Monday, December 1, 2008

"मैं उस दिन गाऊंगा जिस दिन आप धारा प्रवाह हिन्दी बोल कर दिखायेंगे..."- प्रसून जोशी

सप्ताह की संगीत सुर्खियाँ (५)

साहित्य और संगीत एक एल्बम में

हिंद युग्म का पहला एल्बम "पहला सुर" कई मायनों में अनोखा था. इसमें पहली बार साहित्य और संगीत को एक धागे में पिरोकर प्रस्तुत किया गया था. बेशक ये बहुत बड़े पैमाने पर नही था पर सोच अपने समय से आगे की थी. इस बात की पुष्टि करता है टाईम्स म्यूजिक का नया एल्बम "द म्यूजिक ऑफ़ सुपरस्टार इंडिया". जो कि शोभा डे की लिखी पुस्तक "सुपरस्टार इंडिया" से प्रेरित है.संगीत का मोर्चा संभाला है मिति अधिकारी और नील अधिकारी ने जो मिलकर बनते हैं MANA. बंगाल के बाउल और राजस्थान के लंगास के मन लुभावने संगीत के बीचों बीच आप सुन सकते हैं शोभा की आवाज़ में पुस्तक के अंश भी. इन पारंपरिक गीतों को MANA ने बहुत आधुनिक अंदाज़ में प्रस्तुत किया है, यहाँ लाउंज भी है, रेग्गे भी, ट्रांस भी और क्लब भी, जो शायद हर पीढी को संगीत का आनंद भरपूर दे पायेगी. दुर्लभ संगीत अल्बम्स के संकलन के शौकीन संगीत प्रेमी इसे अवश्य खरीदें.


"सॉरी भाई" ये मेरा गाना है...

संगीत की चोरी का मामला एक बार फ़िर प्रकाश में हैं, आपको याद होगा किस प्रकार संगीतकार राम सम्पंथ ने निर्देशक राकेश रोशन को अदालत का दरवाज़ा दिखलाया था जब संगीतकार राजेश रोशन ने राम सम्पथ की धुन चुरा कर फ़िल्म "क्रेजी ४" में इस्तेमाल किया था. पॉप और सूफी गायक रब्बी ने आरोप लगाया है फ़िल्म 'सॉरी भाई' के एक गाने की धुन उनकी रचना की हुबहू नक़ल है. फ़िल्म के संगीतकार हैं गौरव दयाल. अदालत ने फ़िल्म के प्रदर्शन पर से तो रोक हटा ली है पर निर्माता वाशु भगनानी से जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया है. वाशु का कहना है कि उन्हें इस बाबत जानकारी नही थी. उन्हें गौरव ने धुन अपनी कह कर सुनवाई थी, पर वो रब्बी को जरूरी मुहवाजा देने को तैयार हैं, यदि उनकी बात सही पायी गई तो. आए दिन आने वाली चोरी की इन खबरों से संगीत जगत स्तब्ध है.


प्रसून एक गायक भी

गीतकार प्रसून के लिखे गीतों से हम सब वाकिफ हैं, पर बहुत कम लोग जानते है कि वो उन्होंने उस्ताद हफीज अहमद खान से शास्त्रीय संगीत की दीक्षा भी ले रखी है.उनके उस्ताद उन्हें ठुमरी गायक बनाना चाहते थे. उन दिनों को याद कर प्रसून बताते हैं कि उनके पास रियाज़ का समय नही होता था, तो बाईक पर घर लौटते समय गाते हुए आते थे और उनका हेलमेट उनके लिए "अकॉस्टिक" का काम करता था. प्रसून संगीत को अपना उपार्जन नही बना पाये. उनके पिता उन्हें प्रशासन अधिकारी बनाना चाहते थे पर ये उनका मिजाज़ नही था, तो MBA करने के बाद आखिरकार विज्ञापन की दुनिया में आकर उनकी रचनात्मकता को जमीन मिली. बचपन से उन्हें हिन्दी और उर्दू भाषा साहित्य में रूचि थी. उनके शहर रामपुर के एक पुस्तकालय में उर्दू शायरों का जबरदस्त संकलन मौजूद था. मात्र १७ साल की उम्र में उनका पहला काव्य संकलन आया. कविता अभी भी उनका पहला प्रेम है. प्रसून मानते हैं कि यदि संगीत के किसी एक घटक की बात की जाए जो आमो ख़ास सब तक पहुँचता हो और जहाँ हमने विश्व स्तर की निरंतरता बनाये रखी हो तो वो गीतकारी का घटक है. ५० के दशक से आज तक फ़िल्म जगत के गीतकारों ने गजब का काम किया है. "हम तुम", "फ़ना" और "तारे जमीन पर" जैसी फिल्मों के गीत लिख कर फ़िल्म फेयर पाने वाले प्रसून तारे ज़मीन पर के अपने सभी गीतों को अपनी बेटी ऐश्निया को समर्पित करते हैं, और बताते हैं कि किस तरह एक ८० साल के बूढे आदमी ने उनके लिखे "माँ" गीत की तारीफ करते हुए उनसे कहा था कि वो अपनी माँ को बचपन में ही खो चुके थे, गाने के बोल सुनकर उन्हें उनका बचपन याद आ गया. ऐ आर रहमान के साथ गजिनी में काम कर रहे प्रसून से जब रहमान गीत को आवाज़ देने की "गुजारिश" की तो प्रसून ने बड़ी आत्मीयता से कहा कि जिस दिन आप धाराप्रवाह हिन्दी बोलने लगेंगे उस दिन मैं आपके लिए अवश्य गाऊंगा.देखते हैं वो दिन कब आता है.


मैं ऐक्टर तो नही....मगर...

लीजिये एक और गायक /संगीतकार का काम अब एक्टिंग की दुनिया से जुड़ने वाला है. विश्वास कीजिये हमारे बप्पी दा यानी कि मशहूर संगीतकार और गायक बप्पी लहरी अब फिल्मों में अभिनय करते नज़र आयेंगे. "इट्स रोक्किंग दर्द ऐ डिस्को" नाम से बन रही इस फ़िल्म में बप्पी दा प्रमुख किरदार निभा रहे हैं साथ ही गायन और संगीत भी उन्हीं का है. इसके अलावा वो सलमान और करीना की आने वाली फ़िल्म "मैं और मिसेस खन्ना" में भी एक प्रमुख रोल में नज़र आयेंगे. चौकिये मत अभी ये सूची और लम्बी होने वाली है. इंडियन आइडल अभिजीत सावंत नज़र आयेंगें आने वाली फ़िल्म "लूटेरे" में, तो आनंद राज आनंद और सुखविंदर के भी बारे में भी ख़बर आई है कि वो भी जल्द ही फिल्मों अपना अभिनय कौशल दिखलायेंगे. लगता है हमारे संगीत सितारों को "हिमेशिया सरूर" हो गया है

2 comments:

neelam said...

prasoon joshi ji ne ye kaisi shart rakh di hai ,sangeet ki koi bhaasa nahi hoti prasoon ji ,jiska lekhan itna behtareen hai ,uski gaayki bhi kya khoob hogi ,ise majaak me n le aur ab ek gaana ho hi jaay rahmaan ji ke saath

neelam said...

sajjev ji humaari baat prasoon ji tak awasya
pahunchhhayen

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