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मंगलवार, 5 फ़रवरी 2013

ओ हेनरी की इबादत (अ सर्विस ऑफ़ लव)

'बोलती कहानियाँ' स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में डा. अमर कुमार की लघुकथा ""अपनों ने लूटा" का पॉडकास्ट सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं प्राख्यात अमेरिकी कथाकार ओ हेनरी की अंग्रेज़ी कहानी "A service of love" का हिन्दी अनुवाद "इबादत", अर्चना चावजी, अनुभव प्रिय और सलिल वर्मा की आवाज़ में। हिन्दी अनुवाद अनुभव प्रिय का है और प्रस्तुति को संगीत से संवारा है पद्मसिंह ने।

कहानी का कुल प्रसारण समय 13 मिनट 42 सेकंड है। आप भी सुनें और अपने मित्रों और परिचितों को भी सुनाएँ  और हमें यह भी बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

 यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

“जब बिना कालर का चोर पकड़ा जाता हैं, तो उसे सबसे दुराचारी और दुष्ट कहा जाता है।”
ओ हेनरी

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी कहानी

"अच्छा, जल्दी से हाथ मुँह धो लो, मैं खाना लगती हूँ।"
(ओ हेनरी की "इबादत" से एक अंश)

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 #Fifth Story, Ibadat  O Henry/Hindi Audio Book/2013/5. Voice: Archana Chaoji 

मंगलवार, 18 दिसंबर 2012

बोलती कहानियाँ: झलमला - पदुमलाल पन्नालाल बख्शी

सेर भर सोने को हजार मन कण्डे में, खाक कर छोटू वैद्य रस जो बनाते हैं।
लाल उसे खाते तो यम को लजाते, और बूढ़े उसे खाते देव बन जाते हैं।
रस है या स्वर्ग का विमान है या पुष्प रथ, खाने में देर नहीं, स्वर्ग ही सिधाते हैं।
सुलभ हुआ है खैरागढ़ में स्वर्गवास, और लूट घन छोटू वैद्य सुयश कमाते हैं।
(पदुमलाल पन्नालाल बख्शी की "घनाक्षरी", अप्रैल 1931 में "प्रेमा" में प्रकाशित)

'बोलती कहानियाँ' स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में श्री हंसराज “सुज्ञ” की हिन्दी लघुकथा ""आसक्ति की मृगतृष्णा" का पॉडकास्ट सुना था। 18 दिसंबर को सरस्वती पत्रिका के कुशल संपादक, साहित्य वाचस्पति और ‘मास्टरजी’ के नाम से प्रसिद्ध हिन्दी के प्रख्यात साहित्यकार डॉ. पदुमलाल पन्नालाल बख्शी की पुण्यतिथि पर रेडियो प्लेबैक इंडिया की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं साहित्य वाचस्पति पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी ‘मास्टरजी’ की लघुकथा "झलमला", अनुराग शर्मा की आवाज़ में।

प्रस्तुत कहानी "झलमला" का पाठ उदन्ती.कॉम पर पढ़ा जा सकता है। कहानी का कुल प्रसारण समय 5 मिनट 40 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

 यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।


डॉ. पदुमलाल पन्नालाल बख्शी
जन्म: २७ मई, १८९४
राजनांदगांव, छत्तीसगढ़, भारत
मृत्यु: १८ दिसंबर, १९७१
रायपुर, छत्तीसगढ़, भारत

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी कहानी

"'भाभी क्या तुम्हारे प्रेम के आलोक का इतना ही मूल्य है।?"
(डॉ. पदुमलाल पन्नालाल बख्शी की लघुकथा "झलमला" से एक अंश)

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 #42nd Story, Jhalmala: Padumlal Punnalal Bakshi/Hindi Audio Book/2012/42. Voice: Anurag Sharma

मंगलवार, 4 दिसंबर 2012

बोलती कहानियाँ: आसक्ति की मृगतृष्णा

'बोलती कहानियाँ' स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अर्चना चावजी की आवाज़ में प्राख्यात अमेरिकी कथाकार ओ हेनरी की अंग्रेज़ी कहानी "द लास्ट लीफ" का हिन्दी अनुवाद ""अनोखी कलाकृति" का पॉडकास्ट सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं हिन्दी कवि, लेखक, ब्लॉगर और विचारक श्री हंसराज “सुज्ञ” की लघुकथा "आसक्ति की मृगतृष्णा", अनुराग शर्मा की आवाज़ में।

आज श्री हंसराज सुज्ञ जी का जन्मदिन भी है। रेडियो प्लेबैक इंडिया परिवार की ओर से उन्हें हार्दिक बधाई और मंगलकामनाएँ!

