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Tuesday, January 15, 2019

ऑडियो: शेर और कवया (उदयन वाजपेयी) - उषा छाबड़ा

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा के स्वर में  प्रियांकी मिश्रा के संस्मरण "मेघ" का वाचन सुना था।

आज प्रस्तुत है उदयन वाजपेयी की रोचक बालकथा 'शेर और कवया', जिसे स्वर दिया है उषा छाबड़ा ने।

यह कहानी तक्षशिला प्रकाशन की पत्रिका साइकिल में प्रकाशित हुई थी। इसका कुल प्रसारण समय 9 मिनट 4 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितने सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिकों, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं आदि को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।


विचारक, अनुवादक, पत्रकार, और साहित्यकार उदयन वाजपेयी का जन्म 04 जनवरी 1960 को सागर (मध्य प्रदेश) में हुआ था।

कम-से-कम भारत में राष्ट्रवाद के उभरने के पीछे हमारा आधुनिकता की अन्ध-स्वीकृति और अपनी पारम्परिक दृष्टियों का उतना ही अन्धा तिरस्कार है।
~ उदयन वाजपेयी

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

“उस इलाके में कहानी कहने वाले को कवया कहा जाता है।" (उदयन वाजपेयी की कथा 'शेर और कवया' से एक अंश)


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शेर और कवया (उदयन वाजपेयी) MP3

#Third Story, Sher Aur Kavaya; Udayan Vajpeyi; Hindi Audio Book/2019/03. Voice: Usha Chhabra

Tuesday, February 6, 2018

मैजस्टिक मूँछें - सलिल वर्मा, उषा छाबड़ा, अनुराग शर्मा

'बोलती कहानियाँ' स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में विष्णु प्रभाकर की कहानी रोटी या पाप का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं अनुराग शर्मा की "मैजस्टिक मूँछें", जिसको स्वर दिया है सलिल वर्मा, उषा छाबड़ा, और अनुराग शर्मा ने।

कहानी का कुल प्रसारण समय 19 मिनट 45 सेकण्ड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

अनुराग शर्मा की कहानी मैजेस्टिक मूँछें का गद्य हिंदी समय पर उपलब्ध है। यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानी, उपन्यास, नाटक, धारावाहिक, प्रहसन, झलकी, एकांकी, या लघुकथा को स्वर देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

शक्ति के बिना धैर्य ऐसे ही है जैसे बिना बत्ती के मोमबत्ती।
अनुराग शर्मा (पिट्सबर्ग)

हर सप्ताह यहीं पर सुनिए एक नयी कहानी

"तुम जबसे गयीं, निपट अकेला हूँ। वही शनिवार, वही तीसरा पहर, वही अड्डा, वही बेंच, वही आवाज़ें।"
(अनुराग शर्मा की "मैजस्टिक मूँछें" से एक अंश)

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मैजेस्टिक मूँछें mp3

#Fourth Story: Majestic Moustache; Author: Anurag Sharma; Voice: Salil Varma, Usha Chhabra, Anurag Sharma; Hindi Audio Book/2018/4.

Tuesday, November 14, 2017

बोलती कहानियाँ: खेल (ऑडियो)

'बोलती कहानियाँ' स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको नई-पुरानी, प्रसिद्ध-अल्पज्ञात, मौलिक-अनूदित, हर प्रकार की हिंदी कहानियाँ सुनवाते रहे हैं। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में सुदर्शन रत्नाकर की लघुकथा "विश्वसनीय" का पॉडकास्ट सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं उषा छाबड़ा की बालकथा "खेल", उन्हीं के स्वर में।

इस बालकथा का टेक्स्ट उनके ब्लॉग अनोखी पाठशाला पर उपलब्ध है। इस बालकथा का कुल प्रसारण समय 3 मिनट 8 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।



