शनिवार, 31 अगस्त 2013

सिने पहेली – 78

सिने पहेली – 78

  
सिने पहेली के 78 वें अंक में आप सभी प्रतिभागियों का स्वागत है. 

क्या सवाल कठिन थे इस बार भी? हमने तो अपनी तरफ से हिंट दिए थे और सोचा था कि सभी लोग पूर्ण अंक प्राप्त कर पाएंगे. चलिए इस बार कोशिश करिए निशाना लगाने की.

प्रकाश जी बच गए आप इस बारअगर आपने समय रहते जवाब ठीक नहीं करा होता तो आपका एक अंक कट गया होता. 

इन्दू जी केवल उपस्थिति दर्ज करवाने से काम नहीं चलेगा. एक सवाल का उत्तर देना तो अन्याय है हमारे साथ और जावेद जी आप कहाँ चले गए इस बार?

सरताज प्रतियोगी का ख़िताब इस बार फिर से मिला है पंकज मुकेश जी  को.  बधाई आपको. पंकज मुकेश जी और प्रकाश गोविन्द जी में कांटे की टक्कर चल रही है.

नोवें सेगमेंट से (81 वीं कड़ी ) प्रतियोगिता को दिलचस्प बनाने के लिए हमने 1 अतिरिक्त अंक का प्रावधान करा है. ये 1 अतिरिक्त अंक मिलेगा सरताज प्रतियोगी को. सरताज प्रतियोगी बनने के लिए आपको सारे सवालों के सही जवाब सभी लोगों से पहले देने होंगे.

 इस बार आपसे केवल 4 सवाल पूछे जायेंगे और सवालों के अंक है पूरे 17.

आज की पहेली के लिए आप सबको शुभकामनाएँ.

इस बार के प्रतियोगियों के अंक आप सवालों के बाद देख सकते हैं.

इस अंक से प्रतियोगिता में जुड़ने वाले नये खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए हम उन्हें यह भी बताना चाहेंगे कि अभी भी कुछ देर नहीं हुई है. आज से इस प्रतियोगिता में जुड़ कर भी आप महाविजेता बन सकते हैं. यही इस प्रतियोगिता की विशेषता है. इस प्रतियोगिता के नियमों का उल्लेख नीचे किया गया है, ध्यान दीजियेगा.

तो  आइए, आरम्भ करते हैं, आज की पहेली का सिलसिला.


आज की पहेली



सवाल-1: पहचानिए तो सही  (4 अंक)
इस दृश्य को ध्यान से देखिये और इस पर आधारित सवालों के उत्तर दीजिये.
  1. आपको पहचानना है कि ये किस गाने का दृश्य है. (2 अंक) 
  2. फिल्म के निर्देशक का नाम बताइए ( 1 अंक) 
  3.  इस गाने के संगीतकार का नाम बताइए (1 अंक)



सवाल 2: गाना कौन सा? (5 अंक)
इस गाने के मुखड़े की धुन को ध्यान से सुनिए और निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिये.
  1. यह किस गाने की  धुन है (2 अंक). 
  2.  फिल्म का नाम (1 अंक) 
  3.  इस गाने का संगीत किसने दिया है. (1 अंक). 
  4.  गायक का नाम बताइए (1 अंक).

    इसके लिए कोई हिंट नहीं दिया जा रहा इस बार.


सवाल-3: मैं कौन हूँ  (4 अंक)
मैं एक मशहूर अभिनेत्री रही हूँ. मैंने अपना फ़िल्मी सफर मराठी फिल्मों से करा. मैं  फिल्म निर्माता और निर्देशिका भी रही हूँ. उन फिल्मों से मेरी बेटियों का हिन्दी फिल्म सफर प्रारम्भ हुआ और दोनों ही बहुत सफल अभिनेत्री रहीं. मेरी चार पीढियां फ़िल्मी परदे पर आ चुकी हैं. मैंने और मेरी बेटी दोनों ने इस दुनिया को कैंसर के कारण अलविदा कहा.
  1. मुझे पहचानिए (२ अंक)
  2. मेरी पहली पीढी के कलाकार का नाम बताइए (२ अंक)