प्रस्तुत कहानी "आसक्ति की मृगतृष्णा" का पाठ हिन्दी ब्लॉग श्रुत-सुज्ञ पर पढ़ा जा सकता है। कहानी का कुल प्रसारण समय ३ मिनट १३ सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

 यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

“सामान्य श्रेणी का मनुष्य भी महापुरुषों की श्रेणी में सहज ही पहुंच सकता है।”
श्री हंसराज “सुज्ञ”
मुंबई में आयात-निर्यात और घरेलू आपूर्ति में व्यवसायरत। साहित्य, इतिहास और आध्यात्म में गहन रूचि। जीवन-शैली में नैतिक जीवन-मूल्यों के प्रसार प्रयोजन को समर्पित। निरामिष सामूहिक ब्लॉग के संस्थापक व संचालक।

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी कहानी

"चिथड़ों में लिपटा उसका ढीला-ढाला और झुर्रियों से भरा बुढ़ापे का शरीर।"
(श्री हंसराज “सुज्ञ” की लघुकथा "आसक्ति की मृगतृष्णा" से एक अंश)

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 #41st Story, Asakti Ki Mrigtrishna: Hansraj Sugya/Hindi Audio Book/2012/40. Voice: Anurag Sharma

मंगलवार, 27 नवंबर 2012

ओ हेनरी की अनोखी कलाकृति

'बोलती कहानियाँ' स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अर्चना चावजी की आवाज़ में लोकप्रिय लेखिका रश्मि रविजा की कहानी ""कशमकश" का पॉडकास्ट सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं प्राख्यात अमेरिकी कथाकार ओ हेनरी की अंग्रेज़ी कहानी "द लास्ट लीफ" का हिन्दी अनुवाद "अनोखी कलाकृति", अर्चना चावजी की आवाज़ में।

कहानी का कुल प्रसारण समय १० मिनट २४ सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

 यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

“जब बिना कालर का चोर पकड़ा जाता हैं, तो उसे सबसे दुराचारी और दुष्ट कहा जाता है।”
ओ हेनरी

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी कहानी

"मिस्टर 'निमोनिया' स्त्रियों के साथ भी कोई रियायत नहीं करते थे।"  (ओ हेनरी की "अनोखी कलाकृति" से एक अंश)

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 #40th Story, Anokhi Kalakriti  O Henry/Hindi Audio Book/2012/40. Voice: Archana Chaoji 

मंगलवार, 13 नवंबर 2012

विष्णु बैरागी की यह उजास चाहिए मुझे

'बोलती कहानियाँ' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में आचार्य चतुरसेन की कहानी अब्बाजान का प्रसारण सुना था।

आज हम लेकर आये हैं "विष्णु बैरागी" की कहानी "यह उजास चाहिए मुझे", जिसको स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। कहानी का कुल प्रसारण समय है: 12 मिनट 39 सेकंड।

इस कथा का मूल आलेख विष्णु जी के ब्लॉग एकोऽहम् पर पढ़ा जा सकता है|

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।


भ्रष्टाचार का लालच मनुष्य की आत्मा को मार देता है।
~ विष्णु बैरागी


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“चारों के चारों, मेरे इस नकार को, घुमा-फिराकर मेरी कंजूसी साबित करना चाह रहे हैं। मुझे हँसी आती है किन्तु हँस नहीं पाता। डरता हूँ कि ये सब बुरा न मान जाएँ।”

(विष्णु बैरागी की "यह उजास चाहिए मुझे" से एक अंश)



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#38th Story, Yeh ujas chahiye mujhe: Vishu Bairagi/Hindi Audio Book/2012/38. Voice: Anurag Sharma

मंगलवार, 23 अक्तूबर 2012

बोलती कहानियाँ - "श्री अशफाक उल्ला खां – मैं मुसलमान तुम काफिर?"

