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Saturday, January 12, 2013

जारी है 'सिने पहेली' का जंग, आप अब भी बन सकते हैं इसके जंगबाज़...



12 जनवरी, 2013
सिने-पहेली - 54  में आज 

पहचानिये 16 गीतों में छुपे गीत को

'रेडियो प्लेबैक इण्डिया' के सभी पाठकों और श्रोताओं को सुजॉय चटर्जी का सप्रेम नमस्कार। दोस्तों, पिछले दिनों 'सिने पहेली' के एक प्रतियोगी ने मुझसे कहा कि 'सिने पहेली' के सवालों से उन्हें तनाव महसूस होता है और सारे काम-काज छोड़ कर वो सप्ताह भर इसके जवाब तलाशते रहते हैं। 'सिने पहेली' की तरफ़ से मैं आपको और अन्य सभी प्रतियोगियों से यह कहना चाहता हूँ कि 'सिने पहेली' का उद्येश्य आपको तनाव में डालना कतई नहीं है, बल्कि इसमें भाग लेकर आप दूसरे तनावों से कुछ समय के लिए मुक्ति पा सकते हैं, ऐसा हमारा विचार है। हमने पहले भी कहा था, आज भी कहते हैं कि आप 'सिने पहली' के जवाब ढूंढने में ज़्यादा समय न गँवायें। इस खेल को खेल भावना से ही खेलें और ज़्यादा गंभीरता से न लें। 'सिने पहेली' की वजह से आपकी दिनचर्या में रूकावट उत्पन्न हो, यह उचित बात नहीं है। दिन में मनोरंजन के लिए आप जितना स्माय निकालते हैं, उतने समय में भी आप जितने सवालों के हल निकाल सकें, बस उतने के ही जवाब भेजें। चलिए अब पूछते हैं आपसे आज की पहेली...


आज की पहेली : सोलह का संगम


नीचे कुल 16 पंक्तियाँ दी गई हैं जो फ़िल्मी गीतों की पंक्तियाँ हैं। आपको पहली पंक्ति से कोई भी एक शब्द, दूसरी पंक्ति से कोई भी एक शब्द, तीसरी पंक्ति से कोई भी एक शब्द..... 16-वीं पंक्ति से कोई भी एक शब्द इस तरह से ढूंढने हैं कि इन सोलह शब्दों को उसी क्रम में सजाने पर लता मंगेशकर के गाये एक गीत का पूरा का पूरा मुखड़ा बन जाता है। दूसरे शब्दों में, इन सोलह पंक्तियों में से एक एक शब्द चुन कर सोलह शब्दों का एक मुखड़ा बनाना है जो कि लता जी का गाया हुआ एक गीत है। ये रही 16 गीतों की पंक्तियाँ...

1. तेरे नैना मेरे नैनों से मीठी-मीठी बातें करते हैं।

2. ओ मेरे दिल के चैन, चैन आये मेरे दिल को दुआ कीजिये।

3. प्यार के रंग से तू दिल को सजाये रखना।

4. रंग भरे बादल से, तेरे नैनों के काजल से, मैंने इस दिल पे लिख दिया तेरा नाम।

5. सपने सुहाने लड़कपन के, मेरे नैनों में डोले बहार बनके।

6. अब तेरे दिल में हम आ गये, तो? तेरे दिल में रहेंगे, तो?

7. बंसी की धुन सुन, आयी हूँ सजाने बलम तेरी गलियाँ 

8. फूलों के इस शहर में, ये दिल मचलने लगे, आये न कोई इधर, हम प्यार करने लगे।

9. क्या करते थे साजना तुम हमसे दूर रहके।

10. क्या ख़बर क्या पता क्या ख़ुशी है ग़म है क्या।

11. इस प्यार को मैं क्या नाम दूँ, बेचैन दिल को कैसे क़रार दूँ।

12. मेरे प्यार की उमर हो इतनी सनम, तेरे नाम से शुरू, तेरे नाम पे ख़तम।

13. ओ शमा मुझे फूंक दे, मैं न मैं रहूँ, तू न तू रहे, यही इश्क़ का है दस्तूर।

14. पानी पड़े तन पे तो शोला निकले, जाने कैसी अगन में बदन जले।

15. हमें और जीने की चाहत ना होती, अगर तुम न होते, अगर तुम न होते।

16. राधा कैसे न जले, आग तन मन में लगे।



पहेली को समझने में कोई परेशानी हो तो टिप्पणी में या ईमेल के द्वारा ज़रूर सूचित करें।



जवाब भेजने का तरीका

उपर पूछे गए सवालों के जवाब एक ही ई-मेल में टाइप करके cine.paheli@yahoo.com के पते पर भेजें। 'टिप्पणी' में जवाब कतई न लिखें, वो मान्य नहीं होंगे। ईमेल के सब्जेक्ट लाइन में "Cine Paheli # 54" अवश्य लिखें, और अंत में अपना नाम व स्थान लिखें। आपका ईमेल हमें बृहस्पतिवार 17 जनवरी शाम 5 बजे तक अवश्य मिल जाने चाहिए। इसके बाद प्राप्त होने वाली प्रविष्टियों को शामिल नहीं किया जाएगा।


पिछली पहेली का हल



1. आशा भोसले और राहुल देव बर्मन का गाया पहला युगल गीत है "मेरी जाँ मैंने कहा" (दि ट्रेन, 1970) और अंतिम युगल गीत है "आजा सुन ले सदा" (गुरुदेव, 1993)

