ाहिर कर रहा है। रोज़मर्रा की आम बातें हैं। उसे पत्नी के हर रूप से शिक़ायत है; और ये रूप अनेक है। वह उन्हें स्वीकारना नहीं चाहता; इसलिए कहे चले जा रहा है कि रहोगी तुम वही, यानी हर हाल, मेरे अयोग्य। निहितार्थ, न मैं बदल सकता हूँ, न तुम्हारे बदलते स्वरूप को सहन कर सकता हूँ, इसलिए रहोगी तुम वही, मुझ से पृथक। पत्नी के पास कहने को बहुत कुछ है पर लेखक को उससे कुछ कहलाने की ज़रूरत नहीं है; अनकहा ज़्यादा मारक ढंग से पाठक तक पहुँच रहा है। क्या कोई पाठक इतना संवेदनहीन हो सकता है कि इस विडम्बना को ग्रहण न कर पाये? शायद हो। मुझे ज़्यादा मुमकिन यह लगता है कि ग्रहण कर लेने के कारण ही, अपने बचाव के लिए वह वही ढोंग करे , जा कहानी का प्रवक्ता पति कर रहा है।~मृदुला गर्ग

सुधा अरोड़ा से उर्मिला शिरीष की बातचीत
सुनो कहानी कार्यक्रम ने आज अपना पहला शतक लगाया है। इस शुभ अवसर पर सभी श्रोताओं को "आवाज़" की टीम की ओर से हार्दिक आभार! ~अनुराग शर्मा

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।



आत्माएं कभी नहीं मरतीं। इस विराट व्योम में, शून्य में, वे तैरती रहती हैं - परम शान्त होकर।
~ सुधा अरोड़ा

परिचय: चार अक्तूबर १९४६ को लाहौर में जन्मी सुधा जी की शिक्षा-दीक्षा कोलकाता में हुई जहां उन्होंने अध्यापन भी किया। एकदम विशिष्ट पहचान वाली अपनी कहानियों के लिए जानी गयी सुधा जी की जहां अनेकों पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं वहीं वे सम्पादन और स्तम्भ लेखन से भी जुडी हैं। वे आजकल मुम्बई में रहती हैं।

ऐसी ही बीवियों के शौहर फिर खुले दिमाग वाली औरतों के चक्कर में पड़ जाते हैं और तुम्हारे जैसी बीवियां घर बैठ कर टसुए बहाती हैं। पर अपने को सुधरने की कोशिश बिलकुल नहीं करेंगी!
(सुधा अरोड़ा की "रहोगी तुम वही" से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.
(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)


यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंकों से डाऊनलोड कर लें (ऑडियो फ़ाइल तीन अलग-अलग फ़ॉरमेट में है, अपनी सुविधानुसार कोई एक फ़ॉरमेट चुनें)
VBR MP3

#100th Story, Rahogi Tum Vohi: Sudha Arora/Hindi Audio Book/2010/32. Voice: Rajendra Gupta

शनिवार, 7 अगस्त 2010

सुनो कहानी: सुधा अरोड़ा की अन्नपूर्णा मंडल की आखिरी चिट्ठी

सुधा अरोड़ा की कहानी अन्नपूर्णा मंडल की आखिरी चिट्ठी

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ।
पिछले सप्ताह आपने कविता वर्मा की आवाज़ में कन्नड साहियत्यकार रामचन्द्र भावे की कहानी 'वारिस' का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं सुधा अरोड़ा की कहानी "अन्नपूर्णा मंडल की आखिरी चिट्ठी", जिसको स्वर दिया है प्रीति सागर ने। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। कहानी का कुल प्रसारण समय है: 14 मिनट 24 सेकंड।

इस कहानी का टेक्स्ट हिन्दीनेस्ट पर उपलब्ध है।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।



आत्माएं कभी नहीं मरतीं। इस विराट व्योम में, शून्य में, वे तैरती रहती हैं - परम शान्त होकर।
~ सुधा अरोड़ा

हर शनिवार को आवाज़ पर सुनिए एक नयी कहानी

कहीं मेरे पति घर में घुसते ही इन सब पर चप्पलों की चटाख-चटाख बौछार न कर दें या मेरी सास इन पर केतली का खौलता हुआ पानी न डाल दें।
(सुधा अरोड़ा की "अन्नपूर्णा मंडल की आखिरी चिट्ठी" से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.
(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)


यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंकों से डाऊनलोड कर लें (ऑडियो फ़ाइल तीन अलग-अलग फ़ॉरमेट में है, अपनी सुविधानुसार कोई एक फ़ॉरमेट चुनें)
VBR MP3

#Eighty Sixth Story, annpoorna mandal ki akhiri chitthi: Sudha Arora/Hindi Audio Book/2010/30. Voice: Preeti Sagar

The Radio Playback Originals (Click on the covers to reach out the Albums)



Popular Posts सर्वप्रिय रचनाएँ