'बोलती कहानियाँ' स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में प्राख्यात साहित्यकार श्री अन्तोन चेख़व की कहानी ""कमज़ोर" का पॉडकास्ट सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं शहीद अशफ़ाक़ उल्लाह खाँ के जन्मदिन पर काकोरी काण्ड के शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि प्रस्तुत करते हुए प्राख्यात स्वाधीनता सेनानी अमर शहीद पण्डित रामप्रसाद बिस्मिल की जीवनी से एक अंश "श्री अशफाक उल्ला खां – मैं मुसलमान तुम काफिर ?", अनुराग शर्मा की आवाज़ में।

मार्मिक संस्मरण "मैं मुसलमान तुम काफिर?" का टेक्स्ट "काकोरी काण्ड" पर उपलब्ध है। कहानी का कुल प्रसारण समय 3 मिनट 19 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

 यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

श्री अशफाक उल्ला खां (22 अक्टूबर 1900 - 19 दिसम्बर 1927)

“मरते बिसमिल रोशन, लहरी, अशफाक, अत्याचार से, होंगे पैदा सैकड़ों उनके रूधिर की धार से ।।”
श्री रामप्रसाद बिस्मिल (1897-19 दिसम्बर 1927)


हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी कहानी

"घर वालों के लाख मना करने पर भी अशफाक आर्य समाज जा पहुँचे और राम प्रसाद बिस्मिल से काफी देर तक गुफ्तगू करने के बाद उनकी पार्टी मातृवेदी के ऐक्टिव मेम्बर भी बन गये। यहीं से उनकी जिन्दगी का नया फलसफा शुरू हुआ। वे शायर के साथ-साथ कौम के खिदमतगार भी बन गये।"  ("श्री अशफाक उल्ला खां – मैं मुसलमान तुम काफिर?" से एक अंश)

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 #35th Story, Ashfaq Ullah Khan - Musalmaan-Kafir: Pt. Ramprasad Bismil/Hindi Audio Book/2012/35. Voice: Anurag Sharma

मंगलवार, 16 अक्तूबर 2012

बोलती कहानियाँ - कमज़ोर - अन्तोन चेख़व

'बोलती कहानियाँ' स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में प्राख्यात साहित्यकार अमृतलाल नागर की कहानी ""कवि का साथ" का पॉडकास्ट सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं प्रसिद्ध रूसी लोकप्रिय लेखक श्री अन्तोन चेख़व की कहानी "कमज़ोर", अनुराग शर्मा की आवाज़ में।

कहानी "कमज़ोर" का टेक्स्ट "हिन्दी समय" पर उपलब्ध है। कहानी का कुल प्रसारण समय 3 मिनट 19 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

 यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

“किसी भी व्यक्ति की हर चीज़ अच्छी होनी चाहिए। चाहे उसका चेहरा हो या उसकी आत्मा। चाहे उसके कपड़े हों या उसके विचार।”
अन्तोन चेख़व (1860-1904)

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी कहानी

"नहीं, नहीं, तीस में ही बात की थी । तुम हमारे यहाँ दो ही महीने तो रही हो।"  (अन्तोन चेख़व की "कमज़ोर" से एक अंश)

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#34rd Story, Kamzor: Anton Chekhov/Hindi Audio Book/2012/34. Voice: Anurag Sharma

मंगलवार, 9 अक्तूबर 2012

बोलती कहानियाँ - कवि का साथ - अमृतलाल नागर

हर सप्ताह हम आपको 'बोलती कहानियाँ' स्तम्भ के अंतर्गत प्रसिद्ध कहानियाँ सुनवा रहे हैं। पिछले सप्ताह आपने अर्चना चावजी की आवाज़ में प्राख्यात साहित्यकार भीष्म साहनी की कहानी ""फ़ैसला" का पॉडकास्ट सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं पद्म भूषण से सम्मानित लोकप्रिय लेखक श्री अमृतलाल नागर की कहानी "कवि का साथ" के अंश, अनुराग शर्मा की आवाज़ में।