इंसानियत की मशाल सब मिलकर उठाएँ
जश्न मानवता का एक जुट हों मनाएँ
चलो सब एक हो नया गीत गुनगुनाएँ
प्रेम के संदेश को जन जन में फैलाएँ
~ उषा छाबड़ा

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी कहानी


"बड़ी हुई तो क्या हुआ। मैं तो उससे बात भी नहीं करूंगा।"
(उषा छाबड़ा की "खेल" से एक अंश)



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खेल MP3

#Nineteenth Story, Khel: Usha Chhabra/Hindi Audio Book/2017/19. Voice: Usha Chhabra

Tuesday, May 9, 2017

उषा छाबड़ा का साक्षात्कार - सजीव सारथी

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। इस शृंखला में पिछली बार आपने अर्चना चावजी के स्वर में मालती जोशी की लघुकथा आखरी शर्त का वाचन सुना था।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं बाल साहित्य के क्षेत्र में एक जाना पहचाना नाम, उषा छाबड़ा, जिनसे बातचीत कर रहे हैं, रेडियो प्लेबैक इंडिया के संस्थापक व प्रमुख सम्पादक, सजीव सारथी। तो आइये, जानें उषा जी की साहित्य यात्रा को।

प्रस्तुत साक्षात्कार का कुल प्रसारण समय 15 मिनट 34 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

उषा जी साहित्यिक अभिरुचि वाली अध्यापिका हैं। वे पिछले उन्नीस वर्षों से दिल्ली पब्लिक स्कूल ,रोहिणी में अध्यापन कार्य में संलग्न हैं। उन्होंने कक्षा नर्सरी से कक्षा आठवीं तक के स्तर के बच्चों के लिए पाठ्य पुस्तकें एवं व्याकरण की पुस्तक श्रृंखला भी लिखी हैं। वे बच्चों एवं शिक्षकों के लिए वर्कशॉप लेती रहती हैं। बच्चों को कहानियाँ सुनाना उन्हें बेहद पसंद है। उनकी कविताओं की पुस्तक "ताक धिना धिन" और उस पर आधारित ऑडियो सीडी प्रकाशित हो चुकी हैं। आप उनकी आवाज़ में पंडित सुदर्शन की कालजयी कहानी "हार की जीत" तथा उनकी अपनी कहानियाँ मुस्कान, "स्वेटर", "बचपन का भोलापन" व प्रश्न पहले ही सुन चुके हैं। आप उनसे उनके ब्लॉग अनोखी पाठशाला पर मिल सकते हैं।



हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी


केवल बच्चे ही नहीं, बड़े भी उतने ही शौक से कहानियाँ सुनते हैं।
 (उषा छाबड़ा के साक्षात्कार से एक अंश)



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उषा छाबड़ा का साक्षात्कार MP3

#Seventh Story, Interview; Usha Chhabra; Hindi Audio Book/2017/7. Voice: Sajeev Sarathie

Tuesday, December 13, 2016

खलील जिब्रान की आनंद और पीड़ा

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। इस शृंखला में पिछली बार आपने पूजा अनिल के स्वर में गीत चतुर्वेदी के उपन्यास "रानीखेत एक्सप्रेस के एक अंश" का वाचन सुना था।

आज प्रस्तुत है विश्व प्रसिद्ध साहित्यकार खलील जिब्रान की लघुकथा आनंद और पीड़ा जिसे स्वर दिया है उषा छाबड़ा ने।

प्रस्तुत अंश का कुल प्रसारण समय 2 मिनट 45 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। बलराम अग्रवाल द्वारा किये गए इस लघुकथा के अनुवाद का गद्य हिंदी समय पर पढा जा सकता है।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

लेबनानी और अमेरिकी नागरिकता वाले लेखक खलील जिब्रान 6 जनवरी 1883 को सीरिया में जन्मे थे परंतु उनकी कर्मभूमि अमेरिका रही जहाँ सन् 1932 में छपी उनकी पुस्तक "द प्रॉफ़ेट" प्रसिद्ध हुई।


हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

“उन्होंने एक दूसरे का अभिवादन किया और ठहरे हुए जल के किनारे बैठकर बातें करने लगे।”
 (खलील जिब्रान की लघुकथा "आनंद और पीड़ा" से एक अंश)



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आनंद और पीडा MP3

#Twenty Second Story, Anand aur Peeda; Khalil Gibran; Hindi Audio Book/2016/22. Voice: Usha Chhabra

Tuesday, August 2, 2016

प्रेमचंद की कथा बंद दरवाज़ा

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा के स्वर में अशोक भाटिया की लघुकथा पापा जब बच्चे थे का वाचन सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं, उषा छाबड़ा के स्वर में मुंशी प्रेमचंद की कथा बंद दरवाज़ा

बंद दरवाज़ा का कुल प्रसारण समय 3 मिनट 40 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।


      प्रेमचंद के जन्मदिन 31 जुलाई पर विशेष प्रस्तुति

मैं एक निर्धन अध्यापक हूँ...मेरे जीवन मैं ऐसा क्या ख़ास है जो मैं किसी से कहूं
~ मुंशी प्रेमचंद (१८८०-१९३६)

हर सप्ताह सुनिए हिन्दी में एक नयी कहानी

उसकी शरारतें शुरू हो गईं। कभी कलम पर हाथ बढाया कभी कागज़ पर।
(प्रेमचंद की 'बंद दरवाज़ा' से एक अंश)


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बंद दरवाज़ा MP3

#Fifteenth Story, Band Darwaza: Premchand /Hindi Audio Book/2016/15. Voice: Usha Chhabra

Tuesday, May 17, 2016

उषा छाबड़ा की लघुकथा अम्मा

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने अर्चना चावजी के स्वर में पूजा अनिल की मार्मिक कथा "माँ सब देखती है" का पाठ सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं, उषा छाबड़ा की लघुकथा अम्मा, उन्हीं के स्वर में।

उषा जी साहित्यिक अभिरुचि वाली अध्यापिका हैं। वे पिछले उन्नीस वर्षों से दिल्ली पब्लिक स्कूल ,रोहिणी में अध्यापन कार्य में संलग्न हैं। उन्होंने कक्षा नर्सरी से कक्षा आठवीं तक के स्तर के बच्चों के लिए पाठ्य पुस्तकें एवं व्याकरण की पुस्तक श्रृंखला भी लिखी हैं। वे बच्चों एवं शिक्षकों के लिए वर्कशॉप लेती रहती हैं। बच्चों को कहानियाँ सुनाना उन्हें बेहद पसंद है। उनकी कविताओं की पुस्तक "ताक धिना धिन" और उस पर आधारित ऑडियो सीडी प्रकाशित हो चुकी हैं। आप उनकी आवाज़ में पंडित सुदर्शन की कालजयी कहानी "हार की जीत" तथा उनकी अपनी कहानियाँ मुस्कान, "स्वेटर", "बचपन का भोलापन" व प्रश्न पहले ही सुन चुके हैं। आप उनसे उनके ब्लॉग अनोखी पाठशाला पर मिल सकते हैं।

इस कहानी अम्मा का कुल प्रसारण समय 5 मिनट 49 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।



इंसानियत की मशाल सब मिलकर उठाएं
जश्न मानवता का एक जुट हों मनाएं
चलो सब एक हो नया गीत गुनगुनाएं
प्रेम के संदेश को जन जन में फैलाएं
~ उषा छाबड़ा

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी कहानी


"पिछले 25 सालों से दिल्ली में अकेली रह रही थी।”
 (उषा छाबड़ा की लघुकथा "अम्मा" से एक अंश)


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अम्मा MP3

#Twelfth Story, Amma: Usha Chhabra/Hindi Audio Book/2016/12. Voice: Usha Chhabra

Tuesday, February 16, 2016

उषा छाबड़ा की लघुकथा "मुस्कान"

