Showing posts with label short story. Show all posts
Showing posts with label short story. Show all posts

Tuesday, November 28, 2017

यारी है ईमान - अनुराग शर्मा

'बोलती कहानियाँ' स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको नई-पुरानी, प्रसिद्ध-अल्पज्ञात, मौलिक-अनूदित, हर प्रकार की हिंदी कहानियाँ सुनवाते रहे हैं। पिछले सप्ताह आपने उषा छाबड़ा की आवाज़ में उन्हीं की बालकथा "खेल" का पॉडकास्ट सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं अनुराग शर्मा की लघुकथा "यारी है ईमान", उन्हीं के स्वर में।

इस बालकथा का टेक्स्ट अनुराग शर्मा के ब्लॉग बर्ग वार्ता पर उपलब्ध है। इस कथा का कुल प्रसारण समय 6 मिनट 29 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।



संजो के रक्खो इसे हाथ से न जाने दो
बात निकलेगी तो बेकार चली जायेगी
 ~ अनुराग शर्मा

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

"कितनी ही यादें जुड़ी हैं उस रहस्यमयी दुनिया से जो तब बन ही रही थी। जंगली फूलों की नशीली गंध से सराबोर पथरीली चट्टानों को काटकर बहती तवी नदी, और रणबीर नहर में तैरने जाना हो या पुराने पहाड़ी नगर के इर्दगिर्द बन रहे उपनगरीय क्षेत्रों में तलहटी में जाकर स्वादिष्ट लाल गरने चुनकर लाना।”
 (अनुराग शर्मा की लघुकथा "यारी है ईमान" से एक अंश)



नीचे के प्लेयर से सुनें.


(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)

यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
यारी है ईमान MP3

#20th Story, Yaari Hai Imaan: Anurag Sharma/Hindi Audio Book/2017/20. Voice: Anurag Sharma

Tuesday, November 10, 2015

सलिल वर्मा की लघुकथा "बेटी पढ़ाओ"

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा के स्वर में काजल कुमार की लघुकथा "आढ़तिया" का पाठ सुना था।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं सलिल वर्मा के व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित लघुकथा बेटी पढ़ाओ, जिसे स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।

इस कहानी बेटी पढ़ाओ का कुल प्रसारण समय 1 मिनट 52 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

ज़मीन से जुड़े कवि, कथाकार और व्यंग्यकार सलिल वर्मा एक राष्ट्रीयकृत बैंक में उच्चाधिकारी हैं। वे आजकल भावनगर, गुजरात में रहते हैं। आप उनसे उनके हिन्दी ब्लॉग "चला बिहारी ब्लॉगर बनने" पर मिल सकते हैं।

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

"मैंने रुक कर ग़ौर से देखा, तो एक कमाल का नज़ारा दिखाई दिया।”
 (सलिल वर्मा की लघुकथा "बेटी पढ़ाओ" से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.


(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)
यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
बेटी पढ़ाओ MP3

#Twenty Third Story, Beti Padhao; Salil Varma; Hindi Audio Book/2015/23. Voice: Anurag Sharma

Tuesday, September 15, 2015

बम भोलेनाथ - बाबा नागार्जुन

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा के स्वर में उत्तर प्रदेश के सर्व शिक्षा अभियान की कलाई खोलती असित कुमार मिश्र की हृदयस्पर्शी कथा "सर्व शिक्षा अभियान" का पाठ सुना था।

आज हम आपका परिचय एक नई वाचिका उषा छाबड़ा से करा रहे हैं। आज आपकी सेवा में प्रस्तुत है, अमर साहित्यकार वैद्यनाथ मिश्र "बाबा नागार्जुन" का व्यंग्य बम भोलेनाथ, उषा छाबड़ा के स्वर में।

इस कहानी बम भोलेनाथ का कुल प्रसारण समय 6 मिनट 30 सेकंड है। इसका गद्य अभिव्यक्ति पर उपलब्ध है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।




एक पूत भारतमाता का,
कन्धे पर है झन्डा,
पुलिस पकड कर जेल ले गई, बाकी बच गया अंडा।
~ वैद्यनाथ मिश्र "नागार्जुन" (३० जून १९११ - ५ नवंबर १९९८)

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

" उस सर्वज्ञ में चमत्कार देखने के लिए आखिर मैं भी दर्शकों में शामिल हो ही गया।”
 (बाबा नागार्जुन की कथा "बम भोलेनाथ" से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.


