शुक्रवार, 7 सितंबर 2012

शब्दों के चाक पर - अंक 14- कहानी माटी की...

माटी सभी की कहानी कहेगी

अगर मिट्टी अपनी कहानी कहने बैठे तो इसकी कहानी में इंसानों की कई पीढियाँ निकल जाएँगी। अनगिनत इंसानों की अनगिनत जीवन-गाथएँ सिमट जाएँगी इसकी एक कहानी में ... और यकीन मानिए मिट्टी हर एक कहानी कहेगी. कुछ ऐसे ही भाव सजा कर लाये हैं हमारे कवि मित्र आज अपने शब्दों में. जिसे आवाज़ दी है अभिषेक ओझा ओर शैफाली गुप्ता ने. स्क्रिप्ट रची है विश्व दीपक ने ओर संयोजन सहयोग है वंदना गुप्ता, अनुराग शर्मा ओर सजीव सारथी का, तो सुनिए सुनाईये ओर छा जाईये.

(नीचे दिए गए किसी भी प्लेयेर से सुनें)



  या फिर यहाँ से डाउनलोड करें 
"शब्दों के चाक पर" हमारे कवि मित्रों के लिए हर हफ्ते होती है एक नयी चुनौती, रचनात्मकता को संवारने  के लिए मौजूद होती है नयी संभावनाएँ और खुद को परखने और साबित करने के लिए तैयार मिलता है एक और रण का मैदान. यहाँ श्रोताओं के लिए भी हैं कवि मन की कोमल भावनाओं उमड़ता घुमड़ता मेघ समूह जो जब आवाज़ में ढलकर बरसता है तो ह्रदय की सूक्ष्म इन्द्रियों को ठडक से भर जाता है. तो दोस्तों, इससे पहले कि  हम पिछले हफ्ते की कविताओं को आत्मसात करें, आईये जान लें इस दिलचस्प खेल के नियम - 


1. इस साप्ताहिक कार्यक्रम में शब्दों का एक दिलचस्प खेल खेला जायेगा. इसमें कवियों को कोई एक थीम शब्द या चित्र दिया जायेगा जिस पर उन्हें कविता रचनी होगी...ये सिलसिला सोमवार सुबह से शुरू होगा और गुरूवार शाम तक चलेगा, जो भी कवि इसमें हिस्सा लेना चाहें वो रश्मि जी के फेसबुक ग्रुप में यहाँ जुड़ सकते है.

2. सोमवार से गुरूवार तक आई कविताओं को संकलित कर हमारे पोडकास्ट टीम के प्रमुख पिट्सबर्ग से अनुराग शर्मा जी अपने साथी पोडकास्टरों के साथ इन कविताओं में अपनी आवाज़ भरेंगें. और अपने दिलचस्प अंदाज़ में इसे पेश करेगें.

3. हमारी टीम अपने विवेक से सभी प्रतिभागी कवियों में से किसी एक कवि को उनकी किसी खास कविता के लिए सरताज कवि चुनेगी. आपने अपनी टिप्पणियों के माध्यम से यह बताना है कि क्या आपको हमारा निर्णय सटीक लगा, अगर नहीं तो वो कौन सी कविता जिसके कवि को आप सरताज कवि चुनते. 

4. किसी भी जानकारी के लिए आप हमारे संचालक विश्व दीपक जी से इस पते पर संपर्क कर सकते हैं-   vdeepaksingh@gmail.com 

9 टिप्‍पणियां:

Sajeev ने कहा…

बहुत बढ़िया प्रस्तुति अनुराग जी, पूरी टीम को बधाई

अनाम ने कहा…

Saraswati Mathur Says ...

अभिषेक ओझा जी , शैफाली गुप्ता की सुंदर सहज आवाज़ , स्क्रिप्ट लेखक विश्व दीपक जी और संयोजक वंदना गुप्ता,रश्मि जी अनुराग शर्माजी , सजीव सारथी जी को बहुत बहुत बधाई ..सुंदर प्रस्तुतीकरण के लिए ! शब्दों की चाक का इंतज़ार रहता है हर शुक्रवार को !..हर्षवर्धन जी को भी बधाई!

डॉ सरस्वती माथुर

अनाम ने कहा…

अभिषेक ओझा जी , शैफाली गुप्ता की सुंदर सहज आवाज़ , स्क्रिप्ट लेखक विश्व दीपक जी और संयोजक वंदना गुप्ता,रश्मि जी अनुराग शर्माजी , सजीव सारथी जी को बहुत बहुत बधाई ..सुंदर प्रस्तुतीकरण के लिए ! शब्दों की चाक का इंतज़ार रहता है हर शुक्रवार को !..हर्षवर्धन जी को भी बधाई!

डॉ सरस्वती माथुर

Archana Chaoji ने कहा…

बहुत असरदार प्रस्तुति....आभार पूरी टीम का व बधाई सभी को ...

अनाम ने कहा…

यहाँ आकर और कविताएँ सुनकर हमेशा एक अनोखा सा एहसास मन को सराबोर करता है.आप सब का बहुत बहुत शुक्रिया.

हर्षवर्द्धन वर्मा ने कहा…

यहाँ आकर और कविताएँ सुनकर हमेशा एक अनोखा सा एहसास मन को सराबोर करता है.आप सब का बहुत बहुत शुक्रिया. हर्षवर्द्धन वर्मा.

Rajesh Kumari ने कहा…

अभिषेक ओझा जी , शैफाली गुप्ता की सुंदर सहज आवाज़ , स्क्रिप्ट लेखक विश्व दीपक जी और संयोजक वंदना गुप्ता,रश्मि जी अनुराग शर्माजी , सजीव सारथी जी को बहुत बहुत बधाई ..हमेशा की तरह सुंदर प्रस्तुतीकरण के लिए ! शब्दों की चाक का इंतज़ार रहता है इस बार बहुत अधिक व्यस्त होने के कारण देर से सुन प् रही हूँ ..हर्षवर्धन जी को भी बधाई!अगले एपिसोड की इन्तजार में

vandan gupta ने कहा…

बहुत मेहनत , लगन और परिश्रम से आप सब अपनी प्रस्तुति देते हैं और आवाज़ मे भरा जादू रस घोल देता है कविताओं मे चार चाँद लगा देता है। हर्षवर्धन जी और पूरी टीम को बधाई।

Smart Indian ने कहा…

हर्षवर्द्धन जी को बधाई और सभी कवियों को शुभकामनायें!

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