सोमवार, 22 अक्तूबर 2012

जवां रिदम पर पुरानी तान छेड़ता स्टूडेंट ऑफ द ईअर का संगीत


प्लेबैक वाणी 

एक अरसे के बाद निर्देशन में उतरे हैं करण जौहर, और उनकी नयी फिल्म में न शाहरुख, न हृतिक, न काजोल, न रानी मुखर्जी. यानी बड़े सितारों से अलग उन्होंने चुने हैं एकदम नए नौजवान सितारे, अब देखना है कि इन नए घोड़ों के कन्धों पर करण एक और बड़ी हिट दे पायेंगें या नहीं. उनकी फिल्मों की सफलता का एक बड़ा श्रेय संगीत का रहा है. अब तक की उनकी हर फिल्म संगीत के लिहाज से जबरदस्त रही है. आईये देखें स्टूडेंट ऑफ द ईयर के संगीत का हाल, हमारी आज की चर्चा में.

अल्बम में संगीत है विशाल शेखर का और गीत लिखें हैं अन्विता दस गुप्तन ने. अल्बम की शुरुआत होती है ८० के दशक के यादगार हिट डिस्को दीवाने के रीमिक्स से. जैसे कि हमारे श्रोता वाकिफ होंगें कि किस तरह नाजिया हसन का ये लाजवाब डिस्को गीत एक दौर में हर जवां दिल की धडकन हुआ करता था. नाज़िया हसन के सफर का जिक्र हम अपनी सिरीस अधूरी रही जिनकी कहानियाँ में कर चुके हैं. किसी पुराने गीत को नए दौर के लिए कैसे फिर से जिंदा किया जा सकता है ये कोई विशाल शेखर से सीखे. डिस्को दीवाने का ये संस्करण बेहद ऊर्जात्मक है मगर फिर भी इसमें ८० के उस पुराने चार्म का स्वाद भी है. सुनिधि की आवाज़ नाज़िया की याद दिला देती है. बेनी ने उनका अच्छा साथ दिया है. डिस्को दीवाने कहे जाने के बाद वोइलन का वो रेवेर्स स्ट्रोक गजब लगता है. पुरानी यादों से सराबोर एक दमदार गीत जो दो पीढ़ियों को एक साथ जोड़ रहा है.

करण का मानना है कि बिना एक मेलोडियस रोमांटिक गीत के कोई भी अल्बम अधूरी ही रहती है. तो अगला गीत है इश्क वाला लव. मजरूह के लिखे पहला नशा गीत जैसी मासूमियत भरी है अन्विता ने इस गीत में. बेहद खूबसूरत शब्द और उसकी एक सरल मधुर धुन. युवा दिलों की धडकनें क्यों न धडकने लगे इसे सुनकर. शेखर, नीति और सलीम की आवाजों में इस मीठा मीठा सा गीत एक चितचोर है...

कुक्कड गीत शाहिद मल्लया की आवाज़ में है, जिन्होंने मौसम का खूबसूरत रोमांटिक गीत गाया था, ये गीत पारंपरिक पंजाबी गीतों जैसी ही है. कुछ नयापन इसमें नहीं है, पर छेड़ छाड से भरा होने के कारण अल्बम के बाकी गीतों से कुछ अलग अवश्य है.

अगला गीत राधा अल्बम के सबसे बेहतर गीतों में से एक है, राधा कृष्ण की रासलीला का एक नया ही अंदाज़ है यहाँ. बस डर इस बात का है कि कहीं धर्म के ठेकेदार राधा और कृष्ण के इस रूपांतरण को स्वीकार न कर पाए तो दिक्कत पेश आ सकती है. श्रेया की मस्त आवाज़ के साथ यहाँ है विशाल और शेखर भी, तो बहुत दिनों बाद सुरीली बयार लेकर आते हैं उदित नारायण भी. एक खिलखिलाता गीत जो हर उम्र के श्रोताओं को लुभा सकता है.

वेले गीत में विशाल और शेखर न सिर्फ संगीतकार है बल्कि मायिक के पीछे भी उन्हीं के स्वर हैं. एक और हिप हॉप और कदम थिरकाने वाला गीत, जो युवाओं को खास पसंद आएगा.

तो कुल मिलाकर करण अपनी तमाम पुरानी फिल्मों की तरह यहाँ भी संगीत के मामले में अव्वल साबित हुए हैं. फिल्म का संगीत विविधताओं से भरा है, और यहाँ सुरों के बेहद मुक्तलिफ़ रंग बिखरे हैं, युवाओं को लक्षित कर रचे इन गीतों में सुरीलापन भी है और आज के दौर की रिदमिक झनकार भी. रेडियो प्लेबैक दे रहा है इस अल्बम को ४.१ की रेटिंग



एक सवाल : क्या आप जानते हैं कि मूल डिस्को दीवाने में नाज़िया के साथ कौन गायक थे और वो नाजिया से किस तरह सम्बंधित थे ? बताईये टिप्पणियों के माध्यम से 

1 टिप्पणी:

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

अभी नहीं सुने हैं इस फ़िल्म के गीत.

The Radio Playback Originals (Click on the covers to reach out the Albums)



Popular Posts सर्वप्रिय रचनाएँ