(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)
यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
बम भोलेनाथ MP3

#Sixteenth Story, Bam Bholenath; Baba Nagarjun; Hindi Audio Book/2015/16. Voice: Usha Chhabra

Tuesday, August 25, 2015

मुसीबत मोल ली मैंने - मोनिका गुप्ता

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने मोनिका गुप्ता के स्वर में उन्हीं की लघुकथा "लव यू" का पाठ सुना था।

आज हम आपकी सेवा में मोनिका गुप्ता लिखित व्यंग्य मुसीबत मोल ली मैंने, उन्हीं के स्वर में प्रस्तुत कर रहे हैं।

इस व्यंग्य मुसीबत मोल ली मैंने का कुल प्रसारण समय 3 मिनट है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

हरियाणा निवासी, साहित्यकार और रेडियो व्यक्तित्व मोनिका गुप्ता के लेख जाने माने राष्ट्रीय समाचार पत्र- पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं। आकाशवाणी और दूरदर्शन कार्यक्रमों के अलावा इन्होनें जिंगल्स और वाईस ओवर भी किए हैं। हरियाणा साहित्य अकादमी से बाल साहित्य पुरस्कार मिल चुका है। अभी तक सात किताबे प्रकाशित हुई हैं जिसमें से दो नेशनल बुक ट्र्स्ट से हैं। लेखन और वाचन के साथ साथ कार्टूनों के माध्यम से भी अपने विचार व्यक्त कर रही है।

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

"आज स्कूल बस भी तो नहीं आएगी, बच्चों को स्कूल भी छोडना है।”
 (मोनिका गुप्ता के व्यंग्य "मुसीबत मोल ली मैंने" से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.


(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)
यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
मुसीबत मोल ली मैंने MP3

#Thirteenth Story, Musibat Mol Li Maine; Monica Gupta; Hindi Audio Book/2015/13. Voice: Monica Gupta

Tuesday, August 18, 2015

मोनिका गुप्ता की कथा लव यू

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने मोनिका गुप्ता के स्वर में उन्हीं की लघुकथा "सहयोग" का पाठ सुना था।

आज हम आपकी सेवा में मोनिका गुप्ता लिखित लघुकथा लव यू, उन्हीं के स्वर में प्रस्तुत कर रहे हैं।

इस कहानी लव यू का कुल प्रसारण समय 2 मिनट 50 सेकंड है। इसका गद्य monicagupta.info पर उपलब्ध है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

हरियाणा निवासी, साहित्यकार और रेडियो व्यक्तित्व मोनिका गुप्ता के लेख जाने माने राष्ट्रीय समाचार पत्र- पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं। आकाशवाणी और दूरदर्शन कार्यक्रमों के अलावा इन्होनें जिंगल्स और वाईस ओवर भी किए हैं। हरियाणा साहित्य अकादमी से बाल साहित्य पुरस्कार मिल चुका है। अभी तक सात किताबे प्रकाशित हुई हैं जिसमें से दो नेशनल बुक ट्र्स्ट से हैं। लेखन और वाचन के साथ साथ कार्टूनों के माध्यम से भी अपने विचार व्यक्त कर रही है।

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

"बदलता मौसम है ... ना आज नाक और आंखो से पानी बहुत बह रहा है।”
 (मोनिका गुप्ता की लघुकथा "लव यू" से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.


(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)
यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
लव यू MP3

#Twelfth Story, Love You; Monica Gupta; Hindi Audio Book/2015/12. Voice: Monica Gupta

Tuesday, August 11, 2015

मोनिका गुप्ता की लघुकथा सहयोग

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा के स्वर में काजल कुमार की लघुकथा "समय" का पाठ सुना था।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं मोनिका गुप्ता लिखित लघुकथा सहयोग, उन्हीं के स्वर में।

इस कहानी सहयोग का कुल प्रसारण समय 1 मिनट 45 सेकंड है। इसका गद्य कथा-कहानी ब्लॉग पर उपलब्ध है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

सिरसा निवासी साहित्यकार और रेडियो व्यक्तित्व मोनिका गुप्ता देश के जाने माने राष्ट्रीय समाचार पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं। आकाशवाणी और दूरदर्शन कार्यक्रमों के अलावा उन्होने जिंगल्स और वॉइस ओवर भी किये हैं। उनका बाल उपन्यास ‘वो तीस दिन’ नैशनल बुक ट्रस्ट के नेहरू बाल पुस्तकालय द्वारा प्रकाशित हुआ है। सन 2009 में वे “हरियाणा साहित्य अकादमी” के बाल साहित्य पुरस्कार से सम्मानित की जा चुकी हैं।

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

"भाईसाहब, हमें आपकी मदद चाहिए ... ”
 (मोनिका गुप्ता की लघुकथा "सहयोग" से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.


