Saturday, May 14, 2011

अनुराग शर्मा की कहानी "घर और बाहर"

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की कहानी "खून दो" का पॉडकास्ट अनुराग शर्मा की आवाज़ में सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं अनुराग शर्मा की एक सामयिक कहानी "घर और बाहर", जिसको स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने। कहानी "घर और बाहर" का कुल प्रसारण समय 1 मिनट 55 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

इस कथा का टेक्स्ट बर्ग वार्ता ब्लॉग पर उपलब्ध है।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।

कहानी कहानी होती है, उसमें लेखक की आत्मकथा ढूँढना ज्यादती है।
~ अनुराग शर्मा

हर शनिवार को आवाज़ पर सुनें एक नयी कहानी
"कामरेड के चमचे जनता को विश्वास दिला रहे थे कि क्रांति दरवाज़े तक तो आ ही चुकी है। जिस दिन इलाके के स्कूल, कारखाने और थाने को आग लगा दी जायेगी, क्रांति का प्रकाश जीवन को आलोकित कर देगा।"
(अनुराग शर्मा की "घर और बाहर" से एक अंश)


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यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
VBR MP3
#129th Story, Ghar Aur Bahar: Anurag Sharma/Hindi Audio Book/2011/10. Voice: Anurag Sharma

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