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Tuesday, June 20, 2017

हरिशंकर परसाई की देशभक्ति की पॉलिश

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में हिंदी साहित्यकार स्वयं प्रकाश की कहानी "अकाल मृत्यु" का पॉडकास्ट सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं हरिशंकर परसाई का व्यंग्य "देशभक्ति की पॉलिश", जिसको स्वर दिया है अर्चना चावजी ने।

कहानी का कुल प्रसारण समय 11 मिनट 23 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

मेरी जन्म-तारीख 22 अगस्त 1924 छपती है। यह भूल है। तारीख ठीक है। सन् गलत है। सही सन् 1922 है। ।
 ~ हरिशंकर परसाई (1922-1995)

हर शुक्रवार को "बोलती कहानियाँ" पर सुनें एक नयी कहानी

"दोस्त, इतना लिखकर भारत माता तो चली गईं ..."
(हरिशंकर परसाई की "देशभक्ति की पॉलिश" से एक अंश)

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यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
देशभक्ति की पॉलिश MP3

#Eleventh Story, Deshbhakti Ki Polish: Harishankar Parsai/Hindi Audio Book/2017/11. Voice: Archana Chaoji

Tuesday, June 6, 2017

रबीन्द्र नाथ ठाकुर की कहानी भिखारिन

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अर्चना चावजी की आवाज़ में हिंदी साहित्यकार प्रेमचंद की कहानी "बड़े भाई साहब" का पॉडकास्ट सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं रबीन्द्र नाथ ठाकुर की एक कहानी "भिखारिन", जिसको स्वर दिया है अर्चना चावजी ने।

कहानी का कुल प्रसारण समय 16 मिनट 12 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।



 पक्षी समझते हैं कि मछलियों को पानी से ऊपर उठाकर वे उनपर उपकार करते हैं।
 ~ रबीन्द्र नाथ ठाकुर (1861-1941)

 हर सप्ताह यहाँ सुनें एक नयी कहानी

 उसके पास काफ़ी रुपये हो गये थे।
 (रबीन्द्र नाथ ठाकुर की "भिखारिन" से एक अंश)


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#Ninth Story, Bhikharin: Rabindra Nath Tagore/Hindi Audio Book/2017/9. Voice: Archana Chaoji

Tuesday, May 23, 2017

प्रेमचंद की 'बड़े भाई साहब' ऑडियो

लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। इस शृंखला में पिछली बार आपने पूजा अनिल के स्वर में  प्रमिला वर्मा की लघुकथा कारा मत नापो मिन्नी का वाचन सुना था।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं प्रेमचंद की कहानी बड़े भाई साहब, जिसे स्वर दिया है अर्चना चावजी ने।

प्रस्तुत अंश का कुल प्रसारण समय 24 मिनट 50 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

मुंशी प्रेमचंद हिंदी और उर्दू के प्राख्यात कथाकार हैं।

मैं एक निर्धन अध्यापक हूँ... मेरे जीवन मैं ऐसा क्या ख़ास है जो मैं किसी से कहूं
~ मुंशी प्रेमचंद (१८८०-१९३६)

हर सप्ताह सुनिए हिन्दी में एक नयी कहानी

मेरा जी पढने में बिलकुल न लगता था। एक घंटा भी किताब लेकर बैठना पहाड़ था।
(प्रेमचंद की 'बड़े भाई साहब' से एक अंश)



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बड़े भाई साहब MP3

#Eighth Story, Bade Bhai Sahab; Premchand; Hindi Audio Book/2017/8. Voice: Archana Chaoji

Tuesday, October 21, 2014

बोलती कहानियाँ: बहू लक्ष्मी - श्यामचंद्र कपूर

रेडियो प्लेबैक इंडिया के सभी श्रोताओं को दीपावली पर्व पर हार्दिक शुभकामनायें!