(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)
यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
सहयोग MP3

#Eleventh Story,  Sahyog; Monica Gupta; Hindi Audio Book/2015/11. Voice: Monica Gupta

Tuesday, July 28, 2015

काजल कुमार की लघुकथा समय

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा के स्वर में काजल कुमार की लघुकथा "कुत्ता" का पाठ सुना था।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं काजल कुमार लिखित लघुकथा समय, जिसे स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।

इस कहानी समय का कुल प्रसारण समय 2 मिनट 10 सेकंड है। इसका गद्य कथा-कहानी ब्लॉग पर उपलब्ध है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

कवि, कथाकार और कार्टूनिस्ट काजल कुमार के बनाए चरित्र तो आपने देखे ही हैं। उनकी व्यंग्यात्मक लघुकथायेँ "एक था गधा", "ड्राइवर", "लोकतनतर", और कुत्ता आप पहले सुन चुके हैं। काजल कुमार दिल्ली में रहते हैं।

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

"आज वह अपने अनुभव सुनाता हुआ दादा के साथ खेतों की ओर जा रहा था।”
 (काजल कुमार की लघुकथा "समय" से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.


(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)
यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
समय MP3

#Tenth Story,  Samay; Kajal Kumar; Hindi Audio Book/2015/10. Voice: Anurag Sharma

Tuesday, May 26, 2015

काजल कुमार की लघुकथा कुत्ता

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने माधवी गणपुले के स्वर में आशा गुप्ता आशु की लघुकथा "ममता की छांव में" का पाठ सुना था।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं काजल कुमार लिखित लघुकथा कुत्ता, जिसे स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।

इस कहानी कुत्ता का कुल प्रसारण समय 2 मिनट 40 सेकंड है। इसका गद्य कथा-कहानी ब्लॉग पर उपलब्ध है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

कवि, कथाकार और कार्टूनिस्ट काजल कुमार के बनाए चरित्र तो आपने देखे ही हैं। उनकी व्यंग्यात्मक लघुकथायेँ "एक था गधा", "ड्राइवर" और "लोकतनतर" आप पहले सुन चुके हैं। काजल कुमार दिल्ली में रहते हैं।

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

"दद्दा,क्या हुआ जो यूँ जेल मोल ले ली?”
 (काजल कुमार की लघुकथा "कुत्ता" से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.


(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)
यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
कुत्ता MP3

#Ninth Story,  Kutta; Kajal Kumar; Hindi Audio Book/2015/09. Voice: Anurag Sharma

Tuesday, May 19, 2015

आशा गुप्ता आशु लिखित लघुकथा ममता की छांव में

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा के स्वर में शाहिद मंसूर "अजनबी" की लघुकथा माँ तो सबकी एक-जैसी होती है का पाठ सुना था।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं आशा गुप्ता आशु लिखित लघुकथा ममता की छांव में, जिसे स्वर दिया है माधवी गणपुले ने।

इस कहानी मुक्ति का कुल प्रसारण समय 4 मिनट 20 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। इसका गद्य लेखिका के फेसबुक पृष्ठ पर उपलब्ध है।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

माना कि अभी नहीं जागे मेरे सोये हुये नसीब!
पर एक दिन अपना होगा खुशियां होंगी करीब !!

 ~ आशा गुप्ता "आशु"

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

"मुझे उस दिन का इन्तजार था जब बच्चों के पंख ताकतवर हो जाते और वो परवाज़ भरते।”
 (आशा गुप्ता "आशु" की लघुकथा "ममता की छांव में" से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.


(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)
यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
मुक्ति MP3

#Eighth Story, Mamta Ki Chhaon Mein; Asha Gupta Ashu; Hindi Audio Book/2015/08. Voice: Madhavi Ganpule

Tuesday, April 21, 2015

शाहिद अजनबी की लघुकथा माँ तो सबकी एक-जैसी होती है

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा के स्वर में गिरिजेश राव की लघुकथा "मुक्ति" का वाचन सुना था।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं शाहिद मंसूर "अजनबी" की लघुकथा माँ तो सबकी एक-जैसी होती है, जिसे स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।

इस कहानी का गद्य सुख़नफ़हम ब्लॉग पर पढ़ा जा सकता है। इस कहानी का कुल प्रसारण समय 2 मिनट 15 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

लफ़्ज़ों को तोड़ता हूँ, रदीफ़-काफिया जोड़ता हूँ
यूँ समझो दिल की उलझन को, काग़ज़ पे उतारता हूँ

 ~ शाहिद मंसूर "अजनबी"

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

"माँ का खत पढ़ने से पूर्व मैं सहम गया। जरूर पैसे भेजने को लिखा होगा।”
 (शाहिद मंसूर "अजनबी" की लघुकथा "माँ तो सबकी एक-जैसी होती है" से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.


