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Tuesday, October 16, 2018

ऑडियो: लघुकथा - वंदना अवस्थी दुबे

इस लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम आपको सुनवाते रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा के स्वर में उन्हीं की लघुकथा तर्पण सुनी थी।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं वंदना अवस्थी दुबे की एक लघुकथा जय हो माई जिसे स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।

प्रस्तुत लघुकथा का गद्य "फ़ेसबुक" पर उपलब्ध है। "जय हो माई" का कुल प्रसारण समय एक मिनट 59 सेकण्ड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिकों, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।


वंदना अवस्थी दुबे
पाँच वर्षों तक आकाशवाणी छतरपुर में अस्थायी उद्घोषिका के रूप में कार्य करने के बाद "दैनिक देशबंधु"- सतना में उप सम्पादक/फ़ीचर सम्पादक के रूप में बारह वर्षीय कार्यानुभव वर्तमान में निजी विद्यालय का संचालन, स्वतंत्र पत्रकारिता और लेखन कार्य। 

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

"गणेश जी आये हैं माताजी, दीजिये उन्हें कुछ।”
(वंदना अवस्थी दुबे कृत "जय हो माई" से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.


(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)
यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाउनलोड कर लें:
जय हो माई MP3

#Twenty Third Story, Dera Ukhadane Se Pahle: Vandana Awasthi/Hindi Audio Book/2018/23. Voice: Anurag Sharma

Tuesday, April 17, 2018

डेरा उखड़ने से पहले - वंदना अवस्थी दुबे

इस लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम आपको सुनवाते रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा के स्वर में मुंशी प्रेमचंद की एक प्रेरक कथा पञ्च परमेश्वर सुनी थी।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं वंदना अवस्थी दुबे की एक कथा डेरा उखड़ने से पहले जिसे स्वर दिया है पूजा अनिल ने।

प्रस्तुत कथा का गद्य "सेतु द्वैभाषिक पत्रिका" पर उपलब्ध है। "डेरा उखड़ने से पहले" का कुल प्रसारण समय 26 मिनट 22 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।


वंदना अवस्थी दुबे
पाँच वर्षों तक आकाशवाणी छतरपुर में अस्थायी उद्घोषिका के रूप में कार्य करने के बाद "दैनिक देशबंधु"- सतना में उप सम्पादक/फ़ीचर सम्पादक के रूप में बारह वर्षीय कार्यानुभव वर्तमान में निजी विद्यालय का संचालन, स्वतंत्र पत्रकारिता और लेखन कार्य। 

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

"झट से फोन पटक दिया आभा जी ने, जैसे किसी अपवित्र करने वाली चीज़ को छू लिया हो।”
(वंदना अवस्थी दुबे कृत "डेरा उखड़ने से पहले" से एक अंश)


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(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)
यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
डेरा उखड़ने से पहले MP3

#Eighth Story, Dera Ukhadane Se Pahle: Vandana Awasthi/Hindi Audio Book/2018/8. Voice: Pooja Anil

The Radio Playback Originals (Click on the covers to reach out the Albums)



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