'बोलती कहानियाँ' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं नई पुरानी, रोचक कहानियाँ। पिछली बार आपने प्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार जयशंकर प्रसाद की कथा "छोटा जादूगर" का पॉडकास्ट अर्चना चावजी की आवाज़ में सुना था। आज हम लेकर आये हैं लेखक श्याम चंद्र कपूर की कथा "बहू लक्ष्मी", वाचन अर्चना चावजी द्वारा।

कहानी "बहू लक्ष्मी" का कुल प्रसारण समय 7 मिनट 38 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो देर न करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया हमें admin@radioplaybackindia.com पर संपर्क करें।


वर्तमान में जबकि ‘औरंगजेब की सहिष्णुता’ पर शोध प्रबन्ध लिखे जा रहे हैं, इस विषय का यथातथ्य विश्लेषण परमावश्यक है कि इतिहास को अपने मूलरूप में बनाए रखा जाय।
~ श्यामचंद्र कपूर



"बोलती कहानियाँ" में हर सप्ताह सुनें एक नयी कहानी


घर में तो खाने का ठिकाना नहीं, लड़कों के विवाह करके बहुओं को क्या खिलाऊंगा?
(श्याम चंद्र कपूर की "बहू लक्ष्मी" से एक अंश)


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बहू लक्ष्मी MP3

#Tenth Story, Bahu Laxmi: Shyam Chandra Kapoor/Hindi Audio Book/2014/10. Voice: Archana Chaoji

Tuesday, August 26, 2014

जयशंकर प्रसाद की छोटा जादूगर

'बोलती कहानियाँ' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं नई पुरानी, रोचक कहानियाँ। पिछली बार आपने विश्व प्रसिद्ध लेखक हान्स क्रिश्चियन एंडरसन की कथा "Den Lille Pige med Svovlstikkerne" के हिन्दी सार-संक्षेप "दियासलाई वाली बच्ची" का पॉडकास्ट अनुराग शर्मा की आवाज़ में सुना था। आज हम लेकर आये हैं प्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार जयशंकर प्रसाद की कथा "छोटा जादूगर, वाचन अर्चना चावजी द्वारा।

कहानी "छोटा जादूगर" का कुल प्रसारण समय 10 मिनट 35 सेकंड है। कहानी का गद्य भारत कोश पर उपलब्ध है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो देर न करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया हमें admin@radioplaybackindia.com पर संपर्क करें।


मिला कहाँ वह सुख जिसका मै स्वप्न देखकर जाग गया।
आलिंगन में आते-आते मुस्काकर जो भाग गया।
~ जयशंकर प्रसाद



"बोलती कहानियाँ" में हर सप्ताह सुनें एक नयी कहानी


नहीं, वहाँ मैं नहीं जा सका। टिकट लगता है।
(जयशंकर प्रसाद की "छोटा जादूगर" से एक अंश)


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छोटा जादूगर MP3

#Ninth Story, Chhota Jadugar: Jaishankar Prasad/Hindi Audio Book/2014/09. Voice: Anurag Sharma

Tuesday, March 12, 2013

मुंशी प्रेमचंद की कहानी "खून सफ़ेद"

इस साप्ताहिक स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में शोभा रस्तोगी "शोभा" की लघुकथा "कत्ल किसका" का पॉडकास्ट सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं मुंशी प्रेमचंद की कहानी "खून सफ़ेद" जिसे स्वर दिया है अर्चना चावजी ने। कहानी "खून सफ़ेद" का कुल प्रसारण समय 30 मिनट 33 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।




मैं एक निर्धन अध्यापक हूँ...मेरे जीवन मैं ऐसा क्या ख़ास है जो मैं किसी से कहूं
~ मुंशी प्रेमचंद (१८८०-१९३६)

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी कहानी

पादरी मोहनदास खेमे से बाहर निकले तो साधो उन्हें खड़ा दिखाई दिया
(मुंशी प्रेमचंद की कहानी "खून सफ़ेद" से एक अंश)