कहानी "कवि का साथ" का टेक्स्ट "भारतीय साहित्य संग्रह" पर उपलब्ध है। कहानी का कुल प्रसारण समय 7 मिनट 3 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

 यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

उपन्यास बनकर इतिहास मानवीय समस्याओं को देखने, परखने के लिए ‘सूक्ष्मवीक्षण यन्त्र’ का-सा काम देने लगता है।
अमृतलाल नागर 
(17 अगस्त 1916 - 23 फ़रवरी 1990)

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी कहानी

‘‘तुम बुर्जुआ हो, अपने एक कवि मित्र का गौरव नहीं सहन कर सकते। तुम चूंकि कविता नहीं कर सकते मगर घड़ी खरीद सकते हो, इसलिए मेरे मान-सम्मान को अपने पैसे की शक्ति से दबाना चाहते हो......।’’
(अमृतलाल नागर की "कवि का साथ" से एक अंश)

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 #33rd Story, Kavi Ka Sath: Amritlal Nagar/Hindi Audio Book/2012/33. Voice: Anurag Sharma

शुक्रवार, 4 मई 2012

रचना बजाज की कहानी "अपनापन"

इस साप्ताहिक स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर शुक्रवार को आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं रचना बजाज जी की कहानी अपनापन जिसे स्वर दिया है अर्चना चावजी ने। कहानी "अपनापन" का कुल प्रसारण समय 2 मिनट 32 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।



जो धनी बनुँ तो दान करुँ, शिक्षित हूँ तो बाटुँ शिक्षा; इस जीवन मे पाई है, बस इतनी ही मैने दीक्षा।
 ~ रचना बजाज

हर शनिवार को आवाज़ पर सुनें एक नयी कहानी

फ़ातिमा चाची भी झट उनके पास आकर कहती , आरती दीदी मुझे भी अपने लिये बनाना है, मुझे भी सिखाओ ना!
 (रचना बजाज की "अपनापन" से एक अंश)


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#15th Story, Apanapan: Rachana Bajaj/Hindi Audio Book/2012/15. Voice: Archana Chaoji

शुक्रवार, 6 अप्रैल 2012

अनुराग शर्मा की कहानी भोला

'बोलती कहानियाँ' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अर्चना चावजी की आवाज़ में प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार बालमुकुन्द गुप्त की कहानी "मेले का ऊँट" का पॉडकास्ट सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं अनुराग शर्मा की एक कहानी "भोला", जिसको स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने। कहानी "भोला" का कुल प्रसारण समय 8 मिनट 21 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

 इस कथा का टेक्स्ट बर्ग वार्ता ब्लॉग पर उपलब्ध है। यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।


पतझड़ में पत्ते गिरैं, मन आकुल हो जाय। गिरा हुआ पत्ता कभी, फ़िर वापस ना आय।। ~ अनुराग शर्मा

हर शनिवार को आवाज़ पर सुनें एक नयी कहानी

जैन का बहुत सा पैसा स्टॉक मार्केट में डूबा था। मेरे खाते में जितना था वह तनेजा मार्केट में डूबा। (अनुराग शर्मा की "भोला" से एक अंश)


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#13th Story, Bhola: Anurag Sharma/Hindi Audio Book/2012/13. Voice: Anurag Sharma

शुक्रवार, 30 मार्च 2012

बोलती कहानियाँ - मेले का ऊँट - बालमुकुन्द गुप्त

 'बोलती कहानियाँ' स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने रीतेश खरे "सब्र जबलपुरी" की आवाज़ में निर्मल वर्मा की डायरी ' धुंध से उठती धुंध ' का अंश "क्या वे उन्हें भूल सकती हैं का पॉडकास्ट सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं बालमुकुन्द गुप्त का व्यंग्य "मेले का ऊँट, जिसको स्वर दिया है अर्चना चावजी ने।

इस प्रसारण का कुल समय 7 मिनट 33 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