(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)
यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
माँ तो सबकी एक-जैसी होती है MP3

#Seventh Story, Maa;  Shahid Ajnabi; Hindi Audio Book/2015/07. Voice: Anurag Sharma

Tuesday, March 31, 2015

गिरिजेश राव लिखित लघुकथा मुक्ति

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा के स्वर में अनुराग शर्मा की लघुकथा "व्यवस्था" का पाठ सुना था।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं गिरिजेश राव लिखित लघुकथा मुक्ति, जिसे स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।

बोलती कहानियाँ के पाठकों के लिए गिरिजेश राव का नाम नया नहीं है। उनकी कुछ अन्य रोचक कथाओं कों यहाँ सुना जा सकता है। इस कहानी मुक्तिका कुल प्रसारण समय 2 मिनट 7 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।


प्रतिमाओं को गढ़ा जाता है उस अनुभव को मूर्त करने के लिये, मूर्ति इसीलिये कहते हैं। सूक्ष्म स्तर तक सभी नहीं जा सकते इसलिये स्थूल विग्रह का आधार दिया जाता है कि उसी बहाने जीवन सत्त्व से कुछ जुड़ाव बना रहे।
 ~ गिरिजेश राव "सनातन कालयात्री"

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

"प्रात और साँझ की तरह, ऋतुओं की तरह, सृष्टि के लयबद्ध नृत्य की तरह, उपद्रवों में संतुलन की तरह, युद्ध के पश्चात शांति और शांति के पश्चात क्षरण की तरह।”
 (गिरिजेश राव की लघुकथा "मुक्ति" से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.


(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)
यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
मुक्ति MP3

#Sixth Story, Vyavastha; Girijesh Rao; Hindi Audio Book/2015/06. Voice: Anurag Sharma

Tuesday, March 17, 2015

अनुराग शर्मा की लघुकथा व्यवस्था

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा के स्वर में दीपक मशाल की लघुकथा "परछाईं" का पाठ सुना था।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं अनुराग शर्मा लिखित लघुकथा व्यवस्था, जिसे स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।

प्रस्तुत लघुकथा "व्यवस्था" का गद्य बर्ग वार्ता ब्लॉग पर पढ़ा जा सकता है। इस कहानी का कुल प्रसारण समय 4 मिनट 25 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।


हर इक ईंट में बसी है एक याद
मेरी ज़िंदगी गिरती दीवार सी है
 ~ अनुराग शर्मा

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

"... और पढने की मेज़? राम, राम! हर आकार के बीसियों कागज़ जिनपर तरह-तरह के नोट्स लिखे हुए थे।”
 (अनुराग शर्मा की लघुकथा "व्यवस्था" से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.


(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)
यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
व्यवस्था MP3

#Fifth Story, Vyavastha; Anurag Sharma; Hindi Audio Book/2015/05. Voice: Anurag Sharma

Tuesday, May 20, 2014

अनुराग शर्मा की लघुकथा ईमान की लूट

इस लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा के स्वर में हरिशंकर परसाई के व्यंग्य "बदचलन" का पाठ सुना था।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं अनुराग शर्मा का एक लघु व्यंग्य ईमान की लूट जिसे स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।

प्रस्तुत कथा का गद्य "बर्ग वार्ता ब्लॉग" पर उपलब्ध है। "ईमान की लूट" का कुल प्रसारण समय 2 मिनट 58 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।



प्रश्न कठिन हो जाते हैं, हर उत्तर पे इतराते हैं
मैं चिंता में घुल जाता हूँ, चलूँ तो पथ डिग जाते हैं।
 ~ अनुराग शर्मा

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

"गांधीवादी ने कहा कि उसने सबसे थप्पड़ खाये हैं इसलिए वह सबसे ज़्यादा हिस्से का हकदार है।”
 (अनुराग शर्मा कृत "ईमान की लूट" से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.


