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शुक्रवार, 29 अगस्त 2008

इस बार, नज़रों के वार, आर या पार...

दूसरे सत्र के नवें गीत का विश्वव्यापी उदघाटन आज.

इन्टरनेट गठजोड़ का एक और ताज़ा उदाहरण है ये नया गीत, IIT खड़कपुर के छात्र ( आजकल पुणे में कार्यरत ), और हिंद युग्म के बेहद मशहूर कवि विश्व दीपक 'तनहा' ने अपना लिखा गीत भेजा, युग्म के सबसे युवा संगीतकार सुभोजित को, और जब गीत को आवाज़ दी दूर ब्रिस्टल (UK) में बैठे गायक बिस्वजीत ने, तो बना, सत्र का नवां गीत. "आवारा दिल", सुभोजित के ये दूसरा गीत है, वहीँ "जीत के गीत" गाते, बिस्वजीत अब युग्म के चेहेते गायक बन चुके हैं, तनहा का ये पहला गीत है, इस आयोजन में, जिनका कहना है -

"प्रेयसी सब को प्रिय होती है,परंतु जिसकी प्रेयसी हो हीं नहीं,उसके लिए तो प्रेयसी कुछ और हीं हो जाती है। यह गीत मुझ जैसे हीं एक अनजान प्रेमी की कहानी है,जो जानता नहीं कि उसकी प्रेयसी कहाँ है, लेकिन यह जानता है कि अगर उसकी प्रेयसी कहीं है तो वो उसका आग्रह अस्वीकार नहीं कर सकती। "सरकार" अपनी प्रजा का बुरा तो नहीं चाहेगी ना ;),वैसे भी वह दूर कैसे जा सकेगी, जबकि उस प्रेमी का हर कदम अपनी प्रेयसी की हीं ओर है।"

तो दोस्तों, इस दुआ के साथ की कि हमारे मित्र "तन्हा", की तनहायी जल्दी ही दूर हो, सुनते हैं ये ताज़ा तरीन गीत. आप अपने विचार टिप्पणियों के मध्यम से हम तक अवश्य पहुंचायें.

गीत को सुनने के लिए नीचे के प्लेयर पर क्लिक करें -




Biswajith this time sung for the youngest composer of our Awaaz team, Subhojit, while the lyrics, penned for the first time by Vishwa Deepak 'Tanha', a well known poet from Hind Yugm.
This is what subhojit said about the song "This song, I composed is my best till date, according to me. Firstly, the lyrics was very good and romantic. Secondly, the music was made many times but ultimately this one was selected. Lastly Biswajit sung this song very well. Hope everyone will like this song".
Biswajith too hope the same here "When i heard Mere sarkaar for the first time, I fell in love with it. What really amazed me is the simplicity yet deep feelings the lyrics carries, hats off to Vishwa Deepakji. About the music of Shubhojit, I have only word - "Rocking".While singing this song, I had to really live the character and then it was easy for me to perform. I really enjoyed singing this beautiful song. It's always interesting to feel romantic and sing a song full of love and passion"
We hope our audience will also enjoy listening to this one, feel free to convey your thoughts to us through your valuable comments.

Please click on the player to listen to this brand new song -




सुभोजेतबिस्वजीत

Lyrics - गीत के बोल -

इस बार
मेरे सरकार
चलो तुम जिधर
चलूँ मैं यार।
इस बार
तेरी झंकार
सुनूँ मैं जिधर
मुड़ूँ मैं यार।

इस बार
नज़रों के वार,
आर या पार।

तुम ना जानो , इस शहर में
विश्व दीपक तन्हा


कोई भी तुम-सी नहीं,
बोल कर सब, कुछ ना कहे जो,
ऐसी कोई गुम-सी नहीं;
एक गज़ल है ये बदन तेरा,
तेरे रूख से जागे सवेरा।

मैं बेकरार , हूँ बेकरार,
इस बार
नज़रों के वार,
आर या पार।

जो कहे तू, तेरी खातिर,
सारी दुनिया छोड़ दूँ,
घर करूँ मैं, तेरे दिल में,
मेरे घर को तोड़ हीं दूँ;
होगा तब हीं ये प्यार जन्म,
एक रूह जो बन जाए हम।

मैं बेकरार , हूँ बेकरार,
इस बार
नज़रों के वार,
आर या पार।

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SONG # 09, SEASON # 02, "MERE SARKAAR", OPENED ON 29/08/2008, AWAAZ, HIND YUGM
Music @ Hind Yugm, where music is a passion

ब्लॉग/वेबसाइट/ऑरकुट स्क्रैपबुक/माईस्पैस/फेसबुक में 'मेरे सरकार' का पोस्टर लगाकर नये कलाकारों को प्रोत्साहित कीजिए

शुक्रवार, 15 अगस्त 2008

जीत के गीत संग, मनाएं जश्न -ऐ- आज़ादी

दूसरे सत्र के सातवें गीत का विश्वव्यापी उदघाटन आज.

सभी संगीत प्रेमियों को आज़ाद भारत की ६१ वीं सालगिरह मुबारक.

