मंगलवार, 18 सितंबर 2012

बोलती कहानियाँ - मध्यम वर्गीय कुत्ता - हरिशंकर परसाई - देवेन्द्र पाठक

'बोलती कहानियाँ' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में अभिषेक ओझा की कहानी "वो लोग ही कुछ और होते हैं" का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार हरिशंकर परसाई का व्यंग्य "मध्यम वर्गीय कुत्ता", जिसको स्वर दिया है देवेन्द्र पाठक "मुन्ना" ने।

कहानी का कुल प्रसारण समय 7 मिनट 17 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

इस कथा का टेक्स्ट बेचैन आत्मा पर उपलब्ध है।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

मेरी जन्म-तारीख 22 अगस्त 1924 छपती है। यह भूल है। तारीख ठीक है। सन् गलत है। सही सन् 1922 है। । ~ हरिशंकर परसाई (1922-1995)

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कुत्तेवाले घर मुझे अच्छे नहीं लगते। वहाँ जाओ तो मेजबान के पहले कुत्ता भौंककर स्वागत करता है। अपने स्नेही से ‘नमस्ते’ हुई ही नहीं कि कुत्ते ने गाली दे दी-“क्यों आया बे? तेरे बाप का घर है? भाग यहाँ से!”
(हरिशंकर परसाई की "मध्यम वर्गीय कुत्ता" से एक अंश)

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यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
VBR MP3

#30th Story, Madhyam Vargiya Kutta, Hindi Stories, Audio Book, 2012/30.
Author: Harishankar Parsai; Voice: Devendra Pathak

5 टिप्‍पणियां:

Archana Chaoji ने कहा…

बधाई हो‘मुन्ना’....और रेडियो प्लेबेक को भी नई आवाज के लिए..
व्यंग्य का चुनाव भी बढ़िया रहा...
आपका आभार ...

Rajesh Kumari ने कहा…

बहुत सार्थक व्यंग्यपरक कहानी है बहुत रोचक लगी सुनाने का अंदाज और आवाज दोनों बेहतरीन हैं इस प्रोग्राम से जुड़े सभी सदस्यों को मेरी बधाई

Kailash Sharma ने कहा…

बहुत सुन्दर..

Shaifali ने कहा…

कहानी सुनाने के लिए एकदम सटीक आवाज.....एवं जैसे की अर्चनाजी ने कहा -व्यंग बढ़िया रोचक था.
देवेन्द्रजी को हार्दिक बधाई.

Smart Indian ने कहा…

कहानी और वाचन दोनों ही बढिया लगे। देवेन्द्र जी को बधाई!

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