समझ इस बात को नादां जो तुम में कुछ भी गैरत हो,
न कर उस काम को हरगिज कि जिसमें तुझको जिल्लत हो।
 ~  "बालमुकुन्द गुप्त" (1865 - 1907)

हर शुक्रवार को यहीं पर सुनें एक नयी कहानी

न जाने आप घर से खाकर गये थे या नहीं ...
(बालमुकुन्द गुप्त की "मेले का ऊँट" से एक अंश)

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 #Twelfth Story, Mele Ka Oont: Baba Bal Mukund Gupta/Hindi Audio Book/2012/12. Voice: Archana Chaoji

शुक्रवार, 16 मार्च 2012

बोलती कहानियाँ: घीसा (महादेवी वर्मा) - अर्चना चावजी

'बोलती कहानियाँ' स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अमर साहित्यकार बाबा नागार्जुन की मार्मिक कहानी "असमर्थ दाता का पॉडकास्ट प्राख्यात ब्लॉगर अर्चना चावजी की आवाज़ में सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं छायावाद की अमर कवयित्री महादेवी वर्मा द्वारा लिखी हृदयस्पर्शी कहानी "घीसा, जिसको स्वर दिया है अर्चना चावजी ने।

 कहानी का कुल प्रसारण समय 10 मिनट 17 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

अश्रु यह पानी नहीं है, यह व्यथा चंदन नहीं है!
महादेवी वर्मा (26 मार्च 1906 – 11 सितम्बर, 198)

हर शुक्रवार को यहीं पर सुनें एक नयी कहानी

जला हुआ काला वर्ण, टेढ़े मेढ़े पैर, दरकी हुई त्वचा, शुष्क बेतरतीब रस्सीनुमा केश। चीकट मैले कुरते की एक बांह पूरी, एक बांह आधी। मानो खेत में कौए को डराने के लिए कोई पुतला खड़ा हो। लेकिन आंखें एकदम चमकीली।
(महादेवी वर्मा की "घीसा" से एक अंश)

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 #Tenth Story, Gheesa: Mahadevi Verma/Hindi Audio Book/2012/10. Voice: Archana Chaoji

शुक्रवार, 9 मार्च 2012

बोलती कहानियाँ - असमर्थ दाता - नागार्जुन

'बोलती कहानियाँ' स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने प्राख्यात ब्लॉगर अर्चना चावजी की आवाज़ में उन्हीं की मार्मिक कहानी "मुनिया का बचपन का पॉडकास्ट सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं अमर साहित्यकार बाबा नागार्जुन द्वारा 1935 में लिखी हृदयस्पर्शी कहानी "असमर्थ दाता, जिसको स्वर दिया है अर्चना चावजी ने।

 कहानी का कुल प्रसारण समय 11 मिनट 26 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

एक पूत भारतमाता का, कन्धे पर है झन्डा पुलिस पकड कर जेल ले गई, बाकी बच गया अंडा।
वैद्यनाथ मिश्र "नागार्जुन" (३० जून १९११ - ५ नवंबर १९९८)

हर शुक्रवार को यहीं पर सुनें एक नयी कहानी

एक नौ-दस साल की मैली-कुचैली लड़की मेरे कुर्ते का पिछला पल्ला पकड़कर गिड़गिड़ा रही थी, "बाबूजी एक पैसा! मेरी माँ अन्धी ..."  
(बाबा नागार्जुन की "असमर्थ दाता" से एक अंश)

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 #Ninth Story, Asamarth Data: Baba Nagarjun/Hindi Audio Book/2012/9. Voice: Archana Chaoji

शुक्रवार, 2 मार्च 2012

बोलती कहानियाँ - मुनिया का बचपन - अर्चना चावजी

'बोलती कहानियाँ' स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अर्चना चावजी की आवाज़ में साहित्यकार और प्राख्यात ब्लॉगर समीर लाल की कहानी "आखिर बेटा हूँ तेरा का पॉडकास्ट सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं अर्चना चावजी की कहानी "मुनिया का बचपन, जिसको स्वर दिया है अर्चना चावजी ने।

कहानी "मुनिया का बचपन" का टेक्स्ट "मेरे मन की" ब्लॉग पर उपलब्ध है। कहानी का कुल प्रसारण समय 2 मिनट 37 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

