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Friday, June 2, 2017

गीत अतीत 15 || हर गीत की एक कहानी होती है || कारे कारे बदरा || ब्लू माउंटेन्स || सुनील सिरवैया

Geet Ateet 15
Har Geet Kii Ek Kahaani Hoti Hai...
Kaarey Kaarey Badra
Blue Mountains
(Monty Sharma, Shreya Ghoshal, Yatharth Ratnum)
Sunil Sirvaiya- Lyricist

"गीत के आरंभ में जो सरगम है, वो मोंटी जी ने वहीँ स्टूडियो में रिकॉर्डिंग के दौरान ही स्वरबद्ध किया..." - सुनील सिरवैया 
जानिये फिल्म ब्लू माउंटेन्स के गीत "कारे कारे बदरा" के बनने की कहानी गीतकार सुनील सिरवैया से, संगीत है मोंटी शर्मा का और आवाजें हैं श्रेया घोषाल और यथार्थ रत्नम की... प्ले पर क्लिक करे और सुनें ....



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सुनिए इन गीतों की कहानियां भी -

Sunday, February 1, 2009

फरहान और कोंकणा के सपनों से भरे नैना

सप्ताह की संगीत सुर्खियाँ (10)
"सांवरिया" मोंटी से है उम्मीदें संगीत जगत को
१६ साल की उम्र में लक्ष्मीकांत प्यारेलाल के की -बोर्ड वादक के रूप में फ़िल्म "मिस्टर इंडिया" से अपने संगीत कैरियर की शुरुआत करने वाले मोंटी शर्मा आजकल एक टी वी चैनल पर नए गायक/गायिकाओं के हुनर की समीक्षा करते हुए दिखाई देते हैं. फ़िल्म "देवदास" में उन्होंने इस्माईल दरबार को सहयोग दिया था. इसी फ़िल्म के दौरान दरबार और निर्देशक संजय लीला बंसाली के रिश्ते बिगड़ गए, तो संजय ने मोंटी से फ़िल्म का थीम म्यूजिक बनवाया और बकायादा क्रडिट भी दिया. संजय की फ़िल्म "ब्लैक" के बाद मोंटी को अपना जलवा दिखने का भरपूर मौका मिला फ़िल्म "सांवरिया" से. इस फ़िल्म के बाद मोंटी ने इंडस्ट्री में अपने कदम जोरदार तरीके से जमा लिए. पिछले साल उनकी फ़िल्म "हीरो" का गीत हमारे टॉप ५० में स्थान बनने में सफल हुआ था. अभी हाल ही में फ़िल्म "चमकू" में अपने काम के लिए उन्हें कलाकार सम्मान के लिए नामांकन मिला है. मोंटी की आने वाली फिल्में हैं दीपक तिजोरी निर्देशित "फॉक्स", सुभाष घई की "राइट और रोंग", अनुज शर्मा की "नौटी अट फोर्टी", और इसके आलावा "आज फ़िर जीने की तम्मना है" और "खुदा हाफिज़" (जिसमें उनका संगीत सूफियाना होगा) जैसी कुछ लीक से हटकर फिल्में भी हैं. जावेद अख्तर के साथ उनका गठबंधन होगा फ़िल्म "मिर्च" में. तो कहने का तात्पर्य है कि मोंटी अब इंडस्ट्री के व्यस्तम संगीतकारों में से एक हैं, और संगीत प्रेमी उनसे कुछ अलग, कुछ ख़ास किस्म के संगीत की, यकीनन उम्मीद कर सकते हैं. उनके संगीत में शास्त्रीय वाध्यों और आधुनिक संगीत का सुंदर मिश्रण सुनने को मिलता है, रियलिटी शोस में आए प्रतिभागियों से भी वे बेहद संतुष्ट नज़र आए. उनका वादा है कि वो जल्दी ही इन नए गायकों को अपनी फिल्मों में मौका देंगें. हम तो यही उम्मीद करेंगें कि उनके संगीत के माध्यम से हमें कुछ और नए और युवा कलाकारों की आवाजें भी सुनने को मिले. शुभकामनायें मोंटी को.