सवाल-4: बूझो तो जाने (4 अंक)
हम आपको सुनवा रहे हैं एक गाने की सिर्फ एक लाइन.
  1. आपको गाने को पहचानना है (1 अंक)
  2. संगीतकार का नाम (2 अंक)
  3. फिल्म का नाम ( 1 अंक)



जवाब भेजने का तरीका


उपर पूछे गए सवालों के जवाब एक ही ई-मेल में टाइप करके cine.paheli@yahoo.com के पते पर भेजें। 'टिप्पणी' में जवाब कतई न लिखें, वो मान्य नहीं होंगे। ईमेल के सब्जेक्ट लाइन में "Cine Paheli # 78" अवश्य लिखें, और अंत में अपना नाम व स्थान लिखें। आपका ईमेल हमें बृहस्पतिवार 5 सितम्बर, शाम 5 बजे तक अवश्य मिल जाने चाहिए। इसके बाद प्राप्त होने वाली प्रविष्टियों को शामिल नहीं किया जाएगा।


पिछली पहेली का हल
 
प्रश्न 1: बाट चलत नई चुनरी रंग डाली , आर. सुदर्शनम और धनी राम, राजिन्दर कृष्ण
प्रश्न 2: प्रेम धवन , प्राइवेट सेकेट्री ,  अशोक कुमार (गाना - जा रे बेईमान तुझे जान लिया )
प्रश्न 3: यश चोपड़ा,सुधा मल्होत्रा, एन . दत्ता (गाना - कासे कहूं मन की बात )
प्रश्न 4: लाल मोहम्मद,  स्वामी रामानंद, के.एल.सहगल  (गाना - रानी खोल दे अपने द्वार, मिलने का दिन आ गया )
प्रश्न 5: शैलेन्द्र, मुकेश, सुनील दत्त और वहीदा रहमान    (गाना - मतवाली नार ठुमक ठुमक चली जाए)

पिछली पहेली के विजेता

सिने पहेली – 77 के विजेताओं के नाम और उनके प्राप्तांक निम्नवत हैं।


1- पंकज मुकेश, बैंगलुरु – 15 अंक

2- प्रकाश गोविन्द, लखनऊ – 15 अंक

3-विजय कुमार व्यास, बीकानेर - 12 अंक

4-क्षिती तिवारी , जबलपुर - 12 अंक 

5- चन्द्रकान्त दीक्षित, लखनऊ  – 6 अंक

6 - इन्दू  पुरी, चित्तोडगढ - 3 अंक 






आठवें  सेगमेण्ट का  स्कोरकार्ड





नये प्रतियोगियों का आह्वान

नये प्रतियोगी, जो इस मज़ेदार खेल से जुड़ना चाहते हैं, उनके लिए हम यह बता दें कि अभी भी देर नहीं हुई है। इस प्रतियोगिता के नियम कुछ ऐसे हैं कि किसी भी समय जुड़ने वाले प्रतियोगी के लिए भी पूरा-पूरा मौका है महाविजेता बनने का। अगले सप्ताह से नया सेगमेण्ट शुरू हो रहा है, इसलिए नये खिलाड़ियों का आज हम एक बार फिर आह्वान करते हैं। अपने मित्रों, दफ़्तर के साथी, और रिश्तेदारों को 'सिने पहेली' के बारे में बताएँ और इसमें भाग लेने का परामर्श दें। नियमित रूप से इस प्रतियोगिता में भाग लेकर महाविजेता बनने पर आपके नाम हो सकता है 5000 रुपये का नगद इनाम।


कैसे बना जाए ‘सिने पहेली महाविजेता'

1. सिने पहेली प्रतियोगिता में होंगे कुल 100 एपिसोड्स। इन 100 एपिसोड्स को 10 सेगमेण्ट्स में बाँटा गया है। अर्थात्, हर सेगमेण्ट में होंगे 10 एपिसोड्स।

