शुक्रवार, 14 सितंबर 2012

शब्दों के चाक पर -जीवन चक्र के अभिमन्यु

जीवन चक्र के अभिमन्यु 

दोस्तों, ये जीवन भी तो किसी रण से कम नहीं है. यहाँ कोई अर्जुन है तो कोई दुशासन, कोई धोखे से छला गया करण है तो कोई चक्रव्यूह में फंसा अकेला लड़ता अभिमन्यु. जीवन चक्र के इसी महाभारत को दिन प्रतिदिन भोग रहे अभिमन्युओं की कहानियाँ बयां कर रहे हैं आज हमारे कवि मित्र. पोडकास्ट को आवाज़ दी है अभिषेक ओझा ओर शैफाली गुप्ता ने. स्क्रिप्ट रची है विश्व दीपक ने ओर संयोजन सहयोग है वंदना गुप्ता, अनुराग शर्मा ओर सजीव सारथी का, तो सुनिए सुनाईये ओर छा जाईये.

(नीचे दिए गए किसी भी प्लेयेर से सुनें)



  या फिर यहाँ से डाउनलोड करें 

"शब्दों के चाक पर" हमारे कवि मित्रों के लिए हर हफ्ते होती है एक नयी चुनौती, रचनात्मकता को संवारने  के लिए मौजूद होती है नयी संभावनाएँ और खुद को परखने और साबित करने के लिए तैयार मिलता है एक और रण का मैदान. यहाँ श्रोताओं के लिए भी हैं कवि मन की कोमल भावनाओं उमड़ता घुमड़ता मेघ समूह जो जब आवाज़ में ढलकर बरसता है तो ह्रदय की सूक्ष्म इन्द्रियों को ठडक से भर जाता है. तो दोस्तों, इससे पहले कि  हम पिछले हफ्ते की कविताओं को आत्मसात करें, आईये जान लें इस दिलचस्प खेल के नियम - 


1. इस साप्ताहिक कार्यक्रम में शब्दों का एक दिलचस्प खेल खेला जायेगा. इसमें कवियों को कोई एक थीम शब्द या चित्र दिया जायेगा जिस पर उन्हें कविता रचनी होगी...ये सिलसिला सोमवार सुबह से शुरू होगा और गुरूवार शाम तक चलेगा, जो भी कवि इसमें हिस्सा लेना चाहें वो रश्मि जी के फेसबुक ग्रुप में यहाँ जुड़ सकते है.

2. सोमवार से गुरूवार तक आई कविताओं को संकलित कर हमारे पोडकास्ट टीम के प्रमुख पिट्सबर्ग से अनुराग शर्मा जी अपने साथी पोडकास्टरों के साथ इन कविताओं में अपनी आवाज़ भरेंगें. और अपने दिलचस्प अंदाज़ में इसे पेश करेगें.

3. हमारी टीम अपने विवेक से सभी प्रतिभागी कवियों में से किसी एक कवि को उनकी किसी खास कविता के लिए सरताज कवि चुनेगी. आपने अपनी टिप्पणियों के माध्यम से यह बताना है कि क्या आपको हमारा निर्णय सटीक लगा, अगर नहीं तो वो कौन सी कविता जिसके कवि को आप सरताज कवि चुनते. 

4. किसी भी जानकारी के लिए आप हमारे संचालक विश्व दीपक जी से इस पते पर संपर्क कर सकते हैं-   vdeepaksingh@gmail.com 

3 टिप्‍पणियां:

Rajesh Kumari ने कहा…

आज का एपिसोड भी हमेशा की तरह बहुत शानदार लगा बल्कि साउंड पहले से स्पष्ट और बेहतर लगा अभिषेक ओझा जी और शेफाली गुप्ता जी की आवाजों का जादू हमेशा की तरह अपनी छाप छोड़ता है प्रोग्राम का बेक ग्राउंड म्युसिक दिल मोह लेने वाला है आज की कड़ी में गीत चयन उत्कृष्ट है सभी की कवितायेँ दिल पर छाप छोडती हैं रिया लव जी को हार्दिक बधाई साथ में इस प्रोग्राम के सभी सदस्यों ,अभिषेक ओझा जी ,अनुराग शर्मा जी ,रश्मि प्रभा जी ,सजीव सारथि जी ,विश्व दीपक जी शेफाली गुप्ता जी ,वंदना गुप्ता जी सभी को हार्दिक आभार एवं शुभकामनाएं और सभी लेखक लेखिकाओं को हार्दिक बधाई |

vandan gupta ने कहा…

हमेशा की तरह एक और शानदार प्रस्तुति …………आवाज़ के जादू से कवितायें और निखर निखर गयीं । पूरी टीम को और रिया जी को हार्दिक बधाई।

poonam ने कहा…

kitna sunder anubahv jab apne shbdo ko aap sabhi ki manmohak awaz mae sunana

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