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Tuesday, March 10, 2020

ऑडियो: मेंढकी (दीपक शर्मा)

इस साप्ताहिक स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको हिन्दी में मौलिक और अनूदित, नई और पुरानी, प्रसिद्ध कहानियाँ और छिपी हुई रोचक खोजें सुनवाते रहे हैं। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा की कथा "मोड़" का पाठ उन्हीं के स्वर में सुना था।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं, हिंदी की प्रसिद्ध साहित्यकार दीपक शर्मा की कथा मेंढकी जिसे स्वर दिया है पूजा अनिल और अनुराग शर्मा ने।

कहानी "मेंढकी" का गद्य अभिव्यक्ति पर उपलब्ध है। इस कथा का कुल प्रसारण समय 12 मिनट 25 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिकों, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।


लखनऊ क्रिश्चियन कॉलेज की अंग्रेज़ी विभागाध्यक्ष रह चुकीं मिताक्षरी लेखिका दीपक शर्मा के कथा-क्षेत्र का विस्तार, संवेदनाओं की गहराई, शिल्प की सहजता और वर्णन की प्रामाणिकता उन्हें अपने समकालीन लेखकों से अलग धरातल प्रदान करते हैंं। उनकी 200 से अधिक कहानियाँ प्रकाशित हो चुकी हैं जिन्हें 19 कथा-संग्रहों में संकलित किया गया है।

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

मेंढकी की छोटी बुद्धि है। ज्यादा सोच-भाल नहीं सकती।
(दीपक शर्मा रचित "मेंढकी" से एक अंश)



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मेंढकी MP3

#Eighth Story, Mendhaki: Deepak Sharma/Hindi Audio Book/2020/08. Voice: Pooja Anil, Anurag Sharma

Tuesday, February 4, 2020

ऑडियो: तन्हाई (मनमोहन भाटिया)

इस साप्ताहिक स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको हिन्दी में मौलिक और अनूदित, नई और पुरानी, प्रसिद्ध कहानियाँ और छिपी हुई रोचक खोजें सुनवाते रहे हैं। पिछली बार आपने शीतल माहेश्वरी के स्वर में मधु चतुर्वेदी की कथा "अम्मा की खाट" का पाठ सुना था।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं मनमोहन भाटिया की कथा तन्हाई जिसे स्वर दिया है पूजा अनिल ने।

कहानी "तन्हाई" का गद्य सेतु पत्रिका पर उपलब्ध है। इस कथा का कुल प्रसारण समय 7 मिनट 37 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिकों, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

दिल्ली प्रेस कहानी प्रतियोगिता 2006 तथा अभिव्यक्ति कथा महोत्सव 2008 में पुरस्कृत मनमोहन भाटिया (बीकॉम, एलएलबी) दिल्ली में रहते हैं। उनकी रचनायें विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से छप रही हैं। उनका ब्लॉग कथासागर है।

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

"आइए अंदर बैठ कर बात करते हैं।"
 (मनमोहन भाटिया रचित "तन्हाई" से एक अंश)





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तन्हाई MP3

#Fifth Story, Tanhai: Manmohan Bhatia/Hindi Audio Book/2020/05. Voice: Pooja Anil

Tuesday, December 3, 2019

ऑडियो: चांद (प्रियंका गुप्ता)

'बोलती कहानियाँ' स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछली बार आपने पूजा अनिल, और अनुराग शर्मा की आवाज़ में रवींद्र कालिया की कथा तीस साल बाद का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं प्रियंका गुप्ता की हृदयस्पर्शी कथा "चांद", जिसे स्वर दिया है, स्पेन से पूजा अनिल ने।

कहानी का कुल प्रसारण समय 18 मिनट 11 सेकण्ड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानी, उपन्यास, नाटक, धारावाहिक, प्रहसन, झलकी, एकांकी, या लघुकथा को स्वर देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

प्रियंका गुप्ता 
कानपुर निवासी युवा लेखिका की रचनाएँ अनेक पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित। छह संग्रहों में से दो पुरस्कृत।

हर सप्ताह यहीं पर सुनिए एक नयी कहानी

"पर खिड़की के पास भी उसके मन जितना ही अंधेरा था।"
(प्रियंका गुप्ता की "चांद" से एक अंश)

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चांद mp3

#Thirtieth Story: Chaand; Author: Priyanka Gupta; Voice: Pooja Anil; Hindi Audio Book/2019/30.

