शनिवार, 15 मई 2010

सुनो कहानी: पंकज सुबीर की कहानी तुम लोग

तुम लोग - पंकज सुबीर

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं रोचक कहानियां, नई और पुरानी। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में हरिशंकर परसाई की दर्दनाक कहानी "बाबू की बदली" का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं पंकज सुबीर की कहानी "तुम लोग", जिसको स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। कहानी का कुल प्रसारण समय है: 15 मिनट 58 सेकंड।

प्रस्तुत कहानी का टेक्स्ट सुखनवर पत्रिका के मार्च-अप्रैल अंक में उपलब्ध है।

पंकज सुबीर की कहानियां पलाश और ईस्ट इंडिया कम्पनी आप पहले ही आवाज़ पर सुन चुके हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।



एक एक रंग को खूबसूरती के साथ सजाया है प्रकृति ने इसकी पंखुरियों पर, बीच में ज़र्द पीले रंग का छींटा, फ़िर सिंदूरी और किनारों पर कहीं कहीं चटख़ लाल, संपूर्णता का एहसास लिये।
~ पंकज सुबीर

हर शनिवार को आवाज़ पर सुनें एक नयी कहानी

अरे पंडित! जब मरोगे न, तब यहीं के लोग दौड़ेंगे सबसे पहले।
(पंकज सुबीर की "तुम लोग" से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.
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यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंकों से डाऊनलोड कर लें।
VBR MP364Kbps MP3Ogg Vorbis

#Twenty Eighth Story, Tum Log: Pankaj Subeer/Hindi Audio Book/2010/09. Voice: Anurag Sharma

3 टिप्‍पणियां:

Rajeev Bharol ने कहा…

बहुत अच्छी कहानी. बहुत अच्छी लगी.
गुरूजी सुबीर जी का हर कार्य प्रशंसनीय होता है.

Udan Tashtari ने कहा…

पढ़ तो चुका था...सुनकर आनन्द आ गया. सुखनवर में पढ़ी थी. गुरुदेव की कहानियों की लीला अपरंम्पार होती है.

tonyrome ने कहा…

a inspiring story of friendship and understanding read with warmth and captivating style by anurag. enjoyed the rendition very much.

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