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भारतेंदु हरिश्चंद्र की अद्भुत संवाद - अनुराग शर्मा के स्वर में

बोलती कहानियाँ: भारतेंदु हरिश्चंद्र की अद्भुत संवाद

'बोलती कहानियाँ' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में प्राख्यात स्वाधीनता सेनानी अमर शहीद पण्डित रामप्रसाद बिस्मिल की जीवनी से एक बहुचर्चित अंश "श्री अशफाक उल्ला खां – मैं मुसलमान तुम काफिर?" सुना था।

आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं भारतेंदु हरिश्चंद्र की कहानी "अद्भुत संवाद", जिसको स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। कहानी का कुल प्रसारण समय है: 1 मिनट 19 सेकंड।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।



निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल।
बिन निज भाषा-ज्ञान के, मिटत न हिय को सूल।।
~ भारतेंदु हरिश्चंद्र

(१८५०-१८८५)

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी कहानी

“कूदेगा! भला कूदेगा क्यों? लो संभालो।”
(भारतेंदु हरिश्चंद्र की "अद्भुत संवाद" से एक अंश)


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VBR MP3

#36th Story, Adbhut Samvad: Bharatendu Harishchandra/Hindi Audio Book/2012/36. Voice: Anurag Sharma

Comments

एक बार फिर बहुत अच्छी प्रस्तुति..
बहुत अच्‍छी प्रस्‍तुति ..
Smart Indian said…
धन्यवाद!

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