शनिवार, 19 दिसंबर 2009

सुनो कहानी: हरिशंकर परसाई की 'ग्रीटिंग कार्ड और राशन कार्ड'

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने मुंशी प्रेमचंद की कहानी "नमक का दरोगा" का पॉडकास्ट अनुराग शर्मा की आवाज़ में सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं हरिशंकर परसाई लिखित व्यंग्य "ग्रीटिंग कार्ड और राशन कार्ड", जिसको स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।

कहानी का कुल प्रसारण समय मात्र 5 मिनट 3 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।



मेरी जन्म-तारीख 22 अगस्त 1924 छपती है। यह भूल है। तारीख ठीक है। सन् गलत है। सही सन् 1922 है। ।
~ हरिशंकर परसाई (1922-1995)

हर शनिवार को आवाज़ पर सुनें एक नयी कहानी

हम एक मरे हुए आदमी के नाम से जाली राशन कार्ड बनवाकर भेज रहे हैं।
(हरिशंकर परसाई के व्यंग्य "ग्रीटिंग कार्ड और राशन कार्ड" से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.
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यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
VBR MP3
#Fifty First Story, Greeting Card Aur Ration Card: Harishankar Parsai/Hindi Audio Book/2009/45. Voice: Anurag Sharma

The Radio Playback Originals (Click on the covers to reach out the Albums)



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