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अल्बम - लेट्स मेक ए चेंज

Album - Lets make a change






नूतन वर्ष - गायक : कुमार आदित्य, गीतकार : मेह्द्र भटनागर, संगीत : कुमार आदित्य

सांसे चुभे - गायक : श्रीराम ईमनी, आसिफ अकबर, गीतकार : सजीव सारथी, आसिफ, संगीत : श्रीनिवास पंडा

गो ग्रीन - गायक : जिनियाना लान्निंग, कुहू गुप्ता, गीतकार : सजीव सारथी, बालमुरली बालू, संगीत : बालमुरली बालू

खुद पे यकीन - गायक : बिस्वजीत, गीतकार : सजीव सारथी, संगीत : ऋषि एस

हिंदुस्तान - गायक : बिस्वजीत, गीतकार : विश्व दीपक, संगीत : सुभोजित

जीत का जूनून - गायक : दीपेश, कुहू गुप्ता, तारा बालाकृष्णन, गीतकार : सजीव सारथी, संगीत : ईश्वर रविशंकर

माँ - गायक : बिस्वजीत, गीतकार : विश्व दीपक, संगीत : ऋषि एस

लाईफ एट सोनागाछी (इन्स्ट्रुमेन्टल) : संगीत : बालमुरली बालू, गायक : श्रीविद्या कस्तूरी

वन वर्ल्ड (हमारी एक सभ्यता) : गायक : बिस्वजीत, रम्या, गीतकार : सजीव सारथी, संगीत : ऋषि एस

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चित्रकथा - 71: हिन्दी फ़िल्मों में नाग-नागिन (भाग - 2)

अंक - 71 हिन्दी फ़िल्मों में नाग-नागिन (भाग - 2) "मैं नागन तू सपेरा..."  रेडियो प्लेबैक इंडिया’ के साप्ताहिक स्तंभ ’चित्रकथा’ में आप सभी का स्वागत है। भारतीय फ़िल्मों में नाग-नागिन शुरू से ही एक आकर्षक शैली (genre) रही है। सांपों को आधार बना कर लगभग सभी भारतीय भाषाओं में फ़िल्में बनी हैं। सिर्फ़ भारतीय ही क्यों, विदेशों में भी सांपों पर बनने वाली फ़िल्मों की संख्या कम नहीं है। जहाँ एक तरफ़ सांपों पर बनने वाली विदेशी फ़िल्मों को हॉरर श्रेणी में डाल दिया गया है, वहीं भारतीय फ़िल्मों में नाग-नागिन को कभी पौराणिक कहानियों के रूप में, कभी सस्पेन्स युक्त नाटकीय शैली में, तो कभी नागिन के बदले की भावना वाली कहानियों के रूप में प्रस्तुत किया गया है जिन्हें जनता ने ख़ूब पसन्द किया। हिन्दी फ़िल्मों के इतिहास के पहले दौर से ही इस शैली की शुरुआत हो गई थी। तब से लेकर पिछले दशक तक लगातार नाग-नागिन पर फ़िल्में बनती चली आई हैं। ’चित्रकथा’ के पिछले अंक में नाग-नागिन की कहानियों, पार्श्व या संदर्भ पर बनने वाली फ़िल्मों पर नज़र डालते हुए हम पहुँच गए थे 60 के दशक के अन्त तक।

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