2. प्रत्येक सेगमेण्ट में प्रत्येक खिलाड़ी के 10 एपिसोड्स के अंक जुड़े जायेंगे, और सर्वाधिक अंक पाने वाले तीन खिलाड़ियों को सेगमेण्ट विजेताओं के रूप में चुन लिया जाएगा।

3. इन तीन विजेताओं के नाम दर्ज हो जायेंगे 'महाविजेता स्कोरकार्ड' में। सेगमेण्ट में प्रथम स्थान पाने वाले को 'महाविजेता स्कोरकार्ड' में 3 अंक, द्वितीय स्थान पाने वाले को 2 अंक, और तृतीय स्थान पाने वाले को 1 अंक दिया जायेगा। सातवें सेगमेण्ट की समाप्ति तक 'महाविजेता स्कोरकार्ड' यह रहा...

4. 10 सेगमेण्ट पूरे होने पर 'महाविजेता स्कोरकार्ड' में दर्ज खिलाड़ियों में सर्वोच्च पाँच खिलाड़ियों में होगा एक ही एपिसोड का एक महा-मुकाबला, यानी 'सिने पहेली' का फ़ाइनल मैच। इसमें पूछे जायेंगे कुछ बेहद मुश्किल सवाल, और इसी फ़ाइनल मैच के आधार पर घोषित होगा 'सिने पहेली महाविजेता' का नाम।


'सिने पहेली' को और भी ज़्यादा मज़ेदार बनाने के लिए अगर आपके पास भी कोई सुझाव है तो 'सिने पहेली' के ईमेल आइडी cine.paheli@yahoo.com पर अवश्य लिखें। आप सब भाग लेते रहिए, इस प्रतियोगिता का आनन्द लेते रहिए, क्योंकि महाविजेता बनने की लड़ाई अभी बहुत लम्बी है। आज के एपिसोड से जुड़ने वाले प्रतियोगियों के लिए भी 100% सम्भावना है महाविजेता बनने का। इसलिए मन लगाकर और नियमित रूप से (बिना किसी एपिसोड को मिस किए) सुलझाते रहिए हमारी सिने-पहेली, करते रहिए यह सिने मंथन, आज के लिए मुझे अनुमति दीजिए, अगले सप्ताह फिर मुलाक़ात होगी, नमस्कार।
  


प्रस्तुति : अमित तिवारी 


8 टिप्‍पणियां:

प्रकाश गोविंद ने कहा…

"बाट चलत नई चुनरी रंग डाली …"
यहाँ अगर मैंने 'बाट' की जगह 'बात' लिख दिया तो आप नंबर काट लेंगे ?
:-) :-) :-)
अगर मैं इसे रोमन में ही लिख देता - "Baat Chalat Nai Chunari Rang Daali"
तब आप कैसे पता करते कि मैंने 'बात' लिखा है या 'बाट' ???
यानी हिंदी में लिखने से परहेज किया जाए ?
क्यों रिस्क लिया जाए ?
-
-
सबसे पहले जवाब भेजने वाले को एक अंक अतिरिक्त दिया जाएगा !
अब जब कि 77 पहेलियों का महासफ़र तय हो चुका है तो आप एक बार फिर से बीच में नया नियम लागू कर रहे हैं ?
क्या ये उचित है ?
इससे पहले की 77 पहेलियों में प्रतियोगियों द्वारा भेजे गए जवाबों का कोई मूल्यांकन नहीं ?
जाने किस-किस तरह से प्रतियोगी दुनिया भर की परेशानियों के बावजूद पहेली में हिस्सा लेते हैं !
कभी लाईट नहीं आ रही, कभी नेट नहीं आ रहा है, कभी इतना नेट स्लो है कि आपकी पहेली का प्लेयर ही नहीं खुल रहा, कभी कंप्यूटर ही खराब है, कभी तबियत सही नहीं, कभी कंप्यूटर से दूरी है !
ऐसे में सबसे पहले जवाब भेजने का क्या मतलब ?
वैसे भी आपकी तरफ से समय सीमा पहले से तय है, आप उसे कम कर सकते हैं !