2. लता मंगेशकर और आशा भोसले के गाये तथा पंचम के स्वरबद्ध 6 गीत:
"मितवा.........तेरे लिए जीना, तेरे लिए मरना" (फिल्‍म-शान, 1980); "सारे शहर में एक हसीं हैं, और वो मैं हूँ कोई और नहीं है" (फिल्‍म-अलीबाबा और 40 चोर, 1980); "मन मंदिर में प्रीत का डेरा, ना ही कोई दूजा" (फिल्‍म-संजोग,1972), "लौंगी मिर्ची मैं कोल्‍हापुर की" (फिल्‍म-अशांति, 1982); "मैं चली मैं चली, देखो प्‍यार की गली" (फिल्‍म-पडोसन, 1968); "पाके अकेली मोहे छेड रहा छलिया" (फिल्‍म-जेलयात्रा, 1981)

3. "कल तो सण्डे की छुट्टी है" (अगर तुम न होते)




पिछली पहेली का परिणाम


इस बार कुल 9 प्रतियोगियों ने 'सिने पहेली' में भाग लिया पर अफ़सोस कि किसी ने भी 100% सही जवाब नहीं भेज सके। हर किसी ने पहले सवाल के जवाब में आशा-पंचम का गाया अन्तिम युगल गीत 1983 की फ़िल्म 'महान' का "ये दिन तो आता है" बताया है, जबकि 1993 की फ़िल्म 'गुरुदेव' में भी इन दोनों ने एक युगल गीत गाया था "आज सुन ले सदा"। इस तरह से इस सप्ताह कोई भी सरताज प्रतियोगी नहीं बन पाये हैं। इस सप्ताह हमारे साथ एक नये प्रतियोगी जुड़े हैं, नोएडा के सौम्य प्रकाश परिदा। आपका बहुत बहुत स्वागत है 'सिने पहेली' परिवार में, और हम आशा करते हैं कि आप हमारे नियमित प्रतियोगी बन कर उभरेंगे। आइए अब नज़र डालते हैं इस सेगमेण्ट के अब तक के सम्मिलित स्कोरकार्ड पर।





नये प्रतियोगियों का आह्वान

नये प्रतियोगी, जो इस मज़ेदार खेल से जुड़ना चाहते हैं, उनके लिए हम यह बता दें कि अभी भी देर नहीं हुई है। इस प्रतियोगिता के नियम कुछ ऐसे हैं कि किसी भी समय जुड़ने वाले प्रतियोगी के लिए भी पूरा-पूरा मौका है महाविजेता बनने का। अगले सप्ताह से नया सेगमेण्ट शुरू हो रहा है, इसलिए नये खिलाड़ियों का आज हम एक बार फिर आह्वान करते हैं। अपने मित्रों, दफ़्तर के साथी, और रिश्तेदारों को 'सिने पहेली' के बारे में बताएँ और इसमें भाग लेने का परामर्श दें। नियमित रूप से इस प्रतियोगिता में भाग लेकर महाविजेता बनने पर आपके नाम हो सकता है 5000 रुपये का नगद इनाम।


कैसे बना जाए 'सिने पहेली महाविजेता?

1. सिने पहेली प्रतियोगिता में होंगे कुल 100 एपिसोड्स। इन 100 एपिसोड्स को 10 सेगमेण्ट्स में बाँटा गया है। अर्थात्, हर सेगमेण्ट में होंगे 10 एपिसोड्स।

2. प्रत्येक सेगमेण्ट में प्रत्येक खिलाड़ी के 10 एपिसोड्स के अंक जुड़े जायेंगे, और सर्वाधिक अंक पाने वाले तीन खिलाड़ियों को सेगमेण्ट विजेताओं के रूप में चुन लिया जाएगा।

3. इन तीन विजेताओं के नाम दर्ज हो जायेंगे 'महाविजेता स्कोरकार्ड' में। सेगमेण्ट में प्रथम स्थान पाने वाले को 'महाविजेता स्कोरकार्ड' में 3 अंक, द्वितीय स्थान पाने वाले को 2 अंक, और तृतीय स्थान पाने वाले को 1 अंक दिया जायेगा। पाँचवें सेगमेण्ट की समाप्ति तक 'महाविजेता स्कोरकार्ड' यह रहा...



4. 10 सेगमेण्ट पूरे होने पर 'महाविजेता स्कोरकार्ड' में दर्ज खिलाड़ियों में सर्वोच्च पाँच खिलाड़ियों में होगा एक ही एपिसोड का एक महा-मुकाबला, यानी 'सिने पहेली' का फ़ाइनल मैच। इसमें पूछे जायेंगे कुछ बेहद मुश्किल सवाल, और इसी फ़ाइनल मैच के आधार पर घोषित होगा 'सिने पहेली महाविजेता' का नाम। महाविजेता को पुरस्कार स्वरूप नकद 5000 रुपये दिए जायेंगे, तथा द्वितीय व तृतीय स्थान पाने वालों को दिए जायेंगे सांत्वना पुरस्कार।

'सिने पहेली' को और भी ज़्यादा मज़ेदार बनाने के लिए अगर आपके पास भी कोई सुझाव है तो 'सिने पहेली' के ईमेल आइडी पर अवश्य लिखें। आप सब भाग लेते रहिए, इस प्रतियोगिता का आनन्द लेते रहिए, क्योंकि महाविजेता बनने की लड़ाई अभी बहुत लम्बी है। आज के एपिसोड से जुड़ने वाले प्रतियोगियों के लिए भी 100% सम्भावना है महाविजेता बनने का। इसलिए मन लगाकर और नियमित रूप से (बिना किसी एपिसोड को मिस किए) सुलझाते रहिए हमारी सिने-पहेली, करते रहिए यह सिने मंथन, आज के लिए मुझे अनुमति दीजिए, अगले सप्ताह नए साल में फिर मुलाक़ात होगी, नमस्कार। 

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