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Tuesday, March 1, 2016

स'आदत हसन मंटो की कथा कुत्ते की दुआ

जहाँ तक मंटो को भारत और पाकिस्तान में मिलने वाले सम्मान का सवाल है तो पाकिस्तान का समाज तो ख़ैर एक बंद समाज था और वहाँ उनकी कहानियों पर प्रतिबंध लगा और उन पर मुक़दमे चले। लेकिन मैं समझता हूँ कि भारत में प्रेमचंद के बाद यदि किसी लेखक पर काम हुआ है तो वह मंटो है। हिंदी में भी, उर्दू में भी।
~ कमलेश्वर (प्रसिद्ध लेखक और उपन्यासकार)

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने उषा छाबड़ा के स्वर में उन्हीं की शिक्षाप्रद लघुकथा लघुकथा "मुस्कान" का पाठ सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं, स'आदत हसन मंटो की कथा कुत्ते की दुआ, माधवी चारुदत्ता के स्वर में।

इस कहानी कुत्ते की दुआ का कुल प्रसारण समय 19 मिनट 20 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।



पागलख़ाने में एक पागल ऐसा भी था जो ख़ुद को ख़ुदा कहता था. ~ स'आदत हसन मंटो (१९१२-१९५५)

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी कहानी


"गोल्डी मेरे पास पंद्रह बरस से था।”
 (स'आदत हसन मंटो की कथा "कुत्ते की दुआ" से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.


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यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
मुस्कान MP3

#Seventh Story, Kutte Ki Dua: Saadat Hasan Manto/Hindi Audio Book/2016/7. Voice: Usha Chhabra

Tuesday, July 22, 2014

बोलती कहानियाँ: तरह तरह के बिच्छू

'बोलती कहानियाँ' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं नई पुरानी रोचक कहानियाँ। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार हरिशंकर परसाई का व्यंग्य "बदचलन" का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं "तरह तरह के बिच्छू", दो पुरानी बोधकथाओं का नया रूप, अनुराग शर्मा की लेखनी और माधवी चारुदत्ता के स्वर में।

कहानी "तरह तरह के बिच्छू" का कुल प्रसारण समय 5 मिनट 49 सेकंड है। कहानी का गद्य बर्ग वार्ता ब्लॉग पर उपलब्ध है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं देर कैसी? अधिक जानकारी के लिए कृपया अधिक जानकारी के लिए कृपया हमें admin@radioplaybackindia.com पर संपर्क करें।



बेलगाम खरी-खोटी कहने भर से कोई सत्यवादी नहीं हो जाता, सत्य सुनने का साहस, और सत्य स्वीकारने की समझ भी ज़रूरी है।
~ अनुराग शर्मा



"बोलती कहानियाँ" में हर सप्ताह सुनें एक नयी कहानी


इंसान भले ही निस्वार्थ होकर संन्यास ले लें वह कभी भी विश्वास-योग्य नहीं हो सकते हैं।
(अनुराग शर्मा की "तरह तरह के बिच्छू" से एक अंश)


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यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
तरह तरह के बिच्छू MP3

#Sixth Story, Bichchhu: Anurag Sharma/Hindi Audio Book/2014/06. Voice: Madhavi Ganpule

Tuesday, June 25, 2013

अराधना चतुर्वेदी "मुक्ति" की रहस्य-कथा आदत

इस साप्ताहिक स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अर्चना चावजी के स्वर में मुंशी प्रेमचंद की मर्मस्पर्शी कहानी "कायर" का पाठ सुना था।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं आराधना चतुर्वेदी 'मुक्ति' की रहस्य-कथा आदत जिसे स्वर दिया है माधवी चारुदत्ता ने जोकि हिन्दी और मराठी की एक सफल वॉइस ओवर आर्टिस्ट हैं। उनके स्वर में आचार्य विनोबा भावे द्वारा धुले जेल में मराठी भाषा में दिये गए गीता प्रवचन यहाँ सुने जा सकते हैं।

कहानी आदत का गद्य "आराधना का ब्लॉग" पर उपलब्ध है।  "आदत" का कुल प्रसारण समय 8 मिनट 20 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।






डॉ. आराधना चतुर्वेदी "मुक्ति" जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय मैं एक शोधकर्ता हैं। कविताओं के साथ-साथ वे कहानी और आलेख भी लिखती हैं।

लोग, जो बनाते हैं मूरतें भगवानों की
रहा करते हैं वो शहर की तंग गलियों की झोपडियों में
उनके लिए भगवान् सिर्फ एक आइटम है
जिसे पूरा कर लिया जाना है एक निश्चित समय में...
वो पूजते नहीं उसे,
बनाकर एक ओर रख देते हैं।
 ~ आराधना चतुर्वेदी

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

“रात में सोते हुए भी बीच-बीच में नींद खुल जाती और उसे महसूस होता कि कोई उसे देख रहा है।”
 (आराधना चतुर्वेदी कृत "आदत" से एक अंश)


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(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)
यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
आदत MP3

#23rd Story, Aadat: Aradhana Chaturvedi/Hindi Audio Book/2013/23. Voice: Madhavi Charudatta

The Radio Playback Originals (Click on the covers to reach out the Albums)



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