Tuesday, November 19, 2019

ऑडियो: तीस साल बाद (रवींद्र कालिया)

'बोलती कहानियाँ' स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में बसंत त्रिपाठी की कथा अंतिम चित्र का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं रवींद्र कालिया की कथा "तीस साल बाद", जिसे स्वर दिया है, स्पेन से पूजा अनिल, और अमेरिका से अनुराग शर्मा ने।

कहानी का कुल प्रसारण समय 10 मिनट 52 सेकण्ड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानी, उपन्यास, नाटक, धारावाहिक, प्रहसन, झलकी, एकांकी, या लघुकथा को स्वर देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

रवींद्र कालिया 
(11 नवंबर 1939 :: 9 जनवरी 2016)
हिंदी के सर्वप्रिय लेखक और सम्पादक

हर सप्ताह यहीं पर सुनिए एक नयी कहानी

"इस एक कागज के टुकड़े के कारण तुम मेरे बहुत करीब रहे, हमेशा। मगर इसे गलत मत समझना।"
(रवींद्र कालिया की "तीस साल बाद" से एक अंश)

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तीस साल बाद mp3

#Thirtieth Story: 30 saal baad; Author: Ravindra Kalia; Voice: Pooja Anil, Anurag Sharma; Hindi Audio Book/2019/30.

Tuesday, September 24, 2019

ऑडियो: एक फ़ौजी की डायरी (गौतम राजऋषि)


लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने शीतल माहेश्वरी के स्वर में शरद जोशी लिखित व्यंग्य "आलोचना" का पाठ सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं, प्रसिद्ध साहित्यकार और भारतीय सैन्य अधिकारी कर्नल गौतम राजऋषि की फ़ौजी की डायरी का एक अंश 'करुणा में हमेशा एक निजी इतिहास होता है', स्पेन से पूजा अनिल के स्वर में।

राष्ट्रीय पहचान वाली पत्रिका कथादेश में प्रकाशित हो चुकी इस रचना का गद्य पाल ले इक रोग नादां पर उपलब्ध है। कुल प्रसारण समय 19 मिनट 20 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।



हवा जब किसी की कहानी कहे है
नये मौसमों की जुबानी कहे है
फ़साना लहर का जुड़ा है ज़मीं से
समुन्दर मगर आसमानी कहे है
~ गौतम राजऋषि

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी कहानी


"...और इन लम्बी-लम्बी रातों में आकार बदलते चाँद से ही गुफ्तगू होती है अक्सर! मगर ये कमीना चाँद इतनी जल्दी-जल्दी क्यों अमावस की तरफ भागता है?”
 (कर्नल गौतम राजऋषि की रचना "करुणा में हमेशा एक निजी इतिहास होता है" से एक अंश)


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करुणा में हमेशा एक निजी इतिहास होता है MP3

#Twenty Third, Ek Fauji Ki Diary: Gautam Rajrishi/Hindi Audio Book/2019/23. Voice: Pooja Anil

Tuesday, May 28, 2019

अंधा प्यार (अनुराग शर्मा)

रेडियो प्लेबैक इंडिया के साप्ताहिक स्तम्भ 'बोलती कहानियाँ' के अंतर्गत हम आपको सुनवाते हैं हिन्दी की नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने पूजा अनिल की आवाज़ में समीर लाल की लघुकथा "सागौन का पेड़" का पॉडकास्ट सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं अनुराग शर्मा की एक लघुकथा "अंधा प्यार", पूजा अनिल व अनुराग शर्मा के स्वर में।

कहानी "अंधा प्यार" का कुल प्रसारण समय 7 मिनट 50 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

इस कथा "अंधा प्यार" का टेक्स्ट बर्ग वार्ता पर उपलब्ध है।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिकों, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।



मरेंगे हम किताबों में सफ़े होंगे कफ़न अपना
किसी ने न हमें जाना न पहचाना सुखन अपना
~ अनुराग शर्मा

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी कहानी

"ज़िन्दगी पहली बार भरी-पूरी दिखाई दी। हर तरफ बहार ही बहार। जिससे प्यार किया वह विकलांग है तो क्या हुआ?"
(अनुराग शर्मा की "अंधा प्यार" से एक अंश)



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#Thirteenth Story, Andha Pyaar: Anurag Sharma/Hindi Audio Book/2019/13. Voices: Pooja Anil; Anurag Sharma

