Saturday, November 7, 2009

सभ्यता का रहस्य - प्रेमचंद

सुनो कहानी: प्रेमचंद की "सभ्यता का रहस्य"
'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में हिंदी साहित्यकार प्रेमचंद की हृदयस्पर्शी कहानी "घर-जमाई" का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं मुंशी प्रेमचंद की कहानी "सभ्यता का रहस्य", जिसको स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।

कहानी का कुल प्रसारण समय 15 मिनट 47 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।



मैं एक निर्धन अध्यापक हूँ...मेरे जीवन मैं ऐसा क्या ख़ास है जो मैं किसी से कहूं
~ मुंशी प्रेमचंद (१८८०-१९३६)

हर शनिवार को आवाज़ पर सुनें एक नयी कहानी

सभ्यता केवल हुनर के साथ ऐब करने का नाम है।
(प्रेमचंद की "सभ्यता का रहस्य" से एक अंश)




नीचे के प्लेयर से सुनें.
(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)


यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
VBR MP3
#Fourty Fifth Story, Sabhyata Ka Rahasya: Premchand/Hindi Audio Book/2009/39. Voice: Anurag Sharma

1 comment:

सजीव सारथी said...

कल शायद कहानी बहुत देर से पोस्ट हुई थी इसलिए आज ही सुन पाया...पहली बार इस कहानी का स्वाद लिए....आपका चुनाव भी जोरदार रहता है

The Radio Playback Originals (Click on the covers to reach out the Albums)



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