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा के स्वर में संतोष त्रिवेदी की व्यंग्य लघुकथा "कूड़ा" का पाठ सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं, उषा छाबड़ा की शिक्षाप्रद लघुकथा मुस्कान, उन्हीं के स्वर में।

उषा जी साहित्यिक अभिरुचि वाली अध्यापिका हैं। वे पिछले उन्नीस वर्षों से दिल्ली पब्लिक स्कूल ,रोहिणी में अध्यापन कार्य में संलग्न हैं। उन्होंने कक्षा नर्सरी से कक्षा आठवीं तक के स्तर के बच्चों के लिए पाठ्य पुस्तकें एवं व्याकरण की पुस्तक श्रृंखला भी लिखी हैं। वे बच्चों एवं शिक्षकों के लिए वर्कशॉप लेती रहती हैं। बच्चों को कहानियाँ सुनाना उन्हें बेहद पसंद है। उनकी कविताओं की पुस्तक "ताक धिना धिन" और उस पर आधारित ऑडियो सीडी प्रकाशित हो चुकी हैं। आप उनकी आवाज़ में पंडित सुदर्शन की कालजयी कहानी "हार की जीत" तथा उनकी अपनी कहानियाँ "स्वेटर", "बचपन का भोलापन" व प्रश्न पहले ही सुन चुके हैं। आप उनसे उनके ब्लॉग अनोखी पाठशाला पर मिल सकते हैं।

इस कहानी मुस्कान का कुल प्रसारण समय 5 मिनट 7 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।



इंसानियत की मशाल सब मिलकर उठाएं
जश्न मानवता का एक जुट हों मनाएं
चलो सब एक हो नया गीत गुनगुनाएं
प्रेम के संदेश को जन जन में फैलाएं
~ उषा छाबड़ा

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी कहानी


"अरे भाई, तुम्हारे रिक्शे का पहिया तो बाहर निकल रहा है।”
 (उषा छाबड़ा की लघुकथा "मुस्कान" से एक अंश)


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मुस्कान MP3

#Sixth Story, Seater: Usha Chhabra/Hindi Audio Book/2016/6. Voice: Usha Chhabra

Tuesday, January 26, 2016

उषा छाबड़ा की कहानी स्वेटर

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने पूजा अनिल के स्वर में उन्हीं की कथा "ब्रोचेता एस्पान्या" का पाठ सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं, उषा छाबड़ा की शिक्षाप्रद लघुकथा स्वेटर, उन्हीं के स्वर में।

उषा जी साहित्यिक अभिरुचि वाली अध्यापिका हैं। वे पिछले उन्नीस वर्षों से दिल्ली पब्लिक स्कूल ,रोहिणी में अध्यापन कार्य में संलग्न हैं। उन्होंने कक्षा नर्सरी से कक्षा आठवीं तक के स्तर के बच्चों के लिए पाठ्य पुस्तकें एवं व्याकरण की पुस्तक श्रृंखला भी लिखी हैं। वे बच्चों एवं शिक्षकों के लिए वर्कशॉप लेती रहती हैं। बच्चों को कहानियाँ सुनाना उन्हें बेहद पसंद है। उनकी कविताओं की पुस्तक "ताक धिना धिन" और उस पर आधारित ऑडियो सीडी प्रकाशित हो चुकी हैं। आप उनकी आवाज़ में पंडित सुदर्शन की कालजयी कहानी "हार की जीत" तथा उनकी अपनी कहानियाँ "बचपन का भोलापन" व प्रश्न पहले ही सुन चुके हैं। आप उनसे उनके ब्लॉग अनोखी पाठशाला पर मिल सकते हैं।

इस कहानी स्वेटर का कुल प्रसारण समय 4 मिनट 56 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।



इंसानियत की मशाल सब मिलकर उठाएं
जश्न मानवता का एक जुट हों मनाएं
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प्रेम के संदेश को जन जन में फैलाएं
~ उषा छाबड़ा