Tuesday, May 21, 2019

ऑडियो लघुकथा: सागौन का पेड़ (समीर लाल 'समीर')

रेडियो प्लेबैक इंडिया के साप्ताहिक स्तम्भ 'बोलती कहानियाँ' के अंतर्गत हम आपको सुनवाते हैं हिन्दी की नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में संतोष श्रीवास्तव की कथा 'बैराग के खाते में' का पॉडकास्ट सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं समीर लाल 'समीर' की लघुकथा 'सागौन का पेड़', पूजा अनिल के स्वर में।

लघुकथा "सागौन का पेड़" का कुल प्रसारण समय 4 मिनट 34 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। प्रस्तुत लघुकथा "सागौन का पेड़" का गद्य कला और साहित्य के द्वैभाषिक मासिक सेतु के जून 2017 अंक में उपलब्ध है।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिकों, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।


रतलाम में जन्मे, और जबलपुर में शिक्षित, भारतीय कैनेडियन लेखक समीर लाल 'समीर' का नाम हिंदी जगत में जाना-पहचाना है। एक लोकप्रिय चिट्ठाकार समीर लाल 'समीर' व्यवसाय से चार्टर्ड एकाउंटैंट हैं। जबलपुर से प्रकाशित “ज्योतिर्मिलन” मासिक में प्रकाशित कहानी के लिये उन्होंने प्रख्यात व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई के हाथों बाल साहित्यकार का सम्मान प्राप्त किया था।

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी कहानी

किसान है बिरजू। तो तय है परेशान तो होगा ही। मरी हुई फसलें और उनके चलते सर पर चढ़े बैंक के लोन का बोझ।
(समीर लाल 'समीर' की लघुकथा "सागौन का पेड़" से एक अंश)


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#Twelfth Story, Sagaun Ka Ped: Sameer Lal Sameer / Hindi Audio Book /2019/12. Voice: Pooja Anil

Tuesday, February 26, 2019

ऑडियो कथा: प्रश्न का पेड़ - मनीषा कुलश्रेष्ठ

रेडियो प्लेबैक इंडिया के साप्ताहिक स्तम्भ 'बोलती कहानियाँ' के अंतर्गत हम आपको सुनवाते हैं हिन्दी की नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में प्रबोध गोविल की कथा 'लोग पत्थर फेंकते हैं' का पॉडकास्ट सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं मनीषा कुलश्रेष्ठ की कथा 'प्रश्न का पेड़'पूजा अनिल के स्वर में।

कहानी "प्रश्न का पेड़" का कुल प्रसारण समय 5 मिनट 59 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिकों, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।


एक बार फिर से घर ट्रक के हवाले और हम बेघर... नये घर के सजने तक... हमारे परदे किसी टैंट या बाशा (बांस के घर) में लग जाते हैं वही घर हो जाता है हम फौजी परिवारों का। आसान तो नहीं यूँ जीना लेकिन धरती को घर मान लो तो फिर सब आनंद।
- मनीषा कुलश्रेष्ठ

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी कहानी

और बच्चों की माँओं की तरह, ज़रा भी सुगढ़ नहीं... "
(मनीषा कुलश्रेष्ठ की कहानी "प्रश्न का पेड़" से एक अंश)


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प्रश्न का पेड़ MP3

#Eighth Story, Prashn Ka Ped: Manisha Kulshreshtha /Hindi Audio Book /2019/8. Voice: Pooja Anil

Tuesday, January 1, 2019

रील बनाम रीयल (मिन्नी मिश्रा)

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने शीतल माहेश्वरी के स्वर में राशि सिंह की लघुकथा "पॉकेटमनी" का वाचन सुना था।

आज प्रस्तुत है मिन्नी मिश्रा की लघुकथा रील बनाम रीयल, जिसे स्वर दिया है पूजा अनिल ने।

प्रस्तुत लघुकथा "रील बनाम रीयल" का गद्य कला और साहित्य के द्वैभाषिक मासिक सेतु के दिसम्बर 2018 अंक में उपलब्ध है। इसका कुल प्रसारण समय 4 मिनट 19 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिकों, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं आदि को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।


विधा: लघुकथा;
शिक्षा: स्नातकोत्तर (हिंदी);
निवास: पटना (बिहार)
~ मिन्नी मिश्रा

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी


“अभी नहीं रोहित, जल्दी घर पहुँचना है।” अपना हाथ खींचते हुए मैं बोली।(मिन्नी मिश्रा की लघुकथा 'रील बनाम रीयल' से एक अंश)


