सोमवार, 15 दिसंबर 2008

सुनिए बाल-कविता 'गिलहरी का घर'

आवाज़ पर बहुत दिनों से हम आपको कोई बाल-कविता नहीं सुनवा पाये थे, क्योंकि मीनू आंटी इन दिनों छुट्टी पर हैं।
लेकिन बच्चों के लिए यह काम करने का जिम्मा नीलम मिश्रा जी ने भी स्वीकारा है। नीलम आंटी बतौर अपने पहला प्रयास डॉ॰ हरिवंश राय बच्चन की कविता 'गिलहरी का घर' लेकर आई हैं। तो आप सुनिए, अपने घर के बच्चों को सुनवाइए और हमें बताइए कि कैसा लगा।

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8 टिप्‍पणियां:

राज भाटिय़ा ने कहा…

बहुत खुब मजा आ गया.
धन्यवाद

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन ने कहा…

बहुत अच्छी कविता, बधाई!

rahul ने कहा…

प्रथम प्रयास बहुत ही अच्छा है . इस आवाज को थोड़े प्रयास से प्रोफेशनल आवाज में ढाला जा सकता है. बच्चन जी की कविता को अच्छा कहने के लिए भी मैं बहुत छोटा हूँ

सीमा सचदेव ने कहा…

AAP KA PRYAAS SRAAHNEEYA HAI .NEELAM JI BAHUT-BAHUT BADHAAII ek ati sundar kavita ko aavaaz dene ke liye

annu ने कहा…

nice effort & good job
mann

भूपेन्द्र राघव । Bhupendra Raghav ने कहा…

आयी गिलहरी बच्चन जी की
ले नीलम जी की आवाज
सुन्दर सी कविता के ऊपर
सुन्दर गाने का अन्दाज ।

neelam ने कहा…

aawaj ko achcha bataane ke liye aap sabhi ka
bahut bahut shukriya.

KANDWAL ने कहा…

ati uttam sun kar maan parsan ho gaya...........

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