Sajeev ने कहा…

प्रकाश जी कोई भी दौड हो, अंतिम चरण में उसे और भी दिलचस्प और घातक बनाने के लिए आयोजक उसमें कुछ अप्रत्याक्षित बदलाव करते रहते हैं, एक बेहद अच्छे और सच्चे प्रतिभागी होने के नाते आपको इसे एक नई चुनौती समझकर स्वीकार करना चाहिय. इस तरह की अजीबो गरीब शिकायतें आपको शोभा नहीं देते...समय सीमा अभी जो है फिलहाल वही रहेगी पर आखिरी एपिसोडों तक आते आते क्या हो, ये अभी से नहीं कहा जा सकता. कुछ बातें आयोजकों के अधिकार क्षेत्र में है इसे आप हम तक ही रहने दें

Pankaj Mukesh ने कहा…

Mere hisaab se, is mod par ab aayojkon ko koi naya niyam nahin banana chahiye. Agar cine paheli ko interesting banana hai to question mein koi twist karein na ki 77 episode se chale aa rahe niyam mein badlaw lake. hamein achhe se yaad hai Sujoy ji ne bahut saare TWIST dale they cine paheli mein jo hum sabhi ko bahut chakkar mein dalta raha...Haan agar aayojakon ko agar wakai lagata hai ki- "IS TARAH" ke fer-badal se cine paheli intersting ho skta hai to swagat hai, magar pahle sabhi pratiyogiyon ki raay/opinion to leni hi chahiye!!!at least top 5 logon ka....I ,mean voting, just like 50th episode (whether to be repeated or not).
Main Prakash ji se sahamat hoon. halanki aisaa karne se mujhe shayad fayada mil jayega, masalan ab meri Ph.D. complete ho gayi hai aur main saturday-sunday free rahata hoon to mere liye sartaaj pratiyogi ka mauka mil jata hai. aur agar aisaa 71st episod se huwa hota to sayad top pe mera naam hota. magar ye sab chance ki batein hain... jaroori nahin ki hamesha main free rahun aur jaisaa ki Prakash ji ne mention kiya hai har kisi ke saath koi na koi problem ho sakti, pata nahin kis city main kaun banda baithe ye sab problem face kar raha ho. For example in month of may i was in my city Varanasi instead of Bangalore. And there were lot of problems around me..finally i decided to send my answers through SMS which later get refused.
Is tara se logon ko problem ho jayegi aur hamare khud ke official work bhi disturb ho sakta hai, kyonki aap log hi likate hain ki "cine-paheli ke pratiyogin se niwedan hai ki ise jyada seriously na lein, aap logon ke important work ko disturn nahin kare".
Wakai Hum log cine paheli ko seriously lete hain. Magar answers mil jaane par jo sukoon milta hai uska sukh hum hi log jaantey hai.
Ek aur anurodh-Cine paheli ke 100 episod hone ke baad stop mat kariyega!!ise phir se naye tarike se start kariyega, aur us waqt jo bhi pher-badal karna hoga, hum sabhi accept kareinge!!!aur haan ho sake to koi prize mat rakhiyega!!!
Sorry if i couldn't reached at someone's opinion.
Thanx,

प्रकाश गोविंद ने कहा…

सही है जी
आप लोग पहेली को घातक बनाते रहिये
मेरे ऊपर कोई फर्क नहीं पड़ता
यह बात मैंने सभी प्रतियोगिओं के हित में कही थी
इस तरह कोई भी नियम कभी भी बीच में लाया जाना अच्छा नहीं है !
कल को आप यह भी कह सकते हैं कि जिसका जवाब अंत में मिलेगा उसके अंक काटे जाएँगे !