(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)
यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
ईमान की लूट MP3

#Sixth Story, Pakistan Mein Iman Ki Loot: Anurag Sharma Hindi Audio Book/2014/6. Voice: Anurag Sharma

Tuesday, August 13, 2013

पाकिस्तान में एक ब्राह्मण की आत्मा - लघु संस्मरण

इस लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा के स्वर में मुंशी प्रेमचन्द की मार्मिक कहानी "बालक" का पाठ सुना था।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं अनुराग शर्मा का एक लघु संस्मरण पाकिस्तान में एक ब्राह्मण की आत्मा जिसे स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।

प्रस्तुत कथा का गद्य "बर्ग वार्ता ब्लॉग" पर उपलब्ध है। "पाकिस्तान में एक ब्राह्मण की आत्मा" का कुल प्रसारण समय 3 मिनट 37 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।



प्रश्न कठिन हो जाते हैं, हर उत्तर पे इतराते हैं
मैं चिंता में घुल जाता हूँ, चलूँ तो पथ डिग जाते हैं।
 ~ अनुराग शर्मा

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

"क्यों, आपमें क्या किसी बाम्भन की रूह आ गयी है जो मांस खाना छोड़ दिया?”
 (अनुराग शर्मा कृत "पाकिस्तान में एक ब्राह्मण की आत्मा" से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.


(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)
यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
पाकिस्तान में एक ब्राह्मण की आत्मा MP3

#27th Story, Pakistan Mein Ek Brahman Ki Atma: Anurag Sharma Hindi Audio Book/2013/27. Voice: Anurag Sharma

Tuesday, August 6, 2013

बोलती कहानियाँ: मुंशी प्रेमचन्द कृत बालक

इस लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने हिन्दी और मराठी की एक सफल वॉइस ओवर आर्टिस्ट माधवी चारुदत्ता के स्वर में मुंशी प्रेमचन्द की मार्मिक कहानी "अग्निसमाधि" का पाठ सुना था।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं मुंशी प्रेमचन्द की ही एक भावमय कथा बालक जिसे स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।

प्रस्तुत कथा का गद्य "भारत कोश" पर उपलब्ध है। "बालक" का कुल प्रसारण समय 19 मिनट 17 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।





मैं एक निर्धन अध्यापक हूँ ... मेरे जीवन मैं ऐसा क्या ख़ास है जो मैं किसी से कहूं।
 ~ मुंशी प्रेमचंद (१८८०-१९३६)

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

"पुरखों की पैदा की हुई सम्पत्ति पर आज भी लोग उसी शान से अधिकार जमाये हुए हैं, मानो खुद पैदा किये हों, तो वह क्यों उस प्रतिष्ठा और सम्मान को त्याग दे, जो उसके पुरखों ने संचय किया था।”
 (मुंशी प्रेमचन्द कृत "बालक" से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.


(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)
यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
बालक MP3

#26th Story, Balak: Munshi Premchand/Hindi Audio Book/2013/26. Voice: Anurag Sharma

Tuesday, July 16, 2013

बोलती कहानियाँ: मुंशी प्रेमचन्द कृत अग्निसमाधि

इस साप्ताहिक स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने माधवी चारुदत्ता के स्वर में अनुराग शर्मा की व्यंग्यात्मक कहानी "सम्बन्ध" का पाठ सुना था।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं मुंशी प्रेमचन्द की मार्मिक कहानी अग्निसमाधि जिसे स्वर दिया है हिन्दी और मराठी की एक सफल वॉइस ओवर आर्टिस्ट माधवी चारुदत्ता ने। उनके स्वर में आचार्य विनोबा भावे द्वारा धुले जेल में मराठी भाषा में दिये गए गीता प्रवचन यहाँ सुने जा सकते हैं।

प्रस्तुत कथा का गद्य "भारत कोश" पर उपलब्ध है। "अग्निसमाधि" का कुल प्रसारण समय 28 मिनट 18 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।





मैं एक निर्धन अध्यापक हूँ ... मेरे जीवन मैं ऐसा क्या ख़ास है जो मैं किसी से कहूं
 ~ मुंशी प्रेमचंद (१८८०-१९३६)

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

एक क्षण में एक ज्वाला-सी दहक उठी। उसने चिल्ला कर पुकारा, “कौन है वहाँ? अरे, यह कौन आग जलाता है?”
 (मुंशी प्रेमचन्द कृत "अग्निसमाधि" से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.


(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)
यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
अग्निसमाधि MP3

#25th Story, Agnisamadhi: Munshi Premchand/Hindi Audio Book/2013/25. Voice: Madhavi Charudatta

The Radio Playback Originals (Click on the covers to reach out the Albums)



Popular Posts सर्वप्रिय रचनाएँ