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Wednesday, May 21, 2014

होंठों को मुस्कुराने और गुनगुनाने की वजह देती अरिजीत की आवाज़

ताज़ा सुर ताल - मुस्कुराने  (सिटी लाईट्स)

दोस्तों पिछले करीब २ सालों से हम सब इस युवा गायक के दीवाने हो रखे हैं, उस का हर नया गीत भीतर एक गहरी हलचल पैदा कर देता है और हम सब की छुपी या जाहिर आशिकी को जैसे आवाज़ मिल जाती है. रोमानियत को गहरे से आत्मसात करती ये आवाज़ है अरिजीत सिंह की. ताज़ा प्रस्तुति में आज फिर से अरिजीत का जादू महकेगा, गीत के बोल है..मुकुराने की वजह तुम हो... और इस गीत को वजह और वजूद दिया है जीत गांगुली ने. कभी प्रीतम के जोड़ीदार रहे जीत के लिए खुद प्रीतम ने एक बार कहा था कि जब लोग जीत की काबिलियत को समझेगें तो उसके दीवाने हो जायेगें, प्रीतम दा की ये बात एकदम सही लग रही है आज के सन्दर्भ में. धीरे धीरे श्रोता जीत की जादू भरी धुनों में डूब रहे हैं इन दिनों. फिल्म सिटी लाईट्स का है ये गीत. इस फिल्म में हमें दुबारा दिखेगा राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित निर्देशक हंसल मेहता और अभिनेता राजकुमार राव की बेमिसाल जोड़ी का नया अंदाज़. आप में से जिन दर्शकों ने इनकी 'शाहिद' देखी हो उन्हें यक़ीनन इस फिल्म का बेहद बेसब्री से इंतज़ार होगा. फिल्म को महेश भट्ट लेकर आ रहे हैं और इसे वो अपनी सबसे बहतरीन कृतियों में से एक मान रहे हैं. ब्रिटिश फिल्म मेट्रो मनिला  पर आधारित इस फिल्म की चर्चा हम आगे भी जारी रखेगें, फिलहाल सुनते हैं ये गजब का गीत.... 

Friday, March 28, 2014

यो यो और मीका भी बने मस्त कलंदर के दीवाने

ताज़ा सुर ताल 2014-11

दोस्तों नए गीतों की दुनिया में एक बार फिर से स्वागत है आप सबका। आज सबसे पहले बात हनी सिंह, जी हाँ वही 'यो यो' वाले।  यूं तो भारतीय श्रोताओं के लिए रैप गायन शैली को बहुत पहले ही बाबा सेहगल सरीखे गायक परोस चुके हैं, पर जो कामियाबी यो यो ने हासिल की उसका कोई सानी नहीं।  हनी सिंह ने बहुत से नए पंजाबी गायकों को हिट गीत दिए गाने के लिए और उनपर अपने रैप का जो तड़का लगाया उसे सुन युवा श्रोता झूम उठे।  उनके रैप के शब्द भी ऐसे जैसे इस दौर के युवाओं की बात हो रही हो बिना अलग लाग लपेट।  सबसे अच्छी खासियत उनकी ये रही कि समय के साथ साथ वो अपने संगीत में भी नए प्रयोग लाते रहे।  लुंगी डांस  के लिए रजनीकान्त का अंदाज़ चुरा लिया तो कभी गुलज़ार साहब के क्लास्सिक तेरे बिना ज़िन्दगी से  को रैप के सांचे में ढाल लिया।  उनका ताज़ा प्रयोग रहा हिंदी फ़िल्मी संगीत के आज के सबसे हिट गायक मिका सिंह के साथ जुगलबंदी करना। मिका और यो यो साथ आये हैं एक सूफियाना गीत के साथ. वैसे इस गीत दमा दम मस्त कलंदर का भी इतिहास पुराना है।  मूल रूप से अमीर खुसरो के रचे  इस इबादत को बाबा बुल्लेशाह ने अपने ख़ास अंदाज़ से संवारा। पीर शाहबाज़ कलंदर को समर्पित इस कव्वाली को नुसरत साहब, नूर जहाँ, आबिदा परवीन से लेकर रुना लैला तक ने अपने अपने मुक्तलिफ़ अंदाज़ में गाकर लोकप्रियता के चरम तक पहुंचाया। यहाँ तक कि रॉक  बैंड जूनून और आज के दौर के शंकर महादेवन और रेखा भारद्वाज भी इस कव्वाली की रूहानियत से बच नहीं पाये। मिका और हनी सिंह के गाये इस ताज़ा संस्करण में भी दोनों कलाकारों ने अपना सबसे बहतरीन काम किया है।  संगीत संयोजन भी उच्च स्तर  का है।  लीजिये आप भी सुनिये और झूमिए झूलेलाल का नाम लेकर 



गीतकार कौसर मुनीर का लिखा सय्यारा  गीत यक़ीनन आज भी श्रोताओं को उतना ही लुभाता है।  बहुत दिनों के बाद उनका लिखा एक नया गीत सामने आया है।  कौसर के शब्दों में एक ख़ास किस्म की ताज़गी मिलती है हर बार।  प्रस्तुत गीत को स्वरबद्ध किया है जीत गांगुली ने जो आशिकी  के बाद इन दिनों दिन बा दिन अपने  काम को निखारते जा रहे हैं। अरिजीत सिंह की आवाज़ का वही जादू भरा असर है इस रोमांटिक गीत में जो है फ़िल्म यंगिस्तान  से. सुनिये और दीजिये इज़ाज़त, मिलते हैं अगले सप्ताह।  
  

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