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सुधियों के गाँव में विचरते रोहित रूसिया और मनोज जैन मधुर से मिलें

दोस्तों रेडियो प्लेबैक पर हम निरंतर नए और उभरते हुए गायकों, गीतकारों और संगीतकारों को अपने श्रोताओं से जोड़ते चले आये हैं, आज इस सूची में हम जोड़ रहे हैं एक ऐसे अनूठे कलाकार का नाम भी जो एक अच्छे गायक होने के साथ साथ शब्दों के अच्छे पारखी भी है और किसी भी कविता /गीत को सहज धुन में पिरो लेने की महारत भी रखते हैं. ये हैं रोहित रूसिया जो मध्य प्रदेश के छिंदवाडा जिले से हैं, आज अपनी पहली प्रस्तुति के रूप में ये लाये हैं कवि मनोज जैन 'मधुर' की रचना. हालाँकि संगीत संयोजन रोहित नहीं कर पाए पर गीत अपनी मधुरता में किसी भी पूर्ण रूप से संयोजित गीत से कम नहीं है. आप भी सुनें और इस प्रतिभाशाली फनकार को अपनी प्रतिक्रिया देकर प्रोत्साहित करें- 







# A Radio Playback Original 

Man Paakhi Ud chal re 

Lyrics - Manoj Jain Madhur 
Music and Vocals - Rohit Rusia 

Comments

सुमधुर स्वर ने मन पाखी को सुधियों के गाँव का भ्रमण करा दिया।
अनंत बधाईयाँ प्रेषित है आदरणीय रोहित जी को!!

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