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(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)
यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाउनलोड कर लें:
रील बनाम रीयल MP3

#First Story, Reel Banaam Real; Minni Mishra; Hindi Audio Book/2019/01. Voice: Pooja Anil

Tuesday, December 18, 2018

ऑडियो: रंग (मनु बेतख़ल्लुस) - पूजा अनिल के स्वर में

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने शीतल माहेश्वरी के स्वर में वीरेंद्र भाटिया की लघुकथा "गाय" का वाचन सुना था।

आज प्रस्तुत है मनु बेतख़ल्लुस की लघुकथा रंग, जिसे स्वर दिया है पूजा अनिल ने।

प्रस्तुत लघुकथा "रंग" का कुल प्रसारण समय 4 मिनट 16 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिकों, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं आदि को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

है फ़साना-ऐ-उम्र ये, हम पर पीरी आई शबाब से पहले।
~ मनु बेतख़ल्लुस

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी


"मनु यार, कम से कम हाथ तो धो ले!"
(मनु बेतख़ल्लुस की लघुकथा 'रंग' से एक अंश)


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(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)
यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाउनलोड कर लें:
रंग MP3

#30th Story, Rang; Manu Betakhallus; Hindi Audio Book/2018/30. Voice: Pooja Anil

Tuesday, November 20, 2018

ऑडियो कथा: सुधीर द्विवेदी की 'जंग'

इस लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा के स्वर में विनोद नायक की लघुकथा "रसायन" का वाचन सुना था।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं सुधीर द्विवेदी की लघुकथा एक बार फिर, स्पेन से पूजा अनिल के स्वर में।

प्रस्तुत लघुकथा का कुल प्रसारण समय 4 मिनट 45 सेकंड है। सुनिए और बताइये कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिकों, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।



सुधीर द्विवेदी: दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, दैनिक ट्रिब्यून, महानगर मेल आदि समाचार पत्रों में लघुकथाएँ प्रकाशित, लघुकथा अनवरत, बूंद-बूंद सागर, अपने-अपने क्षितिज लघुकथा संकलनो में, साहित्य-अमृत , शोध दिशा, अविराम साहित्यिकी, इत्यादि साहित्यिक पत्रिकाओं में रचनाएं प्रकाशित। पड़ाव-पड़ताल खंड 26 हेतु रचनाएँ चयनित, दिशा नवोदित पुरूस्कार, वनिका पब्लिकेशन द्वारा लघुकथा-लहरी सम्मान।

वाचिका: पूजा अनिल - उदयपुर, राजस्थान में जन्मी पूजा अनिल सन् 1999 से स्पेन की राजधानी मेड्रिड में रह रही हैं। साहित्य पढ़ने लिखने में बचपन से ही रुचि रही। ब्लॉग 'एक बूँद' का संचालन तथा आलेख, साक्षात्कार, निबंध व कवितायें प्रकाशित हुई हैं।

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी


"आप तो सन 65 की लड़ाई लड़े हो, कोई किस्सा सुनाओ।”
 (सुधीर द्विवेदी कृत 'जंग' से एक अंश)


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#Twenty Sixth Story, Jung; Sudheer Dwivedi; Hindi Audio Book/2018/26. Voice: Pooja Anil

Tuesday, October 23, 2018

बोलती कहानियाँ: एक गिलास पानी (चंद्रेश कुमार छतलानी)

इस लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम आपको सुनवाते रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा के स्वर में वंदना अवस्थी दुबे की लघुकथा जय हो माई सुनी थी।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं चंद्रेश कुमार छतलानी की एक लघुकथा एक गिलास पानी जिसे स्वर दिया है पूजा अनिल ने।

प्रस्तुत लघुकथा का गद्य "फ़ेसबुक" पर उपलब्ध है। "एक गिलास पानी" का कुल प्रसारण समय  3 मिनट 44 सेकण्ड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिकों, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।