अनु मालिक बिंदास हैं - कैलाश खेर

"अल्लाह के बन्दे" ये गीत आज भी सुनने में उतना ही तारो ताज़ा, उतना ही जादू भरा लगता है, जितना तब था जब कैलाश खेर नाम के इस युवा गायक ने इसे गाकर सुनने वालों के दिलों में अपनी स्थायी जगह बना ली थी. बहुत थोड़े समय में ही कैलाश ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा लिया है. हाल ही में आई "दसविदानिया" से उनके दो गीत हमारे सालाना काउंट डाउन का हिस्सा बने थे, उनकी एल्बम "कैलाशा" भी खासी मशहूर हुई थी. अपने सूफियाना अंदाज़ से मंत्रमुग्ध करने वाले कैलाश सूफीवाद को एक रहस्य से भरा प्रेम मानते हैं जो आत्मा और परमात्मा का मिलन करवाता है. और अपनी आने वाली सूफी एल्बम को लेकर बहुत उत्साहित भी हैं, जिसके लिए हर बार की तरफ़ उन्होंने ख़ुद गीत रचे और संगीतबद्ध किए हैं. मोंटी की ही तरह वो भी एक अन्य चैनल में रियलिटी शो में समीक्षक हैं जहाँ उनके साथ हैं संगीतकार अनु मालिक, जिनके साथ अक्सर उनका वैचारिक मतभेद होते दर्शक देखते ही रहते हैं. अनु मालिक के बारे में पूछने पर कैलाश कहते हैं -"शुरू में मैं अनु मालिक को पसंद नही करता था यह सोचकर कि ये आदमी बहुत ज्यादा बोलता है. पर अब मुझे महसूस होता है कि वो एक बेहद गुणी संगीतकार हैं जो बहुत कम समय में धुन बनने में माहिर हैं, और इंसान भी दिलचस्प और बिंदास हैं.", अब हम क्या कहें कैलाश...आप ख़ुद समझदार हैं...


माइकल जैक्सन अब अधिक नही जी पायेंगें

पश्चिमी संगीत के महारथी कहे जाने वाले माइकल जेक्सन इन दिनों बुरी तरह बीमार हैं और यदि एक वेबसाइट की बात पर यकीन करें तो वो ५ या ६ महीनों से अधिक जीवित नही रह पायेंगें. अश्वेत समुदाय से आकर भी रंग भेदी अमेरिका वासियों के दिलो पर बरसों बरस राज करने वाले माइकल का जीवन विवादों से भरपूर रहा. पर उनका संगीत आज भी पाश्चात्य संगीत की रीड है. इस बेहद अमीर संगीतकार की इस बिगड़ती हालत से दुनिया भर में फैले उनके चाहने वाले उदास और दुखी हैं. उनके प्रशंसक भारत में भी कम नही. मुंबई में हुआ उनका मशहूर शो आज तक याद किया जाता है. आवाज़ उम्मीद करता है कि वो जल्दी ही स्वास्थलाभ करें और फ़िर से संगीत के क्षेत्र में सक्रिय काम करें.


सपनों से भरे नैना

पिछले सप्ताह से हम इस कड़ी में आपको सुनवा रहे हैं एक गीत जिसे "सप्ताह का गीत" चुना जाता है. आज सुनिए जावेद अख्तर साहब का लिखा एक बहुत ही खूबसूरत गीत. इस गीत के लाजवाब बोल ही इसकी सबसे बड़ी खासियत है. फरहान अख्तर और कोंकणा सेन शर्मा की प्रमुख भूमिका वाली इस नई फ़िल्म का नाम है "लक बाई चांस". पर इस फ़िल्म में सबसे अधिक पसंद किया जा रहा है पुरानी जोड़ी ऋषि कपूर और डिम्पल कपाडिया का काम. जावेद अख्तर की बेटी जोया अख्तर ने इस फ़िल्म से निर्देशन की दुनिया में अपना सशक्त कदम रखा है. यूँ तो फ़िल्म में जावेद साहब के लिखे सभी गीत बहुत सुंदर हैं और शंकर एहसान लोय की तिकडी ने पिछली फ़िल्म "रॉक ऑन" से एकदम अलग किस्म का संगीत रचा है इस फ़िल्म के लिए. सुनिए "सपनों से भरे नैना...", और जावेद साहब के शब्दों में छुपे रहस्यों को महसूस कीजिये शंकर महादेवन की गहरी आवाज़ में.




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