Friday, January 13, 2012

गिरिजेश राव की कहानी "भूख"

'बोलती कहानियाँ' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने प्रसिद्ध कथाकार हरिशंकर परसाई की "बेचारा भला आदमी" का पॉडकास्ट अनुराग शर्मा की आवाज़ में सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं गिरिजेश राव की कहानी "भूख", जिसको स्वर दिया है सलिल वर्मा ने।

कहानी "भूख" का कुल प्रसारण समय 10 मिनट 56 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। इस कथा का टेक्स्ट एक आलसी का चिठ्ठा पर उपलब्ध है।

 यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया अधिक जानकारी के लिए कृपया हमें admin@radioplaybackindia.com पर संपर्क करें।

"पास बैठो कि मेरी बकबक में नायाब बातें होती हैं। तफसील पूछोगे तो कह दूँगा,मुझे कुछ नहीं पता "
~ गिरिजेश राव

     हर शनिवार को आवाज़ पर सुनें एक नयी कहानी

"उसे पता था कि घर पहुँचने पर रात नौ बजे तक एक कप चाय और दो बिस्कुटों के अलावा कुछ नहीं मिलने वाला। कुछ और माँगने पर मोटापे का ताना मिलता था।"
 (गिरिजेश राव की कहानी "भूख" से एक अंश)

नीचे के प्लेयर से सुनें.
(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)
यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
  VBR MP3
#Second Story, Bhookh: Girijesh Rao/Hindi Audio Book/2012/02. Voice: Salil Varma

9 comments:

गिरिजेश राव, Girijesh Rao said...

बहुत बहुत आभार सलिल जी।
रेडियो पर मँजे हुये उद्घोषक की जुबानी सुनने जैसा लगा। सरदार की आवाज़ के लिये बहुत अच्छा मॉडुलेशन किया आप ने!
आप के द्वारा इस कहानी को अपना स्वर देने के लिये चुनना भावुक कर गया।

गिरिजेश राव, Girijesh Rao said...

पहली टिप्पणी जाने कहाँ गई?

बहुत बहुत आभार सलिल जी।
मँजे हुये रेडियो उद्घोषक द्वारा की गई प्रस्तुति जैसी लगी। आप आवाज़ की दुनिया में सक्रिय हैं, ऐसा लगा।
सरदार के स्वर को जो मॉडुलेशन आप ने दिया, बहुत बढ़िया लगा।
यह कहानी आप ने प्रसारण के लिये चुनी! भावुक कर दिये...

Smart Indian said...

कहानी और वाचन दोनों ही बहुत खूब हैं। राव साहब और वर्मा जी दोनों का आभार!

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

आप दोनों, अनुराग जी और गिरिजेश जी, मेरे लिए आदरणीय हैं.. और गिरिजेश जी की कहानियों को पढते समय ऐसा लगता है कि इसे बस मैं ही कर सकता हूँ और हमेशा पढकर सुनाता भी हूँ अपने परम मित्र चैतन्य आलोक को.. रिकोर्ड पहली बार किया...
अनुराग जी! भविष्य में आपने अवसर दिया तो "आवाज़ हाज़िर है!"
पुनः धन्यवाद आप दोनों का!!

मनोज कुमार said...

सलिल जी की आवाज़ अच्छी लगी।

Amit said...

सलिल जी को पहली बार सुना. बहुत बढ़िया प्रस्तुति

Madhavi Charudatta said...

बहुत ख़ुब अभिवाचन

Jyoti Dehliwal said...

आज तक कहानी सिर्फ़ पढ़ती थी.
आज पहली बार सुनी.
बहुत बढ़िया प्रस्तुति.

सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी said...

शानदार

The Radio Playback Originals (Click on the covers to reach out the Albums)



Popular Posts सर्वप्रिय रचनाएँ