Friday, June 1, 2012

बालकवि बैरागी की कहानी "बाइज्जत बरी"

'बोलती कहानियाँ' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने युवा लेखक गिरिजेश राव की कहानी ""गुम्मी"" का पॉडकास्ट अनुराग शर्मा की आवाज़ में सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं श्री बालकवि बैरागी की कहानी "बाइज्जत बरी", जिसको स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने। कहानी "बाइज्जत बरी" का कुल प्रसारण समय 4 मिनट 7 सेकंड है।

सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

इस कथा का टेक्स्ट एकोऽहम् पर उपलब्ध है।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।

"जब हिन्दी के सामने ही अस्तित्व का संकट है तो बोलियों की सुरक्षा के लिये तो हमें ही आगे आना होगा।"
~ बालकवि बैरागी

हर हफ्ते रेडियो प्लेबैक पर सुनें एक नयी कहानी

"एक तो तस्कर और पुलिस की मिली-भगत और दूसरी - खुद को चतुर-चालाक, सक्षम और कुशल साबित करने का उत्साह।"
(बालकवि बैरागी की कहानी "बाइज्जत बरी" से एक अंश)

नीचे के प्लेयर से सुनें.
(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)

यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
VBR MP3
#19th Story, Baizzat Bari: Balkavi Bairagi/Hindi Audio Book/2012/19. Voice: Anurag Sharma

5 comments:

Sajeev said...

nice story, great reading

विष्णु बैरागी said...

अनुरागजी! अवाक् हूँ कहानी सुनकर। यह तो मेरे लिए कल्‍पनातीत है। आपने मानो शरीर को प्राण दे दिए। बहुत कुछ कहना चाह रहा हूँ किन्‍तु प्रसन्‍नता के आवेग मे ऑंखें धुँधला रही हैं। आपको अकूत आभार और धन्‍यवाद।

Smart Indian said...

आभार विष्णु जी! शुक्रिया सजीव!

कृष्णमोहन said...

तुलसी माता और सूरज देवता को साक्षी मान कर उत्तर माँगने वाला प्रसंग, मेरी आँखों को नम कर गया। कथाकार बालकवि वैरागी और वाचक अनुराग जी का हृदय से आभार।

प्रकाश गोविंद said...

यह कहानी मुंशी प्रेमचंद जी के समय की प्रतीत होती है ....या कह सकते हैं कि बलराज साहनी और भारत भूषण के समय की ! कहानी में नाटकीयता लगी !
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अनुराग शर्मा जी ने कहानी को सुनाया बेहतरीन ढंग से है !

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