Sunday, August 31, 2008

पॉडकास्ट कवि सम्मेलन का दूसरा अंक

पॉडकास्ट के माध्यम से काव्य-पाठों का युग्मन


मृदुल कीर्ति
लीजिए हम एक बार पुनः हाज़िर हैं पॉडकास्ट कवि सम्मेलन का नया अंक लेकर। पॉडकास्ट कवि सम्मेलन भौगौलिक दूरियाँ कम करने का माध्यम है। पिछले महीने शुरू हुए इस आयोजन को मिली कामयाबी ने हमें दूसरी बार करने का दमखम दिया। पिछली बार के संचालन से हमारी एक श्रोता मृदुल कीर्ति बिल्कुल संतुष्ट नहीं थीं, उन्होंने हमसे संचालन करने का अवसर माँगा, हमने खुशी-खुशी उन्हें यह कार्य सौंपा और जो उत्पाद निकलकर आया, वो आपके सामने हैं। इस बार के पॉडकास्ट कवि सम्मेलन ने ग़ाज़ियाबाद से कमलप्रीत सिंह, धनवाद से पारूल, फ़रीदाबाद से शोभा महेन्द्रू, पिट्सबर्ग से अनुराग शर्मा, म॰प्र॰ से प्रदीप मानोरिया, पुणे से पीयूष के मिश्रा तथा अमेरिका से ही मृदुल कीर्ति को युग्मित किया है। इनके अतिरिक्त शिवानी सिंह और नीरा राजपाल की भी रिकॉर्डिंग प्राप्त हुई लेकिन एम्पलीफिकेशन के बावज़ूद स्वर बहुत धीमा रहा, इसलिए हम इन्हें शामिल न कर सके, जिसका हमें दुःख है।

नीचे के प्लेयरों से सुनें।

(ब्रॉडबैंड वाले यह प्लेयर चलायें)


(डायल-अप वाले यह प्लेयर चलायें)


यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंकों से डाऊनलोड कर लें (ऑडियो फ़ाइल तीन अलग-अलग फ़ॉरमेट में है, अपनी सुविधानुसार कोई एक फ़ॉरमेट चुनें)




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हम सभी कवियों से यह गुज़ारिश करते हैं कि अपनी आवाज़ में अपनी कविता/कविताएँ रिकॉर्ड करके podcast.hindyugm@gmail.com पर भेजें। आपकी ऑनलाइन न रहने की स्थिति में भी हम आपकी आवाज़ का समुचित इस्तेमाल करने की कोशिश करेंगे।

# Podcast Kavi Sammelan. Part 2. Month: Aug 2008.

10 comments:

शोभा said...

मृदुल कीर्ति जी,
बहुत सुन्दर रूप में कवि सम्मेलन प्रस्तुत किया है आपने। आपकी प्रस्तुति बहुत प्रभावी है।
वाह राजीव जी,
पारूल जी की कविता जितनी सुन्दर है उनकी आवाज़ उससे भी अधिक मधुर। आनन्द आगया।
पीयूष जी,
वाह बहुत बढ़िया । जो आनन्द प्राप्त हुआ है उसे शब्दों में बाँध पाना शायद सम्भव नहीं । बहुत खूब
कीर्ति जी मेरा नाम रितु बंसल नहीं शोभा महेन्द्रू है। आपने शायद ठीक से देखा नहीं।
अनुराग जी,
बहुत सुन्दर कविता पढ़ी है आपने। आभार
कमल प्रीत जी
आपकी कविता विचार तंद्रा बहुत अच्छी लगी। प्रस्तुति भी प्रभावी रही।
प्रदीप जी,
आपकी गज़ल बहुत अच्छी लगी ।
हिन्द युग्म को इस कवि सम्मेलन के लिए बधाई । अगली बार कुछ और कविताओं और नए कवियों की प्रतीक्षा रहेगी। सस्नेह

शोभा said...

युग्म के नियंत्रक से निवेदन है कि कवि सम्मेलन प्रकाशित करने से पहले कृपया सुन लिया करें और कवि का नाम सही बताएँ ।

Anonymous said...

वाह मृदुल जी ने इस प्रयास में जान डाल दी है, पारुल जी की मधुर आवाज़ में कमाल की ग़ज़ल सुनने को मिली, कवितायें सभी अच्छी लगी, पर संचालन सबसे बढ़िया लगा, उम्मीद करता हूँ कि आने वाले एपिसोड्स में कवियों कि संख्या बढेगी...और हम और बेहतर कर पाएंगे

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

अति सुंदर! सभी कवियों का काव्य पाठ सुनकर मज़ा आया. विश्व के अलग-अलग कोने में बैठे कवियों को एक साथ प्रस्तुत करने का यह अनूठा प्रयास सचमुच सराहनीय है. कवियों, संचालक और हिंद-युग्म को हार्दिक धन्यवाद!

rajesh said...

Mridul G ,
Namskar !!!!!

Kavita ka sa swar kanth pathh achha laga
Appki prastuti dil ko chhu gaya.

शैलेश भारतवासी said...

प्रस्तुति पसंद आई। पारूल जी ने अपनी कविता जिस तरह से पढ़ी है, उसने तो मन को बाँध लिया, मैंने पारूल जी का काव्य-पाठ कई बार सुना। सभी कवियों ने अपनी-अपनी कविताओं में जान फूँकी। इतना पड़ा पाठक वर्ग होने के बावज़ूद, इतनी कम कविताओं का आना सोचने पर विवश करता है। जल्द ही रिकॉर्ड करने के आसान तरीके के बारे में लिखूँगा।

पारुल "पुखराज" said...

sabhi mitron ko sun naa bahut munbhaayaa...niyantrak mahoday se ek vinti...mai dhanbaad se nahi balki bokaro se huun...kripya isey sahi kar den..aabhaar

Parthiv said...

यह एक अत्यंत सुन्दर और सराहनीय प्रयास है; आप सभी को हार्दिक बधाई और धन्यवाद......

प्रदीप मानोरिया said...

अनुराग शर्मा पारुल जी ऋतू किंतु वास्तव में शोभा महेन्द्रू जी सभी कवि और कवित्रियों की रचनाये अच्छी लगी . हिन्दयुग्म और सभी को बधाई

हकीम जी said...

सचमुच सराहनीय है

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