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खून सफ़ेद MP3
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#9th Story, khoon safed: Munshi Premchand/Hindi Audio Book/2013/09. Voice: Archana Chaoji

Tuesday, January 15, 2013

बोलती कहानियाँ - ठिठुरता हुआ गणतन्त्र

'बोलती कहानियाँ' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अर्चना चावजी की आवाज़ में मंटो की रचना "खोल दो" का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार हरिशंकर परसाई का व्यंग्य "ठिठुरता हुआ गणतंत्र" जिसे स्वर दिया है अर्चना चावजी ने।

इस व्यंग्य का पाठ (टेक्स्ट) हिंदिनी पर पढ़ा जा सकता है। "ठिठुरता हुआ गणतन्त्र" का कुल प्रसारण समय 5 मिनट 29 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

"इस देश के बुद्धिजीवी शेर हैं, पर वे सियारों की बरात में बैंड बजाते हैं।"
 ~ हरिशंकर परसाई (1922-1995)

हर सप्ताह "बोलती कहानियाँ" पर सुनें एक नयी कहानी

"समाजवाद परेशान है। उधर जनता भी परेशान है। समाजवाद आने को तैयार खड़ा है, मगर समाजवादियों में आपस में धौल-धप्पा हो रहा है।"
(हरिशंकर परसाई के व्यंग्य "ठिठुरता हुआ गणतंत्र" से एक अंश)

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#2nd Story, Thithurata Gantantra: Harishankar Parsai/Hindi Audio Book/2013/2. Voice: Archana Chaoji

Tuesday, November 20, 2012

बोलती कहानियाँ - कश्मकश - रश्मि रविजा

'बोलती कहानियाँ' स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में प्राख्यात साहित्यकार विष्णु बैरागी की कहानी ""यह उजास चाहिए मुझे" का पॉडकास्ट सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं लोकप्रिय लेखिका रश्मि रविजा की कहानी "कश्मकश", अर्चना चावजी की आवाज़ में।

कहानी "कश्मकश" का टेक्स्ट "मन का पाखी" पर उपलब्ध है। कहानी का कुल प्रसारण समय 14 मिनट 58 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

 यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

“"मंजिल मिले ना मिले , ये ग़म नहीं मंजिल की जुस्तजू में, मेरा कारवां तो है।”
रश्मि रविजा

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी कहानी

"सारी मुसीबत इनकी निरीहता को लेकर ही है। क्यूँ नहीं ये लोग भी उपेक्षा भरा व्यवहार अपनाते? क्यूँ इनकी निगाहें इतनी सहानुभूति भरी हैं?"  (रश्मि रविजा की "कश्मकश" से एक अंश)

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 #39rd Story, Kashmakash: Rashmi Ravija/Hindi Audio Book/2012/39. Voice: Archana Chaoji

Friday, July 13, 2012

कहानी पॉडकास्ट - चौबे जी - हरिशंकर परसाई - अर्चना चावजी

'बोलती कहानियाँ' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने शेफाली गुप्ता की आवाज़ में श्रीमती रीता पाण्डेय की रचना "नज़ीर मियाँ की खिचड़ी" का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार हरिशंकर परसाई का व्यंग्य "चौबे जी", जिसको स्वर दिया है अर्चना चावजी ने।

कहानी का कुल प्रसारण समय 5 मिनट 13 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

मेरी जन्म-तारीख 22 अगस्त 1924 छपती है। यह भूल है। तारीख ठीक है। सन् गलत है। सही सन् 1922 है। ।
 ~ हरिशंकर परसाई (1922-1995)

हर शुक्रवार को "बोलती कहानियाँ" पर सुनें एक नयी कहानी

"आयुष्मान अब डिप्टी कलक्टर हो गया है।"
(हरिशंकर परसाई की "चौबे जी" से एक अंश)

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#25th Story, Chaube Ji ki Katha: Harishankar Parsai/Hindi Audio Book/2012/25. Voice: Archana Chaoji

