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Saturday, June 18, 2011

रबीन्द्र नाथ ठाकुर की कहानी "काबुलीवाला"

सुनो कहानी: रबीन्द्र नाथ ठाकुर की "काबुलीवाला"
'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने क़ैस जौनपुरी की कहानी "सफ़ीना" का पॉडकास्ट सुना था उन्हीं के स्वर में। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं रबीन्द्र नाथ ठाकुर की एक कहानी "काबुलीवाला", जिसको स्वर दिया है संज्ञा टंडन ने।

कहानी का कुल प्रसारण समय 7 मिनट 37 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।



पक्षी समझते हैं कि मछलियों को पानी से ऊपर उठाकर वे उनपर उपकार करते हैं।
~ रबीन्द्र नाथ ठाकुर (1861-1941)

हर शनिवार को आवाज़ पर सुनें एक नयी कहानी

आकाश में हाथी सूँड से पानी फेंकता है, इसी से वर्षा होती है।
(रबीन्द्र नाथ ठाकुर की "काबुलीवाला" से एक अंश)

नीचे के प्लेयर से सुनें.
(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)


यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
VBR MP3
#133th Story, Kabuliwala: Rabindra Nath Thakur Tagore/Hindi Audio Book/2011/15. Voice: Neelam Mishra

Saturday, April 10, 2010

रबीन्द्र नाथ ठाकुर की कहानी "काबुलीवाला"

रबीन्द्र नाथ ठाकुर की कहानी "काबुलीवाला"
सुनो कहानी: रबीन्द्र नाथ ठाकुर की "काबुलीवाला"
'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में हिंदी साहित्यकार हरिशंकर परसाई की हृदयस्पर्शी कहानी "चार बेटे" का पॉडकास्ट सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं रबीन्द्र नाथ ठाकुर की एक कहानी "काबुलीवाला", जिसको स्वर दिया है नीलम मिश्रा ने।

कहानी का कुल प्रसारण समय 6 मिनट 54 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।



पक्षी समझते हैं कि मछलियों को पानी से ऊपर उठाकर वे उनपर उपकार करते हैं।
~ रबीन्द्र नाथ ठाकुर (1861-1941)

हर शनिवार को आवाज़ पर सुनें एक नयी कहानी

आकाश में हाथी सूँड से पानी फेंकता है, इसी से वर्षा होती है।
(रबीन्द्र नाथ ठाकुर की "काबुलीवाला" से एक अंश)

नीचे के प्लेयर से सुनें.
(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)


यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
VBR MP3
#68th Story, Kabuliwala: Rabindra Nath Tagore/Hindi Audio Book/2010/13. Voice: Neelam Mishra

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