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इंडिया अन-टेचड - एक झकझोर देने वाली फिल्म

अक्सर शहरों में रह कर हम लोग लगभग भूल ही चुके हैं कि हमारे देश में छुआ छात, और जात पात जैसी समस्याएँ आज भी किस हद तक मुखरित है. इस सप्ताह आमिर खान द्वारा प्रस्तुत "सत्यमेव जयते" का एपिसोड कम से कम मेरे लिए एक सदमे जैसा था. लगता है जैसे इन जातिगत असमानताओं की जड़ें हमारी सोच में इस कदर पैठ बना चुकी है कि आधुनिक होने का दंभ भरने वाले पढ़े लिखे और सभ्य कहलाये जाने वाले लोग भी इन संकीर्णताओं से पूरी तरह उभर नहीं पायें हैं अब तक. फिल्म निर्देशक स्टालिन का ये वृत्त चित्र अवश्य ही हर भारतीय को देखनी चाहिए. रेडियो प्लेबैक के फीचर्ड विडियो विभाग लेकर आया है आज आपके लिए इसी वृत्त चित्र को. देखिये, सोचिये और कुछ कर गुजरिये. 

Comments

वाकई दिल को झकझोर देने वाली फिल्म है !
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समझ नहीं आता कि फ़िल्म की प्रशंसा की जाए या शर्म से मुंह छुपाया जाए कि हम ऐसे समाज में रहते हैं ! एक तरफ देश महाशक्ति होने का दंभ भरता है ... दूसरी तरफ इस तरह की सामजिक कुरीतियाँ, भेदभाव, जातिगत संकीर्णताओं से लोग आज भी ग्रसित हैं !
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फिल्म निर्देशक स्टालिन की इस डाक्यूमेंट्री फिल्म को प्रचारित करने की आवश्यकता है !

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