Tuesday, September 22, 2009

माई हार्ट इस बीटिंग कीप्स् ऑन रीपिटिंग....भारतीय संवेदनाओं से सजा एक खूबसूरत अंग्रेजी गीत...

ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 210

ज 'ओल्ड इज़ गोल्ड' का रंग ज़रा अलग है दोस्तों, क्योंकि आज हम आप के लिए लेकर आए हैं एक अंग्रेज़ी गीत। घबराइए नहीं दोस्तों, यह कोई विदेशी पॉप अल्बम का गीत नहीं है, बल्कि यह गीत है सन् १९७५ की फ़िल्म 'जूली' का "My heart is beating"| प्रीति सागर का गाया यह गीत हिंदी फ़िल्म संगीत का शयद एकमात्र ऐसा गीत है जो पूरा का पूरा अंग्रेज़ी भाषा में लिखा गया है। १८ मार्च को प्रदर्शित हुई इस फ़िल्म का निर्माण किया था बी. नागी रेड्डी ने और निर्देशक थे के. एस. सेतूमाधवन। लक्ष्मी और विक्रम थे हीरो हीरोइन, लेकिन वरिष्ठ अभिनेत्री नादिरा ने इस फ़िल्म में नायिका की माँ के किरदार में एक बेहद सशक्त भूमिका अदा की थी जिसके लिए उन्हे फ़िल्म-फ़ेयर के सर्वशेष्ठ सह-अभिनेत्री के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। यहाँ यह बताना ज़रूरी है कि सन् १९५५ की फ़िल्म 'देवदास' के लिए जब वैजयंतीमाला ने फ़िल्म-फ़ेयर के सर्वश्रेष्ठ सह-अभिनेत्री का पुरस्कार यह कह कर लेने से इंकार कर दिया था कि वो उस फ़िल्म में सह अभिनेत्री नहीं बल्कि मुख्य अभिनेत्री हैं, तब इस पुरस्कार के लिए नादिरा का नाम निर्धारित किया गया था फ़िल्म 'श्री ४२०' के तहत। लेकिन नादिरा ने भी पुरस्कार लेने से इंकार कर दिया यह कह कर कि वो मेरिट पर पुरस्कार लेना ज़्यादा पसंद करेंगी ना कि किसी के ठुकराए हुए पुरस्कार को। और देखिए, उसके ठीक २० साल बाद, १९७५ में उन्हे फ़िल्म 'जूली' के लिए यह पुरस्कार मिला। श्रीदेवी का इसी फ़िल्म से पदार्पण हुआ था हिंदी फ़िल्म जगत में बतौर बाल कलाकार। 'जूली' का संगीत बेहद मक़बूल हुआ, संगीतकार राजेश रोशन को उस साल इस फ़िल्म के लिए फ़िल्म-फ़ेयर का सर्वश्रेष्ठ संगीतकार का पुरस्कार दिया गया था। फ़िल्म की कहानी एक ऐंग्लो-इंडियन परिवार पर आधारित होने की वजह से इसमें एक अंगेज़ी गीत की गुंजाइश बन गई। युं तो फ़िल्म के बाक़ी गीत आनंद बक्शी साहब ने लिखे, लेकिन इस गीत को लिखा था हरिन्द्रनाथ चट्टोपाध्याय ने। आप को पता है न ये कौन साहब हैं? जी हाँ, फ़िल्म 'बावर्ची' में वयो वृद्ध पिता जी की भूमिका अदा करने वाले शख्स ही हरिन्द्रनाथ जी हैं जिन्होने बहुत सारी फ़िल्मों में अविस्मरणीय किरदार निभाए हैं। तो उन्ही का लिखा हुआ यह गीत है और प्रीति सागर ने भी क्या ख़ूब गाया है। 'जूली' फ़िल्म के इसी गीत से रातों रात प्रीति ने हलचल मचा दी थीं फ़िल्म संगीत जगत में। उस साल सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका का फ़िल्म-फ़ेयर पुरस्कार दिया गया था सुलक्षणा पंडित को फ़िल्म 'संकल्प' में उनके गाए गीत "तू ही सागर है" के लिए। लेकिन प्रीति सागर के इस गीत की चरम लोकप्रियता को ध्यान में रखते हुए उन्हे उसी साल एक विशेष फ़िल्म-फ़ेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। आगे चलकर सन् १९७७ की फ़िल्म 'मंथन' के मशहूर गीत "मेरो गाम काठा पारे" के लिए उन्हे सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका का फ़िल्म-फ़ेयर पुरस्कार दिया गया।

