शुक्रवार, 20 मई 2011

दबंग सलमान खान "रेड्डी" हैं प्रीतम के साथ एक और संगीत धमाके के लिए

Taaza Sur Taal (TST) - 13/2011 - REDDY

दोस्तों एक बार फिर से मैं हाज़िर हूँ एक और नयी फिल्म के संगीत पर अपनी राय लेकर. आज हम बात करेंगें "दबंग" सलमान खान की आने वाली फिल्म – रेड्डी की. टी सिर्रिस के भूषण कुमार ने इस फिल्म के लिए विश्वास जताया है अपने दोस्त प्रीतम पर. और जाहिर प्रीतम ने उन्हें निराश नहीं किया है एक बार फिर, बल्कि अपने पेट्ट गायकों को लेकर शायद इस साल की सबसे बड़ी हिट अल्बम देने में भी कामियाब हुए हैं. चलिए बात करते हैं इस अल्बम के गीतों की.

कैरक्टर ढीला अल्बम का पहला गीत है, नीरज श्रीधर और अमृता काक की आवाजों में. अभी हाल ही में अनु मालिक ने इस फूट टेप्पिंग गीत के अंतरे की धुन अपने एक पुराने गीत से मिलता जुलता बताया था. खैर वो ९० का दशक था अनु मालिक का और अब जब प्रीतम की तूती बोल रही हो तो अनु की आवाज़ कौन सुने. खैर गीत का फिल्माकन देख कर लगता है कि सलमान इस गीत के माध्यम से राज कपूर, दिलीप कुमार और धमेन्द्र को टारगेट कर रहे हैं. पर यही तीन कलाकार ही क्यों कोई समझे तो कृपया बताएं. अमिताभ भट्टाचार्य के शब्द कुछ बहत प्रभावी नहीं लगे मुझे पर संगीत बीट्स और संयोजन इतना जबरदस्त है कि आपके कदम खुद बा खुद थिरकने लगेंगें.

अगला गीत अल्बम का सबसे मधुर गीत है, के के और तुलसी कुमार की युगल आवाजों के इस गीत में गजब का सुकून है. एक ट्रेंड की तरह अंग्रेजी पंक्तियाँ का इस्तेमाल यहाँ भी है, जिसे शायद नीरज ने निभाया है. टिपिकल बोलीवुड रोमांटिक गीत है ये, जिसे मेलोडी के कद्रदान अवश्य पसंद करेंगें. अगला गीत "धिन का चिका" जबरदस्त है और जब से इसके प्रोमो छोटे परदे पर दिख रहे हैं इस गीत ने करेक्टर ढीला से भी अधिक लोकप्रियता हासिल कर ली है. और क्यों न हो, इतना जबरदस्त फिल्मांकन किसी भी गीत का बहुत दिनों बाद देखने को मिला है. पूरी तरह से भारतीय अंदाज़ के इस गीत में मिका ने जैसे जान डाल दी है. अमृता काक के लिए उनकी बराबरी करना मुश्किल तो था ही पर फिर भी उन्होंने अच्छा साथ दिया है. ९० के दशक की एक और फिल्म "ख़ामोशी द म्युसिकल" के एक गीत "बाजा" से प्रेरित है ये गीत पर इसमें इसकी अपनी ओरिजेनलिटी भी है और इसके मूल संगीतकार देवी श्री प्रसाद निश्चित ही इस गीत पर फक्र महसूस कर सकते हैं. वैसे मेरी बधाई गीत के कोरियोग्राफ़र को भी जिन्होंने इस गीत इतना शानदार फिल्मांकन दिया. यहाँ बोल लिखे हैं आशीष पंडित ने.

अल्बम का चौथा और अंतिम ओरिजिनल गीत एक पंजाबी शादी वाला है जिसमें राहत साहब की आवाज़ सुनियी देती है, साथ है तुलसी कुमार. गीत एक और टिपिकल बोलीवुड सरीखा पंजाबी गीत है जिसमें बेशक कुछ नयापन नहीं है पर एनर्जी खूब है. कुल मिलकर रेड्डी के संगीत में पकड़ है, मसाला है और एक हिट अल्बम होने के सभी गुण मौजूद हैं. ऊपर से सलमान का एक्स फेक्टर जो किसी भी फिल्म के लिए एक बूस्ट है, आपको याद होगा कि दबंग के गीत भी (मुन्नी के आलावा) फिल्म के प्रदर्शन के बाद अधिक लोकप्रिय हुए थे, और यहाँ भी अगर ऐसा हो तो कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए.

श्रेष्ठ गीत – "हमको प्यार हुआ", "धिनका चिका"
आवाज़ रेटिंग – ७.५/१०

फिल्म के गीत आप यहाँ सुन सकते हैं



अक्सर हम लोगों को कहते हुए सुनते हैं कि आजकल के गीतों में वो बात नहीं। "ताजा सुर ताल" शृंखला का उद्देश्य इसी भ्रम को तोड़ना है। आज भी बहुत बढ़िया और सार्थक संगीत बन रहा है, और ढेरों युवा संगीत योद्धा तमाम दबाबों में रहकर भी अच्छा संगीत रच रहे हैं, बस ज़रूरत है उन्हें ज़रा खंगालने की। हमारा दावा है कि हमारी इस शृंखला में प्रस्तुत गीतों को सुनकर पुराने संगीत के दीवाने श्रोता भी हमसे सहमत अवश्य होंगें, क्योंकि पुराना अगर "गोल्ड" है तो नए भी किसी कोहिनूर से कम नहीं।

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