मंगलवार, 31 जुलाई 2012

बाल मन की कवितायेँ -चाक से बच्चों की जुबान पर


शब्दों की चाक पर - एपिसोड 09

शब्दों की चाक पर हमारे कवि मित्रों के लिए हर हफ्ते होती है एक नयी चुनौती, रचनात्मकता को संवारने  के लिए मौजूद होती है नयी संभावनाएँ और खुद को परखने और साबित करने के लिए तैयार मिलता है एक और रण का मैदान. यहाँ श्रोताओं के लिए भी हैं कवि मन की कोमल भावनाओं उमड़ता घुमड़ता मेघ समूह जो जब आवाज़ में ढलकर बरसता है तो ह्रदय की सूक्ष्म इन्द्रियों को ठडक से भर जाता है. तो दोस्तों, इससे पहले कि  हम पिछले हफ्ते की कविताओं को आत्मसात करें, आईये जान लें इस दिलचस्प खेल के नियम - 




1. रश्मि प्रभा के संचालन में शब्दों का एक दिलचस्प खेल खेला जायेगा. इसमें कवियों को कोई एक थीम शब्द या चित्र दिया जायेगा जिस पर उन्हें कविता रचनी होगी ...ये सिलसिला सोमवार सुबह से शुरू होगा और गुरूवार शाम तक चलेगा, जो भी कवि इसमें हिस्सा लेना चाहें वो रश्मि जी से संपर्क कर उनके फेसबुक ग्रुप में जुड सकते हैं, रश्मि जी का प्रोफाईल यहाँ है.


2. सोमवार से गुरूवार तक आई कविताओं को संकलित कर हमारे पोडकास्ट टीम के हेड पिट्सबर्ग से अनुराग शर्मा जी अपने साथी पोडकास्टरों के साथ इन कविताओं में अपनी आवाज़ भरेंगें. और अपने दिलचस्प अंदाज़ में इसे पेश करेगें.

3. हमारी टीम अपने विवेक से सभी प्रतिभागी कवियों में से किसी एक कवि को उनकी किसी खास कविता के लिए सरताज कवि चुनेगें. आपने अपनी टिप्पणियों के माध्यम से ये बताना है कि क्या आपको हमारा निर्णय सटीक लगा, अगर नहीं तो वो कौन सी कविता जिसके कवि को आप सरताज कवि चुनते. 

आज की कड़ी में शैफाली गुप्ता और अभिषेक ओझा के साथ ढेरों नन्हें नन्हें मेहमान भी हैं, टोरंटो से अदीति, और देहरादून से कुहू हैं तो दिल्ली से स्टीवन और क्रिस्टिन के साथ हैं औरंगाबाद से उम्र में बड़ी पर मन से बच्ची सुनीता यादव भी. स्क्रिप्ट है विश्व दीपक की, संचालन रश्मि प्रभा का, प्रस्तुति है अनुराग शर्मा और सजीव सारथी का. तो दोस्तों सुनिए सुनाईये और छा जाईये...

(नीचे दिए गए किसी भी प्लेयेर से सुनें)

या फिर यहाँ से डाउनलोड करें  सूचना - इस हफ्ते हम कवितायेँ स्वीकार करेंगें भाई बहिन के अनूठे रिश्ते, और प्रेम की पहचान त्यौहार रक्षा बंधन पर. अपनी रचनाएँ आप उपर दिए रश्मि जी के पते पर भेज सकते हैं. गुरूवार शाम तक प्राप्त कवितायेँ ही स्वीकार की जायेंगीं.

22 टिप्‍पणियां:

मुकेश कुमार सिन्हा ने कहा…

:).........

Rajesh Kumari ने कहा…

बच्चों के इस एपिसोड ने तो मन मोह लिया शब्द लिखना तो आसान है पर उन्हें प्यारी आवाजों में ढालते देखना मन मस्तिस्क को खुशियों से सराबोर कर गया हार्दिक आभारी हूँ मेरी कविता को जगह देने के लिए मेरी कविता शहतूत पे कीड़े आयेंगे की प्यारी गाइका कुहू को बहुत सारी पप्पियाँ झप्पियाँ ....इस प्रोग्राम से जुड़े हर सदस्य को कोटिश बधाइयां

Rajesh Kumari ने कहा…

प्यारी कुहू का कांटेक्ट नंबर मिल सकता है क्या ?क्यूंकि मैं भी देहरादून में रहती हूँ

Unknown ने कहा…

mujhe bhi kuhu ka no de dena mai bhi dehradun mei hu :)) mujhe kabhi nhi laga tha k meri choti si pyari si kavita ko yaha sthan milega .par bahut pyaare se swar mei use parha gya hai love you bachcho .......... n thanx to you ppl .you all are doing a grtt job really

