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Friday, November 7, 2008

दिल को बहलाना है, इस तरह या उस तरह...

इश्क हो या दुनिया की चाहत, अक्सर वो नसीब नही होता जिसको पाने की आरजू होती है. जिंदगी चलती रहती है, बहती रहती है. पर कहीं न कहीं दिल के किसी कोने में एक खला बनी रहती है. कहीं कुछ रहता है जो कचोटता है तन्हाईयों में. कुछ कमरे ऐसे भी होते हैं जहनो दिल में जो किसी के जाने के बाद भी हमेशा खाली रहते हैं, उन्हें कोई भर नही पाता. कुछ ऐसे ही जज़्बात लिए है इस शुक्रवार का ये नया गीत. जिसके रचनाकार, संगीतकार और गायक हैं सुदीप यशराज. नए सत्र में उनका ये दूसरा गीत है, तो सुनतें हैं सुदीप की आवाज़ में "उड़ता परिंदा". अपनी राय देकर इस उभरते हुए बेहद प्रतिभाशाली संगीतकार गायक का मार्गदर्शन अवश्य करें -

गीत को सुनने के लिए नीचे के प्लयेर पर क्लिक करें -




After his first song "beintehaa pyar" Sudeep Yashraj is here again in this new season with a brand new song "udta parinda". Penned and composed by Sudeep himself, this song has a retro feel to it which come across with his unique style of singing. So guys, lets enjoy this brand new song and let us know what you feel about it.

To listen to the song please click on the player below -



गीत के बोल - Lyrics

उड़ता परिंदा, उड़ते उड़ते थक के कहीं सो जाएगा,
शायद वो बैचैन हो गई, ख़त को कौन पहुँचायेगा...

हमने खायी है कसम
भूलेंगे न हम तेरा नाम
आके ही सुनायेंगें,
दिल की हर एक दास्तां,
देख के तुमको रंग बदलता क्यों है,
काला सा बादल, रंगों में ढलता क्यों है,
कोई और नही, ये मैं हूँ सनम,
छूने को तुझे लिया बूँदों का जनम,
बूँदें ही सजायेंगीं मांग तेरी दिलबर,
चूम के दे जायेंगीं, नाम मेरा लबों पर,

ये जो हैं, बूँदें ओस की,
क्या है इनसे तुम्हारी दोस्ती,
जब भी नाम लेता हूँ, तुम्हारी महक आए,
अरे चल रे पगले चल, तू क्यों दिल को बहलाए,
दिल को बहलाना है, इस तरह या उस तरह,
जिंदगी फ़साना है, इस तरह या उस तरह,
तेरे मेरे बीच में जो भी आए दीवार,
उनको मैं तोड़ दूँगा,
अनचाहे आए कोई तूफ़ान हज़ार,
उनको मैं मोड़ दूँगा,
और दस्तक दे कोई...
चारों पहर दरवाजे पे....खोलो...
खोलो ...खोलो....खोलो...

दूसरे सत्र के १९ वें गीत का विश्वव्यापी उदघाटन आज.

SONG # 19, SEASON # 02, "UDTA PARINDAA" OPENED ON AWAAZ ON 07-11-2008.
Music @ Hind Yugm, Where music is a passion

Wednesday, August 13, 2008

और दिल जुनून पर है...

राख हो जायेंगे हम, आग का हुस्न फुनून पर है,
मोहब्बत बे-इन्तहा है, और दिल जुनून पर है.

Love or material needs, whatever you may want is not what you will get. Life moves on & so does your soul. But somewhere deep inside you, there is a place where that vacancy always exists forever & its irreplaceable.

ये कहना है सुदीप यशराज का, जो हैं आवाज़ पर इस हफ्ते के, उभरते सितारे. हमने कोशिश की, कि सुदीप भी हमें अपने बारे में हिन्दी में ही लिख कर दें, पर अतिव्यस्तता के चलते वो ऐसा नही कर पाये. तो हमने उनके कथन मूल रूप में ही आपके सामने रख रहे हैं.

दिल्ली में जन्मे और पढ़े बढ़े सुदीप इन दिनों मुंबई में हैं. हिंद युग्म पर अपने पहले गीत "बेइंतेहा प्यार..." को मिले प्रोत्साहन से सुदीप बेहद संतुष्ट हैं. उनका मानना है -

Business or music is creative outburst of mind which should achieve satisfaction, life is just a memory if not lived the way you want to.