चंद्रेश कुमार छतलानी (सहायक आचार्य - कंप्यूटर विज्ञान)
लघुकथा, पद्य, कविता, ग़ज़ल, गीत, कहानियाँ, लेख, पत्र मधुमति (राजस्थान साहित्य अकादमी की मासिक पत्रिका), ओपन बुक्स ऑनलाइन, शब्द व्यंजना, रचनाकार, अमेजिंग यात्रा, निर्झर टाइम्स, राष्ट्रदूत, जागरूक टाइम्स, Royal Harbinger, दैनिक नवज्योति, एबेकार पत्रिका, सिन्धु पत्रिका, नव-अनवरत, वी विटनेस, हिंदीकुञ्ज, laghukatha.com, अटूट बंधन, किस्सा-कृति, जय-विजय, वेब दुनिया, कथाक्रम पत्रिका, लघुकथा अनवरत (लघुकथा संग्रह), अक्षय लोकजन, सत्य दर्शन. मृग मरीचिका, एम्स्टेल गंगा, युगगरिमा और सेतु में रचनाएँ प्रकाशित

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

"सरकार ने फ़ॉर्म फ़्री कर रखा है तो कुछ भी भर दोगे?”
(चंद्रेश कुमार छतलानी कृत "एक गिलास पानी" से एक अंश)


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#Twenty Fourth Story, Ek Gilas Paani: Chandresh Kumar Chhatlani/Hindi Audio Book/2018/24. Voice: Pooja Anil

Tuesday, August 21, 2018

ऑडियो लघुकथा: एक बार फिर - सुधीर द्विवेदी

इस लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा के स्वर में प्रेमचंद की कहानी "कुत्सा" का वाचन सुना था।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं सुधीर द्विवेदी की लघुकथा एक बार फिर, स्पेन से पूजा अनिल के स्वर में।

प्रस्तुत लघुकथा का गद्य "फेसबुक" पर उपलब्ध है। "एक बार फिर" का कुल प्रसारण समय 3 मिनट 44 सेकंड है। सुनिए और बताइये कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।



सुधीर द्विवेदी: दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, दैनिक ट्रिब्यून, महानगर मेल आदि समाचार पत्रों में लघुकथाएँ प्रकाशित, लघुकथा अनवरत, बूंद-बूंद सागर, अपने-अपने क्षितिज लघुकथा संकलनो में, साहित्य-अमृत , शोध दिशा, अविराम साहित्यिकी, इत्यादि साहित्यिक पत्रिकाओं में रचनाएं प्रकाशित। पड़ाव-पड़ताल खंड 26 हेतु रचनाएँ चयनित, दिशा नवोदित पुरूस्कार, वनिका पब्लिकेशन द्वारा लघुकथा-लहरी सम्मान।

वाचिका: पूजा अनिल - उदयपुर, राजस्थान में जन्मीं पूजा अनिल सन् १९९९ से स्पेन की राजधानी मेड्रिड में रह रही हैं। साहित्य पढ़ने लिखने में बचपन से ही रुचि रही। ब्लॉग 'एक बूँद' का संचालन तथा आलेख, साक्षात्कार, निबंध व कवितायें प्रकाशित हुई हैं।

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी


"हाँ ठीक है ! पर थर्ड फ्लोर से ऊपर मत लेना। लिफ्ट बंद हो गई तो मैं सीढि़यों से ज्‍यादा नहीं चढ़ पाऊँगी।”
 (सुधीर द्विवेदी कृत 'एक बार फिर' से एक अंश)


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एक बार फिर MP3

#Sixteenth Story, Ek Baar Phir; Sudheer Dwivedi; Hindi Audio Book/2018/16. Voice: Pooja Anil

Tuesday, April 17, 2018

डेरा उखड़ने से पहले - वंदना अवस्थी दुबे

इस लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम आपको सुनवाते रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा के स्वर में मुंशी प्रेमचंद की एक प्रेरक कथा पञ्च परमेश्वर सुनी थी।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं वंदना अवस्थी दुबे की एक कथा डेरा उखड़ने से पहले जिसे स्वर दिया है पूजा अनिल ने।

प्रस्तुत कथा का गद्य "सेतु द्वैभाषिक पत्रिका" पर उपलब्ध है। "डेरा उखड़ने से पहले" का कुल प्रसारण समय 26 मिनट 22 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।


वंदना अवस्थी दुबे
पाँच वर्षों तक आकाशवाणी छतरपुर में अस्थायी उद्घोषिका के रूप में कार्य करने के बाद "दैनिक देशबंधु"- सतना में उप सम्पादक/फ़ीचर सम्पादक के रूप में बारह वर्षीय कार्यानुभव वर्तमान में निजी विद्यालय का संचालन, स्वतंत्र पत्रकारिता और लेखन कार्य। 

