गोलियों की बरसात उसे छू भी नहीं पाती, उसका दिमाग चाचा चौधरी से भी तेज चलता है, वो भेष बदल कर किसी को भी चकमा दे देता है, देश और दुनिया को बचाने के लिए वो जान पर भी खेल जाता है. ये हैं फ़िल्मी जासूस. जासूसी फिल्मों का ये जोनर हमारी हिंदी फिल्मों में बेहद कंजूसी से इस्तेमाल हुआ है जबकि होलीवुड में इनकी भरमार है जहाँ बोंड, होक और हिच्कोक दर्शकों को सालों से मनोरजन दे रहे हैं. कुछ दिनों पहले प्रदर्शित एजेंट विनोद ने नए सिरे से हमारे लिए इस जोनर को परिभाषित किया, चलिए जरा गुजरे ज़माने में झाके और देखें की किन किन जासूसो ने इससे पहले हमारे दिलों पर राज़ किया है.
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बस एक छोटी सी गुज़ारिश - ब्लॉग बुलेटिन