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बोलती कहानियाँ - सुमन पाटिल का व्यंग्य चमचासन

इस लोकप्रिय स्तम्भ "बोलती कहानियाँ" के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा के स्वर में प्रसिद्ध फिल्म इतिहासकार, पत्रकार और लेखक शिशिर कृष्ण शर्मा द्वारा कश्मीर के मार्मिक हालात पर लिखित हृदयस्पर्शी कहानी "खत जो लिखा नहीं गया" सुना था।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं सुमन पाटिल द्वारा लिखित व्यंग्य चमचासन जिसे स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।

प्रस्तुत व्यंग्य का गद्य "सुरभित सुमन" ब्लॉग पर उपलब्ध है। "चमचासन" का कुल प्रसारण समय 3 मिनट 31 सेकंड है। सुनिए और बताइये कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।





गाओ इसलिए कि कर्म है गीत
गाओ इसलिए कि धर्म है गीत
गाओ इसलिए कि प्रेम है गीत
गाओ इसलिए कि अहोभाव है गीत
गाओ इसलिए कि जीवन है गीत
 ~ सुमन पाटिल

हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी

"अपने किचन में घंटों खपती है भांति-भांति के स्वादिष्ट व्यंजन बनाती है ... ”
 (सुमन पाटिल कृत "चमचासन" से एक अंश)


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यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
चमचासन MP3

#29th Story, Chamchasan: Suman Patil Hindi Audio Book/2013/29. Voice: Anurag Sharma

Comments

aawaj nahi sunaai de rahi hai ...anurag jee ..
सुमन जी ने बहुत ही सटीक व्यंग लिखा है चमचासन, बहुत आनंद आया इसे आपकी आवाज में सुनकर, शुभकामनाएं.

रामराम.
Suman said…
आदरणीय अनुराग जी,
आज जैसे ही मैंने अपना लैपटॉप खोला सबसे पहले आपका मेल जिसमे मेरे व्यंग्य"चमचासन" को आपकी आवाज देने का जिक्र था,सच में आप अंदाजा नहीं लगा सकते मुझे कितनी प्रसन्नता हुई, मै और मेरी बिटिया ने साथ मिलकर सुना,बहुत सुन्दर लगा बिटिया भी खूब हंस रही थी सुनकर कहने लगी "ममा मेरी तरफ से भी अंकल जी को थैंक्स कह दो वाकई उनकी आवाज बहुत सुन्दर है" बहुत बहुत आभार अनुराग जी आपकी आवाज ने मेरा व्यंग्य लिखना सार्थक कर दिया … सुबह सुबह बढ़िया सरप्राईज दिया है :)
निशा जी,
ऑडियो में कोई समस्या नहीं है। आप प्लेयर पर बने स्पीकर के चिह्न को क्लिक करके देखिये कि कहीं प्लेयर "म्यूट" तो नहीं। अन्यथा, कंप्यूटर की ऑडियो सेटिंग भी म्यूट पर हो सकती है।
सुमन जी,
आभार तो आपके शब्दों का है। आप लिखती हैं तभी हम पढ़ सकते हैं :)
सुमन जी को बधाई , अनुराग शर्मा की मधुर आवाज़ इस मोड में पहली बार सुनी ... :)
इतन सारे चमचे भी साथ ..
हा..हा..हा..हा...
Darshan jangra said…
बहुत सुन्दर प्रस्तुति.. आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी पोस्ट हिंदी ब्लॉग समूह में सामिल की गयी और आप की इस प्रविष्टि की चर्चा कल - बृहस्पतिवार- 29/08/2013 को
हिंदी ब्लॉग समूह चर्चा-अंकः8 पर लिंक की गयी है , ताकि अधिक से अधिक लोग आपकी रचना पढ़ सकें . कृपया आप भी पधारें, सादर .... Darshan jangra

वाह अनुराग जी.. कितनी व्यंगात्मक प्रस्तुती - सुमनजी को बधाईयां.
Smart Indian said…
जी, आभार!
चमचों की भरमार है आजकल!
बहुत सटीक

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