अच्छाई में पाप नहीं, तुम अच्छाई से नहीं डरो। हो भला सभी का जिससे, काम सदा तुम वही करो॥
 ~  अर्चना चावजी

हर शुक्रवार को यहीं पर सुनें एक नयी कहानी

दोस्त है तेरा, दोस्त की बात का बुरा नहीं मानते।
 (अर्चना चावजी की "मुनिया का बचपन" से एक अंश)

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#Eighth Story, Munia Ka Bachpan: Archana Chaoji/Hindi Audio Book/2012/8. Voice: Archana Chaoji

शुक्रवार, 24 फ़रवरी 2012

बोलती कहानियाँ - आखिर बेटा हूँ तेरा

'बोलती कहानियाँ' स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में प्रसिद्ध कथाकार पंकज सुबीर की कहानी "एक रात" का पॉडकास्ट सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं समीर लाल की कहानी "आखिर बेटा हूं तेरा", जिसको स्वर दिया है अर्चना चावजी ने।

 कहानी "आखिर बेटा हूँ तेरा" का कुल प्रसारण समय 4 मिनट 48 सेकंड है। इस बार हमने इस प्रसारण  में कुछ नये प्रयोग किये हैं। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

 यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।


ऐसा नहीं कि मेरे पास शब्द न थे मगर बेहतर शब्दों की तलाश में भटकता रहा और लोग रचते चले गये।  मेरे भाव किसी और की कलम से शब्द पा गये।
 ~  समीर लाल

हर शुक्रवार को सुनें एक नयी कहानी

उसे 5 बजे बसुआ को उठाकर चाय नाश्ता देना होता था। फिर उसके लिये दोपहर का भोजन बनाकर घर से निकलती।
 (समीर लाल की "आखिर बेटा हूं तेरा" से एक अंश)


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#Seventh Story, Akhir Beta Hoon Tera: Sameer Lal/Hindi Audio Book/2012/7. Voice: Archana Chaoji

शुक्रवार, 17 फ़रवरी 2012

बोलती कहानियाँ: एक रात (रेडियो ड्रामा)

'बोलती कहानियाँ' स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुभव प्रिय की आवाज़ में सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' की कहानी "शत्रु" का पॉडकास्ट सुना था।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं प्रसिद्ध कथाकार पंकज सुबीर की कहानी "एक रात", जिसको स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।

 कहानी "एक रात" का कुल प्रसारण समय 11 मिनट 6 सेकंड है। इस बार हमने इस प्रसारण  में कुछ नये प्रयोग किये हैं। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

 यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।


वो गंजा गंजा सा फलाना आदमी, जो अब तक खुद को जिंदा समझता था, कल रात सचमुच में मर गया।
 ~ पंकज सुबीर

हर शुक्रवार को यहीं पर सुनें एक नयी कहानी

बरसात इतनी तेज़ रफ़्तार से हो रही है कि वाइपर की फुल स्पीड के बाद भी विंडस्क्रीन साफ़ नहीं हो पा रही है।
 (पंकज सुबीर की "एक रात" से एक अंश)


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#Sixth Story, Ek Raat: Pankaj Subeer/Hindi Audio Book/2012/6. Voice: Anurag Sharma

शुक्रवार, 16 दिसंबर 2011

सुनो कहानी: एक विचित्र कहानी

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में अनुराग शर्मा उन्हीं की सम-सामयिक कहानी "क़ौमी एकता" का पॉडकास्ट सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं प्रसिद्ध अमेरिकी कथाकार ओ हेनरी की "अ स्ट्रेंज स्टोरी" का हिन्दी अनुवाद "एक विचित्र कहानी", जिसको स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।

रविवार, 11 दिसंबर 2011

सुनो कहानी: क़ौमी एकता - अनुराग शर्मा

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अमित तिवारी की आवाज़ में प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार मुंशी प्रेमचन्द की कालजयी कहानी "कफन" का पॉडकास्ट सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं अनुराग शर्मा की एक कहानी "क़ौमी एकता", जिसको स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।

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