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

"झट से फोन पटक दिया आभा जी ने, जैसे किसी अपवित्र करने वाली चीज़ को छू लिया हो।”
(वंदना अवस्थी दुबे कृत "डेरा उखड़ने से पहले" से एक अंश)


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डेरा उखड़ने से पहले MP3

#Eighth Story, Dera Ukhadane Se Pahle: Vandana Awasthi/Hindi Audio Book/2018/8. Voice: Pooja Anil

Tuesday, May 16, 2017

बोलती कहानियाँ: कारा मत नापो मिन्नी

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। इस शृंखला में पिछली बार आपने अर्चना चावजी के स्वर में  मालती जोशी की कहानी आखरी शर्त का वाचन सुना था।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं प्रमिला वर्मा की कहानी कारा मत नापो मिन्नी, जिसे स्वर दिया है पूजा अनिल ने।

प्रस्तुत अंश का कुल प्रसारण समय 24 मिनट 54 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।


लेखिका: प्रमिला वर्मा


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"मान जाओ निम्मो”
 (प्रमिला वर्मा कृत "कारा मत नापो मिन्नी" से एक अंश)



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#Seventh Story, Kara Mat Napo Minnie; Pramila Verma; Hindi Audio Book/2017/7. Voice: Pooja Anil

Tuesday, January 24, 2017

काँच के शामियाने - रश्मि रविजा

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। इस शृंखला में पिछली बार आपने उषा छाबड़ा के स्वर में विश्व प्रसिद्ध साहित्यकार खलील जिब्रान की लघुकथा "आनंद और पीड़ा" का वाचन सुना था।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं रश्मि रविजा के चर्चित उपन्यास काँच के शामियाने का एक अंश जिसे स्वर दिया है पूजा अनिल ने।

प्रस्तुत अंश का कुल प्रसारण समय 8 मिनट 17 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। इस उपन्यास की अधिक जानकारी रश्मि रविजा के ब्लॉग अपनी, उनकी, सबकी बातें उपलब्ध है।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

“मंजिल मिले ना मिले, ये ग़म नहीं मंजिल की जुस्तजू में, मेरा कारवां तो है।” ‍‍- रश्मि रविजा


हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

“पर भैया तो मरने को तैयार है, फिर मैं क्या करूँ?”
 (रश्मि रविजा के चर्चित उपन्यास काँच के शामियाने से एक अंश)



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#First Story, Kaanch Ke Shaamiyane; Rashmi Ravija; Hindi Audio Book/2017/1. Voice: Pooja Anil

Tuesday, September 27, 2016

दीपक मशाल की लघुकथा निमंत्रण

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने पूजा अनिल के स्वर में संतोष श्रीवास्तव की कथा "शहतूत पक गये हैं" का पाठ सुना था।

24 सितम्बर को दीपक मशाल को जन्मदिन की शुभकामनाओं के साथ प्रस्तुत है उनकी लघुकथा निमंत्रण, जिसे स्वर दिया है पूजा अनिल ने।

प्रस्तुत लघुकथा "निमंत्रण" का कुल प्रसारण समय 4 मिनट 55 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

कुछ बड़े लोगों से मिला था कभी,
तबसे कोई बड़ा नहीं लगता
इतनी बौनी है दुनिया कि कोई,
खड़ा हुआ भी खड़ा नहीं लगता
 ~ दीपक मशाल

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"सेठजी के लिये यह बात अनुभवों की गिनती में इजाफा भर नहीं थी।”
 (दीपक मशाल की लघुकथा "निमंत्रण" से एक अंश)


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#Eighteenth Story, Nimantran; Dipak Mashal; Hindi Audio Book/2016/18. Voice: Pooja Anil

Tuesday, September 6, 2016

बोलती कहानियाँ: शहतूत पक गये हैं

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा के स्वर में अजय नावरिया की सामाजिक परिवर्तन को दर्शाती कथा "इतिहास" का वाचन सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं, संतोष श्रीवास्तव की मर्मस्पर्शी कथा शहतूत पक गये हैं, पूजा अनिल के मधुर स्वर में।

इस कहानी शहतूत पक गये हैं का मूल गद्य द्वैभाषिक मासिक पत्रिका सेतु पर उपलब्ध है। कथा का कुल प्रसारण समय 25 मिनट 47 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।



