मंगलवार, 16 अक्तूबर 2012

बोलती कहानियाँ - कमज़ोर - अन्तोन चेख़व

'बोलती कहानियाँ' स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में प्राख्यात साहित्यकार अमृतलाल नागर की कहानी ""कवि का साथ" का पॉडकास्ट सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं प्रसिद्ध रूसी लोकप्रिय लेखक श्री अन्तोन चेख़व की कहानी "कमज़ोर", अनुराग शर्मा की आवाज़ में।

कहानी "कमज़ोर" का टेक्स्ट "हिन्दी समय" पर उपलब्ध है। कहानी का कुल प्रसारण समय 3 मिनट 19 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

 यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

“किसी भी व्यक्ति की हर चीज़ अच्छी होनी चाहिए। चाहे उसका चेहरा हो या उसकी आत्मा। चाहे उसके कपड़े हों या उसके विचार।”
अन्तोन चेख़व (1860-1904)

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी कहानी

"नहीं, नहीं, तीस में ही बात की थी । तुम हमारे यहाँ दो ही महीने तो रही हो।"  (अन्तोन चेख़व की "कमज़ोर" से एक अंश)

नीचे के प्लेयर से सुनें.
 
यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
VBR MP3

#34rd Story, Kamzor: Anton Chekhov/Hindi Audio Book/2012/34. Voice: Anurag Sharma

1 टिप्पणी:

विश्व दीपक ने कहा…

ऐसे अंत की उम्मीद न थी...

बेहद ज्ञानवर्धक कहानी...

धन्यवाद!!

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