I am not a trained musician & make music for personal satisfaction.

I have been lucky to be in the company of some of the great musicians of Varanasi, anything that i learnt or i know is a gift of my stay at Reeva Kothi on Assi Ghat in Varanasi. Born & bought up in a modest Brahmin family of Delhi, I have played with many popular bands in Delhi & I am now a veteran in that circuit.

I have actively composed ad jingles, musical shows for many producers in India.

Professionally I m a CRM consultant & work with one of India's biggest loyalty company in marketing domain. Whenever get free time I love spending it with my 9 months old daughter.

My music is highly influenced by my life where each songs denote moments of what I call as living. I write, compose & sing for the simple reason that the journey called life is much better with ones own creative expression.

If I ever go missing, I would be found on top of a hill along with my Guitar. Just follow the voice & you will find me.

मेरी आवाज़ ही पहचान है.... बिल्कुल ठीक है सुदीप, हम आपके संगीत के पीछा करते करते आप तक पहुँच ही जायेंगे.

सुदीप जल्द ही संगीत की दुनिया में अपनी एक नई पहचान लेकर उतरेंगे, हिंद युग्म की टीम अपनी समस्त शुभकामनायें सुदीप को देती है. सुदीप के संगीत की ताज़गी को एक बार फ़िर से महसूस कीजिये यह गीत सुनकर.

Friday, August 8, 2008

वो पीपल का पत्ता, है अब भी अकेला...

दूसरे सत्र के छठे गीत का विश्वव्यापी उदघाटन आज.

आज हम अपने संगीत प्रेमियों के समक्ष लेकर आए हैं, एक और ताज़ी आवाज़, सुदीप यशराज की, ये युग्म के संगीत इतिहास में दूसरी बार है, जब किसी भी गीत के समस्त पक्ष को एक ही कलाकार ने संभाला है. सुदीप ने यह गीत ख़ुद ही लिखा, स्वरबद्ध किया और गाया है, उनका संगीत ताजगी भरा है और हमें यकीं हैं कि नयेपन की कमी जो हमारे कुछ श्रोताओं को महसूस हुई है अब तक, वो इस गीत के साथ दूर हो जायेगी. तो सुनें ये ताज़ा गीत, और अपने विचारों से सुदीप का प्रोत्साहन/मार्गदर्शन करें.

गीत सुनने के लिए प्लेयर पर क्लिक करें.




This Friday, we are introducing another very talented upcoming composer and singer, Sudeep Yashraaj to you. Sudeep is here with a new genre of sound, this song has a fresh new feel to it. With a very new way of writing and singing we are sure that he will steal your heart with his "beinteha pyar...". So enjoy this brand new song and do leave your comments as well.

To listen to the song, please click on the player



Lyrics:

Vo o o o o, Beinteha pyar
Vo o o o o, Beinteha pyar
Dooba hua hun, barso se, teri aankho mein, hoooo

Sagar meri zindagi, zindagi hai
Mainey boond boond bhari hai apney aansu se

Meri majboori hai jo ab tak lab hai siley
Aur uspey ek tum jo ab tak chup ho khadey
Kya yeh zaarori hai, ke main izhar karun
Jaana tum samajh bhi jao mai tumsey pyar karun

Vo o o o o, Beinteha pyar
Vo o o o o, Beinteha pyar

Who bachpan ki galtiyaan, Tera woh rona
Mere dil ki dhadkan kaa har aansu pe khona
Woh pipal ke ped ke niche bhooke hi sona

Woh pipal ka patta hai ab bhi akela
Woh toofaan si baarish, Akeley hi jhela
Yehi zindagi hai, akele hi jeena, akele hi jaana

Wo o o o o o o
Vo o o o o, Beinteha pyar
Vo o o o o, Beinteha pyar

यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंकों से डाऊनलोड कर लें (ऑडियो फ़ाइल तीन अलग-अलग फ़ॉरमेट में है, अपनी सुविधानुसार कोई एक फ़ॉरमेट चुनें)




VBR MP364Kbps MP3Ogg Vorbis



SONG # 06, SEASON # 02, "Beintehaa pyaar...",OPENED ON 08/08/2008 ON AWAAZ,HIND YUGM.
Music @ Hind Yugm, Where music is a passion

The Radio Playback Originals (Click on the covers to reach out the Albums)



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