Friday, June 29, 2012

कहानी पॉडकास्ट: "बाप बदल" व "लड़ाई" - हरिशंकर परसाई - अर्चना चावजी

'बोलती कहानियाँ' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने शेफाली गुप्ता की आवाज़ में श्रीमती रीता पाण्डेय की रचना "संकठा प्रसाद लौट आये हैं" का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार हरिशंकर परसाई के दो व्यंग्य "बाप बदल", एवं "लड़ाई" जिन्हें स्वर दिया है अर्चना चावजी ने।

इन दो कहानियों का कुल प्रसारण समय 5 मिनट 29 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

मेरी जन्म-तारीख 22 अगस्त 1924 छपती है। यह भूल है। तारीख ठीक है। सन् गलत है। सही सन् 1922 है। ।
 ~ हरिशंकर परसाई (1922-1995)

हर शुक्रवार को "बोलती कहानियाँ" पर सुनें एक नयी कहानी

"उनका सौवाँ जन्मदिन तब पड़ रहा था जब उनका लड़का मुख्यमंत्री था।"
(हरिशंकर परसाई की "बाप बदल" से एक अंश)

यूँ तो चोपड़ा साहब और साहनी साहब का स्वभाव और व्यक्तित्व ऐसा था कि उन्हें अलग से कुत्ता रखने की जरुरत नहीं थी, वे ही काफी थे।
(हरिशंकर परसाई के व्यंग्य "लड़ाई" से एक अंश)

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#23rd Story, Baap Badal & Ladai: Harishankar Parsai/Hindi Audio Book/2012/23. Voice: Archana Chaoji

Friday, June 15, 2012

कहानी पॉडकास्ट - सुशीला - हरिशंकर परसाई - अर्चना चावजी

'बोलती कहानियाँ' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में कामेश्वर की मार्मिक कथा "चप्पल" का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार हरिशंकर परसाई का व्यंग्य "सुशीला", जिसको स्वर दिया है अर्चना चावजी ने।

कहानी का कुल प्रसारण समय 3 मिनट 3 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

मेरी जन्म-तारीख 22 अगस्त 1924 छपती है। यह भूल है। तारीख ठीक है। सन् गलत है। सही सन् 1922 है। । ~ हरिशंकर परसाई (1922-1995)

हर शनिवार को "बोलती कहानियाँ" पर सुनें एक नयी कहानी

"आम बाज़ार भाव से तो लड़के की क़ीमत मांगते ही थे, इनके अशुद्ध होने का दण्ड पाँच छह हज़ार और मांगते थे।" (हरिशंकर परसाई की "सुशीला" से एक अंश)

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#21st Story, Susheela: Harishankar Parsai/Hindi Audio Book/2012/21. Voice: Archana Chaoji

Friday, May 4, 2012

रचना बजाज की कहानी "अपनापन"

इस साप्ताहिक स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर शुक्रवार को आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं रचना बजाज जी की कहानी अपनापन जिसे स्वर दिया है अर्चना चावजी ने। कहानी "अपनापन" का कुल प्रसारण समय 2 मिनट 32 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।



जो धनी बनुँ तो दान करुँ, शिक्षित हूँ तो बाटुँ शिक्षा; इस जीवन मे पाई है, बस इतनी ही मैने दीक्षा।
 ~ रचना बजाज

हर शनिवार को आवाज़ पर सुनें एक नयी कहानी

फ़ातिमा चाची भी झट उनके पास आकर कहती , आरती दीदी मुझे भी अपने लिये बनाना है, मुझे भी सिखाओ ना!
 (रचना बजाज की "अपनापन" से एक अंश)


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#15th Story, Apanapan: Rachana Bajaj/Hindi Audio Book/2012/15. Voice: Archana Chaoji