जबलपुर में जन्मी संतोष श्रीवास्तव हिंदी साहित्य का एक पहचाना हस्ताक्षर हैं। वे कालिदास पुरस्कार, महाराष्ट्र राज्य साहित्य अकादमी पुरस्कार, साहित्य शिरोमणि पुरस्कार, प्रियदर्शनी अकादमी पुरस्कार, महाराष्ट्र दलित साहित्य अकादमी पुरस्कार, बसंतराव नाईक लाइफ टाइम एचीवमेंट अवार्ड, कथाबिंब पुरस्कार, तथा कामलेश्वर स्मृति पुरस्कार सम्मान पा चुकी हैं।

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी कहानी


‘‘मैंने उनके बर्फ से ठंडे हाथ पकड़कर उन्हें झँझोड़ डाला था, लेकिन ...’’
 (संतोष श्रीवास्तव की कथा "शहतूत पक गये हैं" से एक अंश)


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#Seventeenth Story, Shahtoot Pak Gaye Hain: Santosh Srivastav /Hindi Audio Book/2016/17. Voice: Pooja Anil

Tuesday, April 26, 2016

माँ सब देखती है - बोलती कहानियाँ

इस लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछली बार आपने स्पेन से पूजा अनिल के स्वर में डॉ अनुराग आर्या की कहानी "शॉर्टकट टु हैपिनैस" का वाचन सुना था।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं पूजा अनिल की कहानी माँ सब देखती है अर्चना चावजी के स्वर में।

प्रस्तुत कथा का गद्य "अभिव्यक्ति" पर उपलब्ध है। "माँ सब देखती है" का कुल प्रसारण समय 4 मिनट 27 सेकंड है। सुनिए और बताइये कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।



लेखिका: पूजा अनिल
उदयपुर, राजस्थान में जन्मीं पूजा अनिल सन् १९९९ से स्पेन की राजधानी मेड्रिड में रह रही हैं। साहित्य पढ़ने लिखने में बचपन से ही रुचि रही। ब्लॉग 'एक बूँद' का संचालन तथा हिन्द युग्म तथा पत्रिकाओं में आलेख, साक्षात्कार, निबंध व कवितायें प्रकाशित हुई हैं।

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"माँ! तुमने कहा था ना कि तुम्हें सब दिखता है?”
 (पूजा अनिल कृत "माँ सब देखती है" से एक अंश)


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#Eleventh Story, Maa Sub Dekhati Hai; Pooja Anil; Hindi Audio Book/2016/11. Voice: Archana Chaoji

Tuesday, March 29, 2016

शॉर्टकट टु हैपिनैस - अनुराग आर्या


लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने स्वर-कलाकार "संज्ञा टण्डन" की विशिष्ट प्रस्तुति में, पूजा अनिल के स्वर में गौतम राजऋषि की कथा "लेम्बरेटा, नन्ही परी और एक ठिठकी शाम" का पाठ सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं, डॉ अनुराग आर्या की रचना शॉर्टकट टु हैपिनैस, स्पेन से पूजा अनिल के स्वर में।

 इस कहानी शॉर्टकट टु हैपिनैस का कुल प्रसारण समय 7 मिनट 43 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

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जब हम एक वक़्त से दूसरे वक़्त, एक शहर से दूसरे शहर, एक देश से दूसरे देश में अपने अपने कारणों के लिए बसते है, हम अपने भीतर ढेर सारी चीज़े साथ लेकर चलते है जिसमे चाही अनचाही बहुत सी चीज़े होती है। जीवित - निर्जीव दोनों! अज़ीब बात है कभी कभी हम उन्ही चीज़ो को बचाये रखते है जिन्हे हम खोना चाहते थे!
~ डॉ अनुराग आर्या
मेरठ में रहने वाले डॉ अनुराग आर्या पेशे से डर्मेटोलॉजिस्ट हैं। शौकिया लिखते हैं। मुख्य तौर पर उनके संस्मरण ब्लॉग जगत में खूब सराहे गए हैं। इसके अलावा त्रिवेणी और नज़्म लिखना उन्हें पसंद है। उनके ब्लॉग दिल की बात का लिंक है: www.anuragarya.blogspot.com

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी कहानी


"अम्मा जितना डांटती हैं, वह उतना ही खिलखिलाती है।”
 (डॉ अनुराग आर्या की रचना "शॉर्टकट टु हैपिनैस" से एक अंश)


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डॉ अनुराग आर्य की रचना शॉर्टकट टु हैपिनैस MP3

#Tenth Story, Shortcut to Happiness: Anurag Arya/Hindi Audio Book/2016/10. Voice: Pooja Anil

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