Showing posts with label Pradeep Sharma. Show all posts
Showing posts with label Pradeep Sharma. Show all posts

Tuesday, May 17, 2011

सजीव सारथी के काव्य संग्रह "एक पल की उम्र लेकर" का ऑनलाइन विमोचन और लघु फिल्म "नौ महीने" का प्रीमियर

सजीव सारथी हिंद युग्म से २००७ में जुड़े थे बतौर कवि. युग्म की स्थायी सदस्यता मिलने के बाद वो लगातार १ साल तक निरंतर कविताओं के माध्यम से पाठकों से जुड़े रहे. २००७ के अंतिम महीनों में अल्बम "पहला सुर" पर उन्होंने काम शुरू किया जो इन्टरनेट पर संगीत को नए सिरे से प्रस्तुत करने की दिशा में एक अहम कदम साबित हुआ. २००८ में रीलिस हुई अल्बम "पहला सुर" संगीत के एक नए युग की शुरुआत लेकर आया. बहुत से नए संगीत कर्मियों ने हिंद युग्म से जुड़ने की इच्छा जाहिर की और यहीं जरुरत महसूस हुई एक नए घटक "आवाज़" के शुभारंभ की. जुलाई २००८ में शुरू हुए आवाज़ ने कुछ ऐसे काम कर दिखाए जिन्हें बड़ी बड़ी संगीत कम्पनियाँ भी अपने बैनर पर करते हिचकते हैं. सजीव ने सुजॉय, अनुराग शर्मा, विश्व दीपक तन्हा, सुमित और रश्मि प्रभा जैसे कार्यकर्ताओं के दम पर आवाज़ का एक बड़ा कुनबा तैयार किया. इसी बीच सजीव का रचना कर्म भी निरंतर जारी रहा. एक गीतकार के रूप में भी और कविता के माध्यम से भी. उनके रेडियो साक्षात्कारों को सुनने के बाद केरल के एक प्रकाशक ने उनकी कविताओं का संग्रह निकालने की पेशकश की. २०११ अप्रैल में इस संग्रह की पहली प्रति उनके हाथ आई. प्रथम संस्करण में इस पुस्तक की ५००० प्रतियाँ छपी जा रही है, आवाज़ पर आज इसी पुस्तक का ऑनलाइन विमोचन है. आपने नीचे दिए गए चित्र जहाँ "फीता काटें" लिखा है वहाँ खटका लगाना है और करना है इस कविता संग्रह "एक पल की उम्र लेकर" का विधिवत विमोचन.



धन्येवाद

इस संग्रह की अधिकतर कविताओं में सजीव का शहर दिल्ली एक अहम किरदार के रूप में मौजूद दिखाई देता है. तो विचार हुआ कि क्यों न जन साधारण को समर्पित ये कवितायें दिल्ली के कुछ एतिहासिक स्थानों पर आम लोगों के हाथों भी विमोचित की जाए. नीचे के स्लाईड शो में इसी विमोचन की कुछ तस्वीरें हैं, देखिये...



आम तौर पर आवाज़ पर हुए सभी पुस्तक विमोचनों में हम प्रस्तुत पुस्तक की कविताओं को विभिन्न आवाजों में पेश करते आये हैं. पर चूँकि सजीव विविधता में विश्वास रखते हैं तो हमने सोचा कि क्यों न यहाँ भी कुछ नया किया जाए. इसलिए हमने पुस्तक की कुछ कविताओं को एक लघु फिल्म के माध्यम से पेश करने की योजना बनायीं जिसे नाम दिया है "द अवेकनिंग सीरिस" का, इस शृंखला की पहली कड़ी के रूप में एक लघु फिल्म "दोहराव" हम पेश कर चुके हैं. आज पुस्तक के इस विधिवत विमोचन के साथ हम पेश कर रहे हैं इस कड़ी की दूसरी पेशकश - "नौ महीने". सजीव की इस कविता को स्वर दिया है जाने माने आर जे प्रदीप शर्मा जी ने, वीडियो को सम्पादित किया है आधारशिला फिल्म्स के लिए जॉय कुमार ने, संगीत है ऋषि एस का और पब्लिशिंग पार्टनर हैं हेवन्ली बेबी बुक्स, कोच्ची, जिनके माध्यम से ये पुस्तक बाज़ार में आज उपलब्ध हो पायी है.



आपकी राय और सुझावों का हमें इंतज़ार रहेगा. इस ऑनलाइन विमोचन में शामिल होने के लिए धन्येवाद.