मेरी सारी शिकायतें अजीबो-गरीब हैं ?
यानी किसी प्रतियोगी का कंप्यूटर खराब नहीं होता, किसी का भी नेट खराब या स्लो नहीं होता, कहीं भी लाईट नहीं जाती …. ठीक है जी

यह आप का ब्लॉग है आप की पहेली है, आपका आयोजन है, और अपनी सहूलियत के लिए और किसी प्रतियोगी विशेष को आगे या पीछे करने के लिए आप जब चाहे नियम बदल सकते हैं !
इसका एक उदाहरण भी पिछली पहेली में मिला जब गीत की पंक्ति में 'बाट 'को 'बात' टाइप हो जाने से आप एक अंक काट देना चाहते थे !

वैसे भी ही इस देश में शिकायत करने की परंपरा नहीं है, जब अन्य प्रतियोगी शांत हैं तो मुझे ही क्या तकलीफ है !
आपको जो शोभा दे वही करिए … स्वागत है

सादर

प्रकाश गोविंद ने कहा…

पंकज मुकेश जी ने एकदम सही कहा
बल्कि मैं तो कहता हूँ इस आयोजन से ही प्राईज मनी हटा ली जाए
सब सही हो जाएगा
क्यूंकि प्रतियोगियों में तो ज़रा भी नहीं लेकिन आयोजकों में बहुत ज्यादा हडबडाहट है

Mr.M.Daruwala ने कहा…

Here we see very funny and bad attitude of the quiz organizers.
Who changes rules in the last round of any race?
Do you know Mr Sarthi what are rules regulations of any single sport?
forget about conducting a competition!

It is very clearly understood with the change in rules 'anytime between the rounds' that they want 'someone' to gain and 'someone' to loose .
I want to know [may be others also] How will other participants know whose replies reached earlier?
Are you going to publish his/her email with time stamp?
If you will NOT do that then one can doubt that you added one extra mark for 'anyone' of your choice.
No transparency will be in this quiz.
You are losing trust Mr. Organiser.
Participants who are tight lipped on the issue are part of our 'common public' who believe in 'sab chalta hai' attitude!


Mahendra ने कहा…

प्रकाशजी और पंकजजी ने बिल्‍कुल सही कहा है और दारूवालाजी ने तो स्‍पष्‍ट भी कर दिया । दरअसल इस पहेली के आयोजक इस पहेली का विजेता अपनी पंसद के व्‍यक्ति को ही बनाना चाहते हैं। मैंने भी इस पहेली में हिस्‍सा लिया था । लेकिन एपिसोड 50 के दौरान हुई की गई कारगुजारियों से मन खिन्‍न हो गया और मैंने और एक और प्रतियोगी गौतम केवलियाजी ने इस पहेली को हमेशा हमेशा के लिए छोड दिया । मेरे ख्‍याल से आयोजक अगर इसी तरह नियमों में बदलाव करके अपने पंसद के व्‍यक्ति को ही विजेता घोषित करना चाहते हैं तो अभी से उसे विजेता घोषित करके पहेली को बन्‍द कर देना चाहिए ।

प्रकाश गोविंद ने कहा…


श्री दारूवाला जी और महेन्द्र जी आप दोनों से ही सहमत हूँ
-
-
जब पहेली स्टार्ट हुयी थी तब कहा गया कि 'पचास अंकों' के बाद महा विजेता घोषित किया जाएगा
[मेरे पास स्क्रीन शाट भी हैं]
जब मैं लगातार तीन सेगमेंट में जीत गया तो अचानक ही 'सौ अंकों' का नए नियम बना दिया गया !
कोई कुछ नहीं बोला
पहेली चलती रही
-
उसके बाद अचानक ही नया फार्मूला थोप दिया गया कि 'टॉप फाईव' के बीच महा मुकाबला होगा !
कोई कुछ नहीं बोला
-
आगे क्या ऐसा संभव नहीं कि लास्ट सेगमेंट में घोषणा कर दी जाए - 'पहेली अब दो सौ या ढाई सौ अंकों की होगी'
या अंतिम चरण के पहले व्यस्तता की बात या कुछ और कह के पहेली ही स्थगित कर दी जाए !
जब तानाशाही ही करनी है तो कुछ भी संभव है

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