कुछ तो है बात जो, हस्ती मिटती नही हमारी,
सदियों रहा है दुश्मन, दौरे जहाँ हमारा.

महंगाई की मार से बेहाल, आतंकवादी हमलों से सहमे, सांप्रदायिक हिंसा से खौफ खाये, एक बेहद मुश्किल दौर से गुजरते आम आदमी के चेहरे पर तब मुस्कराहट लौट आती है जब दूर बीजिंग से ख़बर आती है, कि एक २४ वर्षीय युवा ने ओलंपिक में तिरंगा लहराया है. अपनी तमाम चिताएं, और परेशानियों को भूलकर कश्मीर से कन्याकुमारी तक हर भारतीय फ़िर एक
बार भारतीय होने का गर्व महसूस करने लगता है. आज हमें एक नही, दो नही हजारों, करोड़ों अभिनव बिंद्रा चाहिए, जो असंख्य देश प्रेमियों की, अनगिनत कुर्बानियों की बदौलत मिले इस आज़ादी के तोहफे का मान रख सके. आज हिंद युग्म, देश के युवाओं से अपील करता है कि वो आगे बढ़ें और कमान संभालें, राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें, अपने लिए सही राह चुनें, जीत के लक्ष्य को लेकर चलें, और अपने भीतर छुपे "अभिनव" को बाहर लेकर आयें. कुछ ऐसे ही भावों से ओत प्रेत है, हमारा आज के ये गीत भी. इस गीत के माध्यम से एक बार फ़िर हिंद युग्म अपनी एक और नई खोज, एक नई आवाज़ को विश्वमंच दे रहा हैं. ओडिसा की मिट्टी से उड़कर एक आवाज़ जो दूर UK में जाकर बस गयी थी,बिस्वजीत की,जिसे ढूंढ निकला हमारी टीम ने. संगीत है, ऋषि एस का और बोल लिखे हैं, सजीव सारथी ने. तो सुनिए ये ताज़ातरीन गीत और इस युवा गायक को अपना मार्गदर्शन देकर प्रोत्साहित कीजिये.

गीत को सुनने के लिए नीचे के प्लेयर पर क्लिक करें -




"Jeet Ke geet" is an inspirational song for people fighting for different purposes in life. This song is for motivating them to keep going ahead when they loose hopes at the times of failure. The uniqueness of the song is, it is a song of everyone as life is never complete without hurdles.

This has been rendered by Biswajit, the newest Hind Yugm discovery presently working in Bristol,UK for whom singing is his life. About making of this song, he states-
"The major challenge in this song was to have an inspirational voice while singing. So, I was remembering how my father used to inspire when I was not doing well in the exams. How he was sounding at that time. That really helped”.

Composer Rishi S. put the experience in these words -

कुछ गाने ऐसे होते हैं जो मैं अपने ख़ुद के लिये बनाता हूँ ."जीत के गीत" ऐसा ही एक गाना है. बिस्वजीत जी का यह पहला गाना है युग्म के लिए. मैंने तस्वीर बनाई तो, सजीव जी ने उसमें रंग भर दिए और बिस्वजीत जी की आवाज़ ने उसमें जान फूंक दी जैसे. अगर धुन बनाते समय यह पता होता कि इस गाने के बोल और आवाज़ इतनी बढ़िया होगी तो शायद इससे बेहतर कुछ बना लेता ! Thanks to Sajeev and Biswajith

Like earlier songs of Hind Yugm, this song also has been made through
the internet jamming ( This time it was between India, US and UK ). Hope this song is going to inspire the listeners to achieve their dreams.

To listen to this brand new song, please click on the player below





Lyrics - गीत के बोल

बहते बहते धारे,
कहते तुझसे सारे,
चलना है राही ये जीवन,
छाए बादल कारे,
डूबे चन्दा तारे,
डूबे न साथी तेरा मन,
साँस में आस के सुर,
दिल में मंजिल की धुन,
जीत के गीत गा रे ....
बहते बहते धारे,
कहते तुझसे सारे,
चलना है साथी ये जीवन,

माना राहें तेरी,
इस पल हैं अँधेरी,
ढलने ही वाली है ये रात,
बदलेगा ये मौसम,
कल ये सारा आलम,
समझेगा तेरे दिल की बात,
थम ना जाना, बीच सफर राही,
है किनारा, तेरा, आज भंवर साथी,
तूफानों से तू लड़ता चल...
बहते बहते....

पर्वत सा इरादा,
कर ले ख़ुद से वादा,
हारेगा न तू हौसला,
निश्चल तेरा मन हो,
सच्ची जो लगन हो,
तो फ़िर है क्या ये फासला,
मन के हारे, हार है साथी
मन के जीते, बढ़ते, जाते राही,
सच की डगर तू चलता चल...
बहते बहते...

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SONG # 07, SEASON # 02, "JEET KE GEET" OPENED ON 15/08/2008 @ HINDYUGM AWAAZ.
Music @ Hind Yung, where music is a passion

The Radio Playback Originals (Click on the covers to reach out the Albums)



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