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी कहानी


"क्या तुम्हें गर्मी ज़्यादा लगती है?”
 (उषा छाबड़ा की लघुकथा "स्वेटर" से एक अंश)


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#Fourth Story, Seater: Usha Chhabra/Hindi Audio Book/2016/4. Voice: Usha Chhabra

Tuesday, December 22, 2015

उषा छाबड़ा की लघुकथा प्रश्न

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा के स्वर में हिन्दी के प्रसिद्ध साहित्यकार असगर वजाहत की लघुकथा "जब वह बुलाएगा" का पाठ सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं, उषा छाबड़ा की लघुकथा प्रश्न, उन्हीं के स्वर में।

उषा जी साहित्यिक अभिरुचि वाली अध्यापिका हैं। वे पिछले उन्नीस वर्षों से दिल्ली पब्लिक स्कूल ,रोहिणी में अध्यापन कार्य में संलग्न हैं। उन्होंने कक्षा नर्सरी से कक्षा आठवीं तक के स्तर के बच्चों के लिए पाठ्य पुस्तकें एवं व्याकरण की पुस्तक श्रृंखला भी लिखी हैं। वे बच्चों एवं शिक्षकों के लिए वर्कशॉप लेती रहती हैं। बच्चों को कहानियाँ सुनाना उन्हें बेहद पसंद है। उनकी कविताओं की पुस्तक "ताक धिना धिन" और उस पर आधारित ऑडियो सीडी प्रकाशित हो चुकी हैं। आप उनकी आवाज़ में पंडित सुदर्शन की कालजयी कहानी "हार की जीत" तथा दो बच्चियों के वार्तालाप पर आधारित उनकी अपनी कहानी "बचपन का भोलापन" पहले ही सुन चुके हैं। आप उनसे उनके ब्लॉग अनोखी पाठशाला पर मिल सकते हैं।

इस कहानी प्रश्न का कुल प्रसारण समय 2 मिनट 26 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।



इंसानियत की मशाल सब मिलकर उठाएं
जश्न मानवता का एक जुट हों मनाएं
चलो सब एक हो नया गीत गुनगुनाएं
प्रेम के संदेश को जन जन में फैलाएं
~ उषा छाबड़ा

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी कहानी


"दोनों, दादी का हाथ थामे उछलकूद कर रहे थे।”
 (उषा छाबड़ा की लघुकथा "प्रश्न" से एक अंश)


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#Twenty Seventh Story, Prashn: Usha Chhabra/Hindi Audio Book/2015/27. Voice: Usha Chhabra

Tuesday, October 20, 2015

उषा छाबड़ा की लघुकथा बचपन का भोलापन

रेडियो प्लेबैक इंडिया के साप्ताहिक स्तम्भ 'बोलती कहानियाँ' के अंतर्गत हम आपको सुनवाते हैं हिन्दी की नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में उन्हीं की हिन्दी लघुकथा "खिलखिलाहट" का पॉडकास्ट सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं उषा छाबड़ा की एक लघुकथा "बचपन का भोलापन", उन्हीं के स्वर में।

इस लघुकथा "बचपन का भोलापन" का टेक्स्ट उनके ब्लॉग अनोखी पाठशाला पर उपलब्ध है।

उषा जी साहित्यिक अभिरुचि वाली अध्यापिका हैं। वे पिछले उन्नीस वर्षों से दिल्ली पब्लिक स्कूल ,रोहिणी में अध्यापन कार्य में संलग्न हैं। उन्होंने कक्षा नर्सरी से कक्षा आठवीं तक के स्तर के बच्चों के लिए पाठ्य पुस्तकें एवं व्याकरण की पुस्तक श्रृंखला भी लिखी हैं। वे बच्चों एवं शिक्षकों के लिए वर्कशॉप लेती रहती हैं। बच्चों को कहानियाँ सुनाना उन्हें बेहद पसंद है। उनकी कविताओं की पुस्तक "ताक धिना धिन" और उस पर आधारित ऑडियो सीडी प्रकाशित हो चुकी हैं। आप उनकी आवाज़ में पंडित सुदर्शन की कालजयी कहानी "हार की जीत" पहले ही सुन चुके हैं। कहानी "बचपन का भोलापन" दो बच्चियों के वार्तालाप पर आधारित है। इसका कुल प्रसारण समय 2 मिनट 32 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।



