300 years completed लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
300 years completed लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

सोमवार, 20 अक्तूबर 2008

आस्था और विश्वास के ३०० वर्ष (विश्व भर के सिख समुदायों को आवाज़ की शुभकामनायें)

लगभग ३०० वर्ष पहले, एक अकेला इंसान बुराई और अत्याचार के ख़िलाफ़ खड़ा हुआ. उसने बहुत से नुकसान उठाये और कष्ट सहे. उनके माता-पिता का कत्ल कर दिया गया. चार बच्चों को मौत के घाट उतार दिया गया. दो मासूमों को तो दीवारों में चुनवा दिया गया जिनकी उम्र मात्र ९ और ७ वर्ष थी. जब दुश्मनों ने उन्हें चारों तरफ़ से घेर लिया तो भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी, वह परमेश्वर की तरफ़ मुड़ा ख़ुद को सबल करने के लिए. ये कविता उसी शख्स की है.

पटना,बिहार में जन्मे श्री गुरु गोविन्द सिंह (दिसम्बर २२,१६६६ - ७ अक्टूबर १७०८) जी सिखों के दसवें गुरु थे जिनके बाद ग्यारहवें और अन्तिम गुरु के रूप में गुरु ग्रन्थ साहिब की स्थापना हुई थी. ये पवित्र ग्रन्थ वास्तव में सिख विश्वास का आधार है. सभी दसों गुरुवों के जीवन काल को समेटे १४३० पृष्ठों के इस महाग्रंथ के संकलन का काम सबसे पहले पांचवें गुरु अर्जुन देव जी ने शुरू किया था. गुरमुखी या संत भाषा में लिखे इस आदि ग्रन्थ के ३०० वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य विश्व भर में बसे सभी सिख मित्रों और उनके परिवारों को आवाज़ परिवार बधाइयाँ संप्रेषित कर रहा है, श्री गुरु गोविन्द सिंह जी के लिखे इस प्रार्थना के साथ, जिसका संगीत तैयार किया है UK में बसे श्री राजेंदर सिंह जी ने. साथ में अमृत संधू जी का आभार जिन्होंने इसे यू ट्यूब पर उपलब्ध करवाया -



The Radio Playback Originals (Click on the covers to reach out the Albums)



Popular Posts सर्वप्रिय रचनाएँ