सोमवार, 25 अक्तूबर 2010

पिया पिया मोरा जिया पुकारे...जब किशोर दा ने खूबसूरती से छुपाया आशा की गलती को

ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 512/2010/212

'ओल्ड इज़ गोल्ड' पर कल से हमने शुरु की है लघु शृंखला 'गीत गड़बड़ी वाले', जिसके तहत हम कुछ ऐसे गानें सुन रहे हैं जिनमें किसी ना किसी तरह की गड़बड़ी हुई है, या कोई त्रुटी, कोई कमी रह गई है। कल इसकी पहली कड़ी में आपने सुना कि किस तरह से सहगल साहब ने अमीरबाई की लाइन पर ग़लती से गा उठे और गाते गाते चुप हो गए। बिल्कुल इसी तरह की ग़लती एक बार गायिका आशा भोसले ने भी की थी किशोर कुमार के साथ गाए एक युगल गीत में, जिसमें वो किशोर दा की लाइन पर गा उठीं थीं और गाते गाते रह गयीं। आशा जी की इस ग़लती को किशोर कुमार ने किस तरह से क्लवर अप कर गाने को और भी ज़्यादा लोकप्रिय बना दिया, इसके बारे में हम आपको बताएँगे, लेकिन उससे पहले आपको यह तो बता दें कि यह गीत है १९५५ की फ़िल्म 'बाप रे बाप' का, "पिया पिया पिया मेरा जिया पुकारे, हम भी चलेंगे सइयाँ संग तुम्हारे"। जाँनिसार अख़्तर के बोल और ओ. पी. नय्यर साहब का संगीत। नय्यर साहब के ज़्यादातर डुएट्स आशा और रफ़ी के गाये हुए हैं, लेकिन आशा - किशोर के गाये इस गीत की लोकप्रियता अपनी जगह है। इससे पहले कि आशा भोसले ख़ुद आपको अपनी ग़लती के बारे में बताएँ, हम आपको यह बता दें कि 'बाप रे बाप' अब्दुल रशीद कारदार की फ़िल्म थी जिसमें अभिनय किया किशोर कुमार और चाँद उस्मानी ने। युं तो नौशाद साहब ही कारदार साहब की फ़िल्मों में संगीत देते आए थे, लेकिन १९५२ के बाद ग़ुलाम मोहम्मद, मदन मोहन और रोशन को उन्होंने मौके दिए अपनी फ़िल्मों में, और इस फ़िल्म में वो पहली बार लेकर आए नय्यर साहब को।

और अब इस गीत के सब से महत्वपूर्ण पहलु, यानी कि गड़बड़ी के बारे में जानिए ख़ुद आशा भोसले से। "हमारे किशोर दा, इतने मज़ाकी थे कि जिसकी हद नहीं। पूरा दिन अगर आप उनके साथ गा रहे हों, तो सुबह से लेकर शाम तक इतने हँसाते थे कि हँसते हँसते हमारी आवाज़ भी ख़राब हो जाती थी। हम हाथ जोड़ कर कहते थे, "किशोर दा, प्लीज़ मत हँसाइए, मेरा गला ख़राब हो गया, ख़राश आने लगी"। लेकिन वो बंद ही नही होते थे। एक गाना मैं और हमारे मज़ाकी किशोर दा, हम दोनों गा रहे थे, "पिया पिया पिया मेरा जिया पुकारे", गाना पूरा रिहर्सल होके फ़ाइनल रेकॊर्डिंग् शुरु हुआ। और मैंने ग़लती से उनकी लाइन पे "हँअअ..." ऐसा कह दिया। तो उन्होंने मेरी तरफ़ ऐसे हाथ बढ़ा के कहा कि आगे अब बंद नहीं करना, और वैसे ही रेकॊर्डिंग् चालू रखा। जैसे ही रेकॊर्डिंग् खतम हुआ, गाना खतम हुआ तो मैंने कहा कि "दादा, फिर से करते हैं ना, मैंने ग़लती की, बहुत बड़ी ग़लती की, बीच में बोल दिया"। कहने लगे "बिल्कुल चिंता मत करो, मैं हूँ ना उस पिक्चर में, मैं ही तो हीरो हूँ, जैसे ही हीरोइन गाने लगेगी, मैं उसके मुंह पे हाथ रख दूँगा।" तो दोस्तों, इस तरह से आशा जी की ग़लती को फ़िल्मांकन के ज़रिए कवर-अप कर लिया गया और यह इस गीत की एक मज़ेदार बात भी बन गई। वैसे आपको यह बता दें कि भले ही आशा जी ने अपनी ग़लती का ख़ुद ही इज़हार किया, लेकिन नय्यर साहब का मैंने एक इंटरव्यु पढ़ा है, जिसमें जब उनसे इस बारे में पूछा गया था तो उन्होंने साफ़ इंकार कर दिया था कि कोई ग़लती हुई है। ख़ैर, इस विवाद में जाने से बेहतर यही है कि इस नटखट चुलबुले युगल गीत का आनंद उठाया जाए.