Friday, August 27, 2010

हिंदी या उर्दू का उच्चारण ठीक करना चाहते है....आज ही इस मौके का लाभ उठायें

दोस्तों नए गीतों के सिलसिले को एक बार फिर रोक कर आज हम उपस्थित हुए हैं एक जरूरी सूचना आप तक पहुंचाने के लिए. यदि आप सफल समाचार वाचक, रिपोर्टर, आर. जे. या voice over आर्टिस्ट या गायक बनना चाहते हैं? या आप अपना हिंदी या उर्दू का उच्चारण ठीक करना चाहते है, तो आपके लिए एक सुनहरा मौका हम लेकर आये है. रेडियो और टीवी के जाने माने वरिष्ठ commentator, newsreader और आर. जे. प्रदीप शर्मा २५ घंटों की एक विशेष वर्कशॉप का आयोजन कर रहे हैं. आवाज़ की पहल पर प्रदीप जी इस वर्कशॉप के लिए तैयार हुए हैं. भाषा की शुद्धता और अदायगी दोनों ही सभी भाषा के सिपाहियों के लिए अति आवश्यक है, तो इस मौके को बिलकुल भी हाथ से न जाने दें.

इस वर्कशॉप में practicals पर विशेष जोर दिया जाएगा. इच्छुक अपना पंजीकरण ५ सितम्बर २०१० तक pramadu@gmail.com पर या हिंद युग्म के मेल यानी hindyugm@gmail.com पर करवा सकते हैं.


प्रदीप शर्मा
प्रदीप शर्मा देश विदेश में क्रिकेट commentary तथा स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस की कई वर्षों से commentary कर रहे हैं. आपका तजुर्बा ऑडियो मीडिया में लगभग ३५ वर्षों का है. ढेरों टीवी कार्यक्रमों, धारावाहिकों, और फिल्म्स के लिए भी आप डब्बइंग कर चुके हैं. अब तक सैकड़ों युवा प्रतिभाओं और प्रोफेशनल्स को प्रशिक्षण दे चुके हैं. फिल्म और संगीत जगत के ढेरों जानी मानी हस्तियों के प्रदीप जी द्वारा लिए गए कई साक्षात्कार रेडियो से प्रसारित हो चुके हैं.

Sunday, March 14, 2010

काव्यनाद की AIR FM Rainbow पर घंटे भर हुई चर्चा

होली के अवसर पर एआईआर एफ रेन्बो पर पूरा 1 घंटा काव्यनाद की चर्चा हुई। सजीव सारथी की लाइव बातचीत और इन्हीं के पसंद के गाने, साथ में काव्यनाद का एक गीत भी बजाया गया जिसे DTH और FM रेडियो के माध्यम से पूरे हिन्दुस्तान ने सुना।

यह काव्यनाद की सफलता ही कही जायेगी कि इसे दुनिया भर में एक विशेष तरह का प्रयास माना जा रहा है। AIR FM Rainbow के कलाकार कैसे-कैसे कार्यक्रम में सजीव से इसी विषय पर बातचीत की गई। इससे पहले भी AIR FM Rainbow पर निखिल आनंद गिरि और सजीव सारथी का इंटरव्यू प्रसारित हो चुका है। 'पहला सुर' के विमोचन के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के कम्यूनिटी रेडियो DU-FM पर सजीव सारथी से प्रदीप शर्मा की लम्बी बातचीत प्रसारित हुई थी। लेकिन बहुत कम मौकों पर हम इस तरह के प्रसारणों को रिकॉर्ड कर पाते हैं, लेकिन इस बार विनीत भाई ने इसे रिकॉर्ड कर दिया हम आपको सुनवा पा रहे हैं।

ग़ौरतलब है कि 'काव्यनाद' में प्रसाद, पंत, निराला, महादेवी, दिनकर और गुप्त की प्रतिनिधि कविताओं को संगीतबद्ध करके संकलित किया गया है, जिसका विमोचन 1 फरवरी 2010 को ‍19वें विश्व पुस्तक मेला में अशोक बाजपेयी, विभूतिनारायण राय और डॉ॰ मुकेश गर्ग ने किया था। मेले के दौरान यह एल्बम सबसे अधिक बिकने वाले उत्पादों में से एक में रहा था।

सुनिए रेडियो कार्यक्रम 'कलाकार कैसे-कैसे'---



यदि प्लेयर से सुनने में परेशानी आ रही हो तो मूल इंटरव्यू को यहाँ से डाउनलोड कर लें।

The Radio Playback Originals (Click on the covers to reach out the Albums)



Popular Posts सर्वप्रिय रचनाएँ