Showing posts with label Aawaaz ke vahak. Show all posts
Showing posts with label Aawaaz ke vahak. Show all posts

Thursday, March 5, 2009

इंटरनेट की मदद से हिन्दी की जड़ें मज़बूत होंगी

मानना है कथावाचक शन्नो अग्रवाल का

पिछली बार पूजा अनिल ने आपको आवाज़ के पॉडकास्ट कवि सम्मेलन की संचालिका डॉ॰ मृदुल कीर्ति से मिलवाया था। इस बार ये एक नई शख्सियत के साथ हाज़िर हैं, एक नये प्रयोग के साथ। मृदुल कीर्ति के साक्षात्कार को इन्होंने लिखित रूप से प्रस्तुत किया था, लेकिन इस बार बातचीत को आप सुन भी सकते हैं। इंटरव्यू है प्रेमचंद की कहानियों का वाचन कर श्रोताओं का मन जीत चुकी शन्नो अग्रवाल का। यह इंटरव्यू 'स्काइपी' की मदद से सीधी बातचीत की रिकॉर्डिंग है। सुनें और बतायें कि यह प्रयोग आपको कैसा लगा?





The Radio Playback Originals (Click on the covers to reach out the Albums)



Popular Posts सर्वप्रिय रचनाएँ