क्या आप जानते हैं...
कि ओ. पी. नय्यर को १७ वर्ष की आयु में ही एच.एम.व्ही के लिए ख़ुद की कम्पोज़ की गई 'कबीर वाणी' और फिर इनायत हुसैन तथा धनीराम के संगीत निर्देशन में गाने का मौका मिला था।

दोस्तों अब पहेली है आपके संगीत ज्ञान की कड़ी परीक्षा, आपने करना ये है कि नीचे दी गयी धुन को सुनना है और अंदाज़ा लगाना है उस अगले गीत का. गीत पहचान लेंगें तो आपके लिए नीचे दिए सवाल भी कुछ मुश्किल नहीं रहेंगें. नियम वही हैं कि एक आई डी से आप केवल एक प्रश्न का ही जवाब दे पायेंगें. हर १० अंकों की शृंखला का एक विजेता होगा, और जो १००० वें एपिसोड तक सबसे अधिक श्रृंखलाओं में विजय हासिल करेगा वो ही अंतिम महा विजेता माना जायेगा. और हाँ इस बार इस महाविजेता का पुरस्कार नकद राशि में होगा ....कितने ?....इसे रहस्य रहने दीजिए अभी के लिए :)

पहेली ०२ /शृंखला ०२
ये धुन है गीत के पहले इंटर ल्यूड की -


अतिरिक्त सूत्र - इस पीरियड फिल्म में प्राण ने शीर्षक भूमिका की थी

सवाल १ - गायिका की आवाज़ पहचानें - १ अंक
सवाल २ - प्रमुख अभिनेत्री बताएं - १ अंक
सवाल ३ - किस संगीतकार जोड़ी का था संगीत - २ अंक

पिछली पहेली का परिणाम -
श्याम कान्त जी कमाल कर रहे हैं, शरद जी कहाँ हैं ????, अमित और बिट्टू जी को भी बधाई

खोज व आलेख- सुजॉय चटर्जी


इन्टरनेट पर अब तक की सबसे लंबी और सबसे सफल ये शृंखला पार कर चुकी है ५०० एपिसोडों लंबा सफर. इस सफर के कुछ यादगार पड़ावों को जानिये इस फ्लेशबैक एपिसोड में. हम ओल्ड इस गोल्ड के इस अनुभव को प्रिंट और ऑडियो फॉर्मेट में बदलकर अधिक से अधिक श्रोताओं तक पहुंचाना चाहते हैं. इस अभियान में आप रचनात्मक और आर्थिक सहयोग देकर हमारी मदद कर सकते हैं. पुराने, सुमधुर, गोल्ड गीतों के वो साथी जो इस मुहीम में हमारा साथ देना चाहें हमें oig@hindyugm.com पर संपर्क कर सकते हैं या कॉल करें 09871123997 (सजीव सारथी) या 09878034427 (सुजॉय चटर्जी) को

3 टिप्‍पणियां:

ShyamKant ने कहा…

3- Shankar Jaikishan

Shankar Laal ;-) ने कहा…

1- Lata

AVADH ने कहा…

प्रमुख अभिनेत्री: मीना कुमारी
फिल्म हलाकू
अवध लाल

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