इंसानियत की मशाल सब मिलकर उठाएं
जश्न मानवता का एक जुट हों मनाएं
चलो सब एक हो नया गीत गुनगुनाएं
प्रेम के संदेश को जन जन में फैलाएं
~ उषा छाबड़ा

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी कहानी


"बच्ची रोना भूलकर उसकी ओर देखने लगी।"
(उषा छाबड़ा की "बचपन का भोलापन" से एक अंश)



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बचपन का भोलापन MP3

#Twenty First Story, Bachpan Ka Bholpan: Usha Chhabra/Hindi Audio Book/2015/21. Voice: Usha Chhabra

Tuesday, September 29, 2015

हार की जीत (सुदर्शन)

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने मोनिका गुप्ता के स्वर में उन्हीं की व्यंग्य रचना "बिजली जाने का सुख" का पाठ सुना था।

आज हम आपके लिए लेकर आये हैं हिन्दी के अमर साहित्यकार पण्डित सुदर्शन की कालजयी रचना "हार की जीत", उषा छाबड़ा के स्वर में।

इस कहानी हार की जीत का गद्य भारत दर्शन पर उपलब्ध है. कहानी का कुल प्रसारण समय 11 मिनट 34 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।



पं0 बद्रीनाथ भट्ट "सुदर्शन" (1896-1967)

प्रेमचन्द, कौशिक और सुदर्शन, इन तीनों ने हिन्दी में कथा साहित्य का निर्माण किया है।
~ भगवतीचरण वर्मा (हम खंडहर के वासी)

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

"खड़गसिंह उस इलाके का प्रसिद्ध डाकू था। लोग उसका नाम सुनकर काँपते थे।”
 (पं0 सुदर्शन की कथा "हार की जीत" से एक अंश)


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हार की जीत mp3

#Eighteenth Story, Har Ki JeetHar Ki Jeet; Pt Sudarshan; Hindi Audio Book/2015/18. Voice: Usha Chhabra

Tuesday, September 15, 2015

बम भोलेनाथ - बाबा नागार्जुन

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा के स्वर में उत्तर प्रदेश के सर्व शिक्षा अभियान की कलाई खोलती असित कुमार मिश्र की हृदयस्पर्शी कथा "सर्व शिक्षा अभियान" का पाठ सुना था।

आज हम आपका परिचय एक नई वाचिका उषा छाबड़ा से करा रहे हैं। आज आपकी सेवा में प्रस्तुत है, अमर साहित्यकार वैद्यनाथ मिश्र "बाबा नागार्जुन" का व्यंग्य बम भोलेनाथ, उषा छाबड़ा के स्वर में।

इस कहानी बम भोलेनाथ का कुल प्रसारण समय 6 मिनट 30 सेकंड है। इसका गद्य अभिव्यक्ति पर उपलब्ध है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।




एक पूत भारतमाता का,
कन्धे पर है झन्डा,
पुलिस पकड कर जेल ले गई, बाकी बच गया अंडा।
~ वैद्यनाथ मिश्र "नागार्जुन" (३० जून १९११ - ५ नवंबर १९९८)

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

" उस सर्वज्ञ में चमत्कार देखने के लिए आखिर मैं भी दर्शकों में शामिल हो ही गया।”
 (बाबा नागार्जुन की कथा "बम भोलेनाथ" से एक अंश)


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#Sixteenth Story, Bam Bholenath; Baba Nagarjun; Hindi Audio Book/2015/16. Voice: Usha Chhabra

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