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शुक्रवार, 5 दिसंबर 2008

एक गीत उन सब के नाम जो आतंक के ख़िलाफ़ खड़े होने की हिम्मत रखते हैं...

दूसरे सत्र के २३ वें गीत का विश्वव्यापी उदघाटन आज

पिछले ७-८ दिनों में हमने क्या क्या नही देखा. देश की व्यवसायिक राजधानी पर आतंकी हमला, बंधक बने देशी-विदेशी नागरिक, खौफ का नया चेहरा लेकर सर उठाता आतंकवाद, स्तब्ध और सहमा हुआ आम आदमी, एक तरफ़ बेसुराग अंधेरों में स्वार्थ की रोटियां सेकते हमारे कर्णधार तो दूसरी तरफ़ अपनी जान पर खेल कर आतंकियों से लोहा लेते हमारे जांबाज़ देशभक्तों की फौज. इन सब अव्यवस्थाओं के बीच भी कुछ ऐसा हुआ जिसने बुझती उम्मीदों को एक नई रोशनी दे दी. इस राष्ट्रीय आपदा में जैसे पूरा देश, जिसे चंद स्वार्थी राजनीतिज्ञों ने टुकड़े टुकड़े करने में कोई कसर नही छोडी थी, फ़िर से एक जुट हो गया. जातवाद, प्रांतवाद, धरम और भाषा के नाम पर देश को बांटने वाले देश के अंदरूनी दुश्मनों को पार्श्व में धकेलते हुए पूरब से पश्चिम, उत्तर से दक्षिण, हिंदू मुस्लिम, अमीर गरीब, सब की संवेदनायें जैसे एक मत हो गई. एक बेहद अनचाही परिस्थिति से गुजरकर ही सही पर ये क्या कम है की एक सोये हुए देश की अवाम फ़िर से जागृत हो गई. ये हमला सिर्फ़ मुंबई या हिंदुस्तान पर नही है, समस्त इंसानियत के दामन पर है. मानवता के दुश्मन आतंकवाद को पैदा करने वाले और हवा देने वाले मुल्क भी अब इसकी चपेट में हैं और मुक्ति के लिए छटपटा रहे हैं. अब उपाय सिर्फ़ और सिर्फ़ यही है कि हम सब भेद भाव भूल कर, एक हो कर इस महादानव का मुकाबला करें.


दोस्तों, अब ये मशाल बुझने न पाये, हम प्रण करें कि अब हम किसी भी अंदरूनी या बाहरी ताक़त को अपनी एकता में खलल नही डालने देंगें. हम एक थे, एक हैं और एक होकर हर मुश्किल से मुश्किल हालत का सामना करेंगें. हम अपने शहीदों की कुर्बानियों को नही भूलेंगे और प्रेम और अमन की ताक़त से दुनिया को जीतेंगें. मित्रों आज जो गीत हम आपके लिए लेकर आए हैं, उसे किसने लिखा है, किसने स्वरबद्ध किया है और किसने गाया है ये महत्वपूर्ण नही है. महत्वपूर्ण है वो संदेश जो इस गीत के माध्यम से हम देश और दुनिया के तमाम लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं, वो संदेश जो हिंद युग्म परिवार का है, आप सब श्रोताओं से अनुरोध है कि इस गीत के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुचायें.

सुनिए ONE WORLD - हमारी एक सभ्यता.





The brutal Mumbai terrorist attacks sought to divide us...The attacks were aimed at our people, our prosperity and our peace. But their top target was something else : our unity. If this attacks cause us to turn on each other in hatred and conflict, the terrorists will have won. Let's deny them that victory. Let the massage will be laud and clear to the world, that these tactics aren't working, that we're more united than ever, united in our love and support to each other, and determined to work together to stop violent extremism. (Message from Soha Ali Khan, actress and Sr.advicer, awaaz)


This friday we podcast a brand new song dedicated to the real life heroes of our country. Please listen and share it with all your friends so that the massage of unity, love and peace may reach to all.
Lyrics - Sajeev Sarathie,
Music - Rishi S
Vocals - Biswajith Nanda, and Ramya.

("रम्या" हिंद युग्म की नयी खोज है, इनका विस्तृत परिचय हम आपको देंगे अगले सप्ताह)

Song - One World - "hamaari ek sabhyata"





उपर्युक्त फ्लैश प्लेयर न चल रहा हो तो नीचे से मीडिया प्लेयर से सुनें-


DOWNLOAD LINK -




VBR MP364Kbps MP3Ogg Vorbis


Lyrics - गीत के बोल

तोड़ दायरे तोड़ सब हदें,
आज न रहे कोई सरहदें,
दरमियाँ तेरे मेरे दिल के अब,
एक आसमाँ एक अपना रब,
एक रंग है जब लहू का तो,
रंग भेद ये जात पात क्यों,
एक से हैं सब आंसू और हँसी,
फर्क तुझमें और मुझमें कुछ नही,
सजदों में कहीं कोई सर झुके,
या दुआओं में हाथ हों उठे,
ओढ़ मजहबें क्यों फिरे बशर,
पाक दिल तेरा है खुदा का घर,
इन दीवारों को तोड़ दें चलो,
इन लकीरों को मोड़ दें चलो,
बांटना हो तो बाँट लें चलो,
एक दूजे के दर्दो-गम चलो..

एक दूजे के दर्दो-गम चलो....

भूख पेट की सब को नोचती,
जिस्म की तड़प भी है एक सी,
चाह भी वही, आह भी वही,
मंजिलें वही, राह भी वही,
लाख नामों में हम बंधे तो क्या,
लाख चेहरों में हम छुपें तो क्या,
गौर से अगर देखो तुम कभी,
फर्क तुझमें और मुझमें कुछ नही,
एक सी है हैं तन्हाईयाँ भी तो,
दोस्तों कभी तुम भी सोचो तो,
नफरतों में क्यों खोये जिंदगी,
फासलों में क्यों कम हो हर खुशी,
दूरियों को अब छोड़ दें चलो,
दुश्मनी से मुंह मोड़ लें चलो,
बांटना हो तो बाँट लें चलो,
एक दूजे के दर्दो-गम चलो...

एक दूजे के दर्दो-गम चलो....

हमने इस गीत का निर्माण दुनिया भर के उन सभी लोगों के लिए किया है जो लोग आतंकवाद को मानव सभ्यता के लिए खतरा मानते हैं। हमारी गुजारिश है कि आप इस संदेश को जन-जन तक पहुँचायें। अपने ब्लॉग/वेबसाइट/ऑरकुट स्क्रैपबुक/माईस्पैस/फेसबुक में 'One Earth-हमारी एक सभ्यता' का पोस्टर लगाने के लिए पसंदीदा पोस्टर का कोड कॉपी करें।



SONG # 23, SEASON # 02, ONE WORLD - HAMARI EK SABHYATA, OPENED ON AWAAZ, HIND YUGM.
Music @ Hind Yugm, Where music is a passion.

The Radio Playback Originals (Click on the covers to reach out the Albums)



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