Saturday, October 22, 2011

ऑडियो: मुंशी प्रेमचन्द की निर्वासन

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में घुघूतीबासूती के व्यंग्य ओह! का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं मुंशी प्रेमचंद की हृदयविदारक कहानी "निर्वासन", जिसको स्वर दिया है अर्चना चावजी और अनुराग शर्मा ने।

कहानी का कुल प्रसारण समय 14 मिनट 20 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

इस कथा का टेक्स्ट सत्यार्थमित्र ब्लॉग पर उपलब्ध है।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।


मैं एक निर्धन अध्यापक हूँ...मेरे जीवन मैं ऐसा क्या ख़ास है जो मैं किसी से कहूं
~ मुंशी प्रेमचंद (१८८०-१९३६)

हर शनिवार को आवाज़ पर सुनिए प्रेमचंद की एक नयी कहानी

"तुम इतने दिनों कहाँ रहीं, किसके साथ रहीं, किस तरह रहीं और फिर यहाँ किसके साथ आयीं?"
 (प्रेमचंद की "निर्वासन" से एक अंश)


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VBR MP3Ogg Vorbis
#150th Story, Nirvasan: Munshi Premchand/Hindi Audio Book/2011/31. Voice: Archana Chaoji & Anurag Sharma

Saturday, September 24, 2011

सुनो कहानी - बदचलन - हरिशंकर परसाई - अर्चना चावजी

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में अनुराग शर्मा की कहानी "टुन्न परेड" का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार हरिशंकर परसाई का व्यंग्य "बदचलन", जिसको स्वर दिया है अर्चना चावजी ने।

कहानी का कुल प्रसारण समय 4 मिनट 44 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।



मेरी जन्म-तारीख 22 अगस्त 1924 छपती है। यह भूल है। तारीख ठीक है। सन् गलत है। सही सन् 1922 है। ।
~ हरिशंकर परसाई (1922-1995)

हर शनिवार को आवाज़ पर सुनें एक नयी कहानी

"बहू-बेटियां सबके घर में हैं। यहां ऐसा दुराचारी आदमी रहने आ रहा है। भला शरीफ आदमी यहां कैसे रहेंगे।"
(हरिशंकर परसाई की "बदचलन" से एक अंश)


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#146th Story, Badchalan: Harishankar Parsai/Hindi Audio Book/2011/27. Voice:
Archana Chaoji

Saturday, June 25, 2011

अनुराग शर्मा की कहानी "बेमेल विवाह"

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने रबीन्द्र नाथ ठाकुर की कहानी "काबुलीवाला" का पॉडकास्ट संज्ञा टंडन की आवाज़ में सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं अनुराग शर्मा की एक कहानी "बेमेल विवाह", जिसको स्वर दिया है अर्चना चावजी और अनुराग शर्मा ने।कहानी "बेमेल विवाह" का कुल प्रसारण समय 3 मिनट 22 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

इस कथा का टेक्स्ट बर्ग वार्ता ब्लॉग पर उपलब्ध है।

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पतझड़ में पत्ते गिरैं, मन आकुल हो जाय। गिरा हुआ पत्ता कभी, फ़िर वापस ना आय।।
~ अनुराग शर्मा

हर शनिवार को आवाज़ पर सुनें एक नयी कहानी
"कितने सहृदय हैं डॉ. अमित। कितने प्यार से बात कर रहे थे।"
(अनुराग शर्मा की "बेमेल विवाह" से एक अंश)


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#134nd Story, Bemel Vivah: Anurag Sharma/Hindi Audio Book/2011/15. Voice: Anurag Sharma

Saturday, May 1, 2010

अठन्नी का चोर - पंडित सुदर्शन

सुनो कहानी: पंडित सुदर्शन की "अठन्नी का चोर"

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अर्चना चावजी की आवाज़ में प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार पंडित सुदर्शन की कहानी "साईकिल की सवारी" का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं हिंदी और उर्दू के अमर साहित्यकार पंडित सुदर्शन की प्रसिद्ध कहानी "अठन्नी का चोर", जिसको स्वर दिया है अर्चना चावजी ने। यथार्थ से आदर्श का सन्देश देने वाले सुदर्शन जी की कहानियों का लक्ष्य समाज व राष्ट्र को सुन्दर व मजबूत बनाना है । इस कहानी मे न्यायिक व्यवस्था पर व्यंग है ।

पंडित सुदर्शन की कालजयी रचना "हार की जीत", को सुनो कहानी में शरद तैलंग की आवाज़ में हम आपके लिए पहले ही प्रस्तुत कर चुके हैं।

कहानी "अठन्नी का चोर" का कुल प्रसारण समय 21 मिनट 28 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

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“अब कोई दीन-दुखियों से मुँह न मोड़ेगा।”
~ सुदर्शन (मूल नाम: पंडित बद्रीनाथ भट्ट)
(1895-1967)

पांचवीं कक्षा के पाठ्यक्रम में पहली बार "हार का जीत" पढी थी। तब से ही इसके लेखक के बारे में जानने की उत्सुकता थी। दुःख की बात है कि हार की जीत जैसी कालजयी रचना के लेखक के बारे में जानकारी बहुत कम लोगों को है। गुलज़ार और अमृता प्रीतम पर आपको अंतरजाल पर बहुत कुछ मिल जाएगा मगर यदि आप पंडित सुदर्शन की जन्मतिथि, जन्मस्थान (सिआलकोट) या कर्मभूमि के बारे में ढूँढने निकलें तो निराशा ही होगी। मुंशी प्रेमचंद और उपेन्द्रनाथ अश्क की तरह पंडित सुदर्शन हिन्दी और उर्दू में लिखते रहे हैं। उनकी गणना प्रेमचंद संस्थान के लेखकों में विश्वम्भरनाथ कौशिक, राजा राधिकारमणप्रसाद सिंह, भगवतीप्रसाद वाजपेयी आदि के साथ की जाती है। लाहोर की उर्दू पत्रिका हज़ार दास्ताँ में उनकी अनेकों कहानियां छपीं। उनकी पुस्तकें मुम्बई के हिन्दी ग्रन्थ रत्नाकर कार्यालय द्वारा भी प्रकाशित हुईं। उन्हें गद्य और पद्य दोनों ही में महारत थी। पंडित जी की पहली कहानी "हार की जीत" १९२० में सरस्वती में प्रकाशित हुई थी। मुख्य धारा के साहित्य-सृजन के अतिरिक्त उन्होंने अनेकों फिल्मों की पटकथा और गीत भी लिखे हैं. सोहराब मोदी की सिकंदर (१९४१) सहित अनेक फिल्मों की सफलता का श्रेय उनके पटकथा लेखन को जाता है। सन १९३५ में उन्होंने "कुंवारी या विधवा" फिल्म का निर्देशन भी किया। वे १९५० में बने फिल्म लेखक संघ के प्रथम उपाध्यक्ष थे। वे १९४५ में महात्मा गांधी द्वारा प्रस्तावित अखिल भारतीय हिन्दुस्तानी प्रचार सभा वर्धा की साहित्य परिषद् के सम्मानित सदस्यों में थे। उनकी रचनाओं में तीर्थ-यात्रा, पत्थरों का सौदागर, पृथ्वी-वल्लभ, बचपन की एक घटना, परिवर्तन, अपनी कमाई, हेर-फेर आदि के नाम उल्लेखनीय हैं। फिल्म धूप-छाँव (१९३५) के प्रसिद्ध गीत तेरी गठरी में लागा चोर, बाबा मन की आँखें खोल आदि उन्ही के लिखे हुए हैं।
(निवेदक: अनुराग शर्मा)

बच्चे बीमार हैं और रुपया नहीं।
(पंडित सुदर्शन की "अठन्नी का चोर" से एक अंश)


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#71th Story, Athanni Ka Chor: Pt. Sudarshan/Hindi Audio Book/2010/16. Voice: Archana

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