Saturday, February 27, 2010

सुनो कहानी: हमारा मुल्क - इब्ने इंशा

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में असगर वज़ाहत की एक कहानी "आग" का पॉडकास्ट सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं इब्ने इंशा की लघुकथा "हमारा मुल्क", जिसको स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।

कहानी "हमारा मुल्क" का कुल प्रसारण समय 1 मिनट 19 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

इस कथा का टेक्स्ट नवभारत टाइम्स पर उपलब्ध है।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।



और तो कोई बस न चलेगा हिज्र के दर्द के मारों का।
~ इब्ने इंशा
(1927-1978)

हर शनिवार को आवाज़ पर सुनें एक नयी कहानी

नहीं, इसमें पाकिस्तानी कौम नहीं रहती।
(इब्ने इंशा की "हमारा मुल्क" से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.
(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)


यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
VBR MP3
#Sixty Second Story, Hamara Mulk: Ibne Insha/Hindi Audio Book/2010/7. Voice: Anurag Sharma

2 comments:

निर्मला कपिला said...

बहुत अच्छी लगी ये कहानी अनुराग शर्मा जी और हिन्द युग्म का धन्यवाद होली की सब को शुभकामनायें

सजीव सारथी said...

वाह क्या कहानी है, बहुत बढ़िया

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