Rajesh Kumari ने कहा…

मेरी पहली टिपण्णी दिखाई नहीं दे रही जो इस प्रकार थी ---शब्द लिखना अलग बात है उनको प्यारी आवाजों में ढलते देखना मन मस्तिष्क को खुशियों से भर देता है सभी बच्चों के इतनी प्यारी आवाजें आप लोगों के साथ सुनकर लगा इस एपिसोड में चार नहीं सात आठ चाँद लग गए --मेरी कविता शहतूत पे कीड़े आयेंगे की प्यारी नन्ही गाईका कुहू को ढेर सारी पप्पियाँ ,झप्पियाँ ---इस प्रोग्राम से जुड़े हर एक व्यक्ति को कोटिश बधाइयां

Rajesh Kumari ने कहा…

मेरी पहली टिपण्णी दिखाई नहीं दे रही जो इस प्रकार थी ---शब्द लिखना अलग बात है उनको प्यारी आवाजों में ढलते देखना मन मस्तिष्क को खुशियों से भर देता है सभी बच्चों के इतनी प्यारी आवाजें आप लोगों के साथ सुनकर लगा इस एपिसोड में चार नहीं सात आठ चाँद लग गए --मेरी कविता शहतूत पे कीड़े आयेंगे की प्यारी नन्ही गाईका कुहू को ढेर सारी पप्पियाँ ,झप्पियाँ ---इस प्रोग्राम से जुड़े हर एक व्यक्ति को कोटिश बधाइयां

Sajeev ने कहा…

kuhoo ka papa rajeev ranjan ji ka number hai 07895624088

रंजू भाटिया ने कहा…

वाह यह नया तरीका बहुत बहुत पसंद आया ..बच्चो की कविता बच्चो की आवाज़ में सुन कर बहुत ही अच्छा लगा ..कुहू को बहुत बहुत प्यार :)

रश्मि प्रभा... ने कहा…

जैसे जैसे आगे बढ़ रहे , वैसे वैसे निखार और कलाकार .... सबको बधाई और शुभकामनायें

सुनीता शानू ने कहा…

बहुत ही अच्छी लगी बच्चों की मीठी वाणी।

अनाम ने कहा…

बच्चे मन के सच्चे.... अच्छा लगा उनकी आवाज़ सुन कर ,बड़ी मासूमियत थी ...पूरी टीम को बधाई !
डॉ सरस्वती माथुर

manu ने कहा…

nanhein bachchon ki aawaaz mein kavitaayein sunnaa bahut achchhaa lagaa...

sab ko meraa pyaar, aayojakon ko badhaayi..

Asha Lata Saxena ने कहा…

यह लिंक अच्छी लगी |
आशा

वाणी गीत ने कहा…

बच्चों की मीठी बोली में कवितायेँ मन को लुभा रही हैं ...
बहुत बढ़िया !

वाणी गीत ने कहा…

बच्चों की मीठी बोली में कवितायेँ मन को लुभा रही हैं ...
बहुत बढ़िया !

neelam ने कहा…

निसंदेह एक अच्छा नहीं... ............ बहुत अच्छा प्रयास .

Smart Indian ने कहा…

बच्चों की वाणी, कवियों के शब्द, विश्व दीपक की लेखनी और शेफ़ाली और अभिषेक की वार्ता, सब एक से बढकर एक. बहुत सुन्दर आयोजन!

विनोद पाराशर ने कहा…

संगीत व कविताओं का अदभुत संगम यहां आकर सुनने का मॊका मिला.बाल-मन की कविताएं व भी बच्चों के मुख से-बहुत ही आनंद दायक लगा.ऎसा लगा बाल कवि-सम्मेलन चला हॆ.सभी सह-भागी बच्चों को ढेर सारा प्यार.आपकी पूरी टीम तो हॆ ही बधाई की पात्र.सभी को शुभकामनाएं!

Maheshwari kaneri ने कहा…

बहुत सुन्दर..कुहू का कांटेक्ट नंबर मिल सकता है क्या ?क्यूंकि मैं भी देहरादून में रहती हूँ..

Reetesh ने कहा…

सच बहुत मासूम और प्यारा संयोजन है...साधुवाद सजीव जी और पूरी टीम को.

मेरा सौभाग्य कि मेरा बाल-गीत "नन्हे-नन्हे सपने हैं हम वतन के" को सजीव जी ने अन्य बाल स्वरों के मध्य स्थान प्रदान किया.

आशा है श्रोतागण पसंद करेंगे और टिप्पणियों में उल्लेख कर सम्मान देंगे.

Reetesh ने कहा…

आज दूसरी बार सूना...अदिति की आवाज़ पर खास ध्यान गया. उसकी मासूम सी आवाज़ में एक गहराई और समर्पण भी है. इसलिए मुझे सबसे ज्यादा प्यारी लगी. मेरा स्नेह और दुलार पहुंचा दीजिए उस तक. वैसे बाकी सभी बच्चों ने भी सुन्दर ही पढ़ा है!!!

Archana Chaoji ने कहा…

परिवार के नाते ...राजेश सक्सेना"रजत" जी की कविता अदिती की आवाज...गज़ब ...

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