"My heart is beating" भले ही अंग्रेज़ी गीत है, लेकिन राजेश रोशन ने मेलडी का भरपूर ध्यान रखा है जो यहाँ के श्रोताओं को अपील कर सके। गीटार, फ़्ल्युट और सैक्सोफ़ोन का बहुत सुंदर प्रयोग उन्होने इस गीत में किया है। दोस्तो, इस गीत को सुनने का मज़ा आप को तभी आएगा जब आप इस गीत को सुनते हुए ख़ुद भी गुनगुना सके। इसीलिए मैं नीचे इस गीत के बोल लिख रहा हूँ रोमन में। अब आप इस गीत को सुनते हुए ख़ुद भी गाइए और झूम जाइए।

My heart is beating, keeps on repeating, I am waiting for you,
My love encloses, a plot of roses,
And when shall be then, our next meeting,
'Cos love you know, That time is fleeting, time is fleeting, time is fleeting.

Oh, when I look at you,
The blue of heaven seems to be deeper blue,
And I can swear that, God Himself, seems to be looking through,
Zu-zu-zu-zu, I'll never part from you,
And when shall be then, our next meeting,
'Cos love you know, That time is fleeting, time is fleeting, time is fleeting.

Spring is the season,
That rolls the reason of lovers who are truly true,
Young birds are mating, while I am waiting, waiting for you,
Darling you haunt me, say do you want me?
And if it so, when are we meeting,
'Cos love you know, That time is fleeting, time is fleeting, time is fleeting.
My heart is beating...




और अब बूझिये ये पहेली. अंदाजा लगाइये कि हमारा अगला "ओल्ड इस गोल्ड" गीत कौन सा है. हम आपको देंगे तीन सूत्र उस गीत से जुड़े. ये परीक्षा है आपके फ़िल्म संगीत ज्ञान की. याद रहे सबसे पहले सही जवाब देने वाले विजेता को मिलेंगें 2 अंक और 25 सही जवाबों के बाद आपको मिलेगा मौका अपनी पसंद के 5 गीतों को पेश करने का ओल्ड इस गोल्ड पर सुजॉय के साथ. देखते हैं कौन बनेगा हमारा तीसरा (पहले दो गेस्ट होस्ट बने हैं शरद तैलंग जी और स्वप्न मंजूषा जी)"गेस्ट होस्ट". अगले गीत के लिए आपके तीन सूत्र ये हैं-

१. कल से शुरू होगी स्वर सम्राज्ञी लता के कुछ दुर्लभ गीतों पर हमारी विशेष शृंखला, इस पहेली का सही जवाब देने पर आपको मिलेगा 1 बोनस अंक..यानी विजेता को 2 की जगह 3 अंक मिलेंगें, पहचानिये लता का ये गीत.
२. इस गीत के संगीतकार वो हैं जिन्होंने लता को उनका पहला हिट गीत "आएगा आने वाला" दिया था.
३. मुखड़े की पहली पंक्ति में इस शब्द का दो बार इस्तेमाल हुआ है -"राह"

पिछली पहेली का परिणाम -
क्या बात है लगता है हमारे पुराने योधा लौट रहे हैं फॉर्म में, दिलीप जी, एक सही गीत बधाई, आपके अंक हुए ४....सभी श्रोता तैयार रहें २११ से २२० तक हम ओल्ड इस गोल्ड में तलाशेंगें लता जी के कुछ दुर्लभ गीतों को, अगली दस पहेलियों के सही जवाब आपको दिलवाएंगें २ की जगह ३ अंक....यानी हर सही जवाब आपको देगा एक अतिरिक्त अंक. इसे प्रतिभागी हमारा दिवाली बोनस मानें....:), और हाँ कल की पहेली से हमारे पहले दो विजेता शरद तैलंग जी और स्वप्न मंजूषा जी भी प्रतियोगिता में शामिल हो सकते हैं....आपके अंक फिर एक बार शून्य से शुरू होंगें....तो चलिए शुभकामनाएँ सभी को. उम्मीद है मुकाबला रोचक होने वाला है.
खोज और आलेख- सुजॉय चटर्जी



ओल्ड इस गोल्ड यानी जो पुराना है वो सोना है, ये कहावत किसी अन्य सन्दर्भ में सही हो या न हो, हिन्दी फ़िल्म संगीत के विषय में एकदम सटीक है. ये शृंखला एक कोशिश है उन अनमोल मोतियों को एक माला में पिरोने की. रोज शाम 6-7 के बीच आवाज़ पर हम आपको सुनवाते हैं, गुज़रे दिनों का एक चुनिंदा गीत और थोडी बहुत चर्चा भी करेंगे उस ख़ास गीत से जुड़ी हुई कुछ बातों की. यहाँ आपके होस्ट होंगे आवाज़ के बहुत पुराने साथी और संगीत सफर के हमसफ़र सुजॉय चटर्जी. तो रोज शाम अवश्य पधारें आवाज़ की इस महफिल में और सुनें कुछ बेमिसाल सदाबहार नग्में.

12 comments:

शरद तैलंग said...

दूर जाए रे राह मेरी आज तेरी राह से
फिल्म : आशा

विनोद कुमार पांडेय said...

Bahut Khub.

'अदा' said...

are Sharad ji,
aap baazi maar gaye....to bhool hi gaye the na aur agar aa bhi jaate to bhi nahi pahchaan paate..
badhai ho aapko aapki wapsi..
aur jeete hue 3 ank..
bolo prem se sharad ji ki...JAY !!!
JAY !!!JAY !!!

sudhakar soni,cartoonist said...

badhiya geet h

Manju Gupta said...

शरद जी को बधाई .

दिलीप कवठेकर said...

हरिन्द्रनाथ जी नें दो और अंग्रेज़ी में गीत लिखे थे जो स्वयं रफ़ी साहब नें गाये थे-

Although we hail from different lands, (बहारों फ़ूल बरसाओ- की धुन)

The she I love is a beautiful beautiful dreams come true..
(हम काले हैं तो क्या हुआ दिलवाले हैं - की धुन)

purvi said...

बधाई शरद जी , आज के जवाब के लिये भी और वापसी के लिये भी , अदा जी का भी स्वागत है.

Parag said...

चलो भाई. शरद जी और अदा जी की वापसी हो गयी है. दोनोंको बधाई. अब इन दोनोंके ५० अंक जल्द ही पूरे हो जायेंगे.
लता जी के गानों पर बोनस अंक भी मिलेगा. वाह भाई वाह . शुरुआत तो महान संगीतकार खेमचंद प्रकाश जी के साथ हुई है. उम्मीद है पूरी श्रुंखला में सुरीले और मधुर गीत सुननेमिलेंगे

आभारी
पराग

archana said...

vow !!! gr8...fabulous song...OLD IS REALLY GOLD..!!! Thanks a lot..!

AVADH said...

हरीन्द्रनाथ चट्टोपाध्याय जी एक बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे (versatile genius). क्या नहीं थे वोह? लेखक,नाटककार, गायक, वादक, संगीतकार, कलाकार, आलोचक आदि आदि.
उनकी पत्नी श्रीमती कमला चट्टोपाध्याय की अपनी एक अलग पहचान थी प्रख्यात समाज सेविका के रूप में और उन्होंने नारी सहायता, व्यवसयिक प्रशिक्षण और पुनर्वास के लिए अथक प्रयास किये. उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण पुरस्कार भी प्रदान किया गया. यह शायद एक अनोखा संयोग होगा जब पति और पत्नी दोनों को पद्म पुरस्कार मिले हों.
सबसे बड़ी बात, जहाँ तक मेरी जानकारी है, हरिन्द्रनाथजी भारत कोकिला श्रीमती सरोजिनी नायुडू के भाई थे.
अवध लाल

शरद तैलंग said...

अदा जी
आपके नए कार्यक्रम आवाज़ सुर तारा का क्या हुआ । पुराने के रिजल्ट तथा नई प्रतियोगिता का इन्तज़ार है । मेरी जय आपने बहुत ज़ोर से बोल दी यहाँ त्क सुनाई दे गई । अपनी क़लम को कहें की वो दिनकर जी के बताए हुए लोगों की जय बोलें

Shamikh Faraz said...

शरद जी को बधाई

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