Friday, April 13, 2012

ऑडियो कहानी: कौव्वा (विष्णु बैरागी)

इस साप्ताहिक स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर शुक्रवार को आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में उन्हीं की कहानी "भोला" का पॉडकास्ट सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं श्रीयुत सुरेशचन्द्रजी करमरकर के पत्र पर आधारित एक किस्सा "कौव्वा" जिसे विष्णु बैरागी जी के ब्लॉग एकोऽहम् से लिया गया है। इसे स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने। कहानी "कौव्वा" का कुल प्रसारण समय 2 मिनट 32 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

 इस कथा का टेक्स्ट एकोऽहम् ब्लॉग पर उपलब्ध है। यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

भ्रष्टाचार का लालच मनुष्य की आत्मा को मार देता है।
 ~ विष्णु बैरागी

हर शनिवार को आवाज़ पर सुनें एक नयी कहानी

संयोग की बात कि ये सज्जन अगले दिन फिर बिना हेलमेट के निकल पड़े और एक चौराहे पर धरा गए। सज्जन ने कलवाला मन्त्र दुहरा दिया।
 (विष्णु बैरागी की "कौव्वा" से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.

(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)
 यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
कौव्वा MP3

#14th Story, Kauwa: Vishnu Bairagi/Hindi Audio Book/2012/14. Voice: Anurag Sharma

1 comment:

प्रकाश गोविंद said...

"कौव्वा उड़ गया"
हा. ..हा..हा..हा

क्या बात है .....बहुत खूब !
विष्णु बैरागी जी द्वारा रचित कहानी मस्त - मजेदार है
अनुराग शर्मा जी का अंदाज लाजवाब है !

The Radio Playback